कर्ज पर चिदंबरम
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अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने, पैसे जुटाने के लिए चिदंबरम ने दिए सरकार को टिप्स
- Sunday September 6, 2020
- Reported by: भाषा
P. Chidambaram: अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के उपायों के तहत, उन्होंने राज्यों की माल एवं सेवा कर (जीएसटी) क्षतिपूर्ति का भुगतान करने के अलावा, 50 प्रतिशत गरीब परिवारों को नकद हस्तांतरित करने, उन्हें खाद्यान्न देने और बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ाने की मांग की.
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कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने डूबे कर्ज पर RBI को दी सलाह- भगोड़ों से वसूल नहीं किए जा सके लोन को...
- Thursday April 30, 2020
- Edited by: राहुल सिंह
पूर्व वित्त मंत्री ने पहले ट्वीट में लिखा, "कर्ज़माफी या बट्टेखाते में डाले जाने पर बहस अप्रासंगिक है, जो लोग इससे बहुत खुश होंगे, वे हैं नीरव मोदी, मेहुल चौकसी और विजय माल्या. नियम इंसानों ने ही बनाए हैं. अगर कोई नियम बनाया जा सकता है, तो उसे खत्म भी किया जा सकता है."
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बीजेपी ने राहुल गांधी पर कसा तंज, कहा - पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष को पी. चिदंबरम से ‘‘ट्यूशन’’ लेना चाहिए
- Wednesday April 29, 2020
- Reported by: भाषा
राहुल गांधी पर तंज करते हुए भाजपा ने बुधवार को कहा कि पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष को कर्ज ‘‘बट्टे खाते में डालने’’ और ‘‘माफ करने’’ के बीच अंतर समझने के लिये पूर्व वित्त मंत्री और अपनी पार्टी के सहयोगी पी चिदंबरम से ‘‘ट्यूशन’’ लेना चाहिए. भाजपा ने जोर दे कर कहा कि मोदी सरकार ने किसी का ऋण माफ नहीं किया है. भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, ‘‘ राहुल गांधी को कर्ज ‘बट्टे खाते में डालने’ और ‘माफ करने’ के बीच अंतर समझने के लिये पी चिदंबरम से ट्यूशन लेना चाहिए.’’
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वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने पी चिदंबरम पर किया पलटवार, कहा- UPA सरकार के ‘स्व-नियुक्त सक्षम डॉक्टरों’ ने बैंकों के संकट को बढ़ा दिया
- Friday March 6, 2020
- Reported by: भाषा, Edited by: सचिन झा शेखर
कांग्रेस की अगुवाई वाली संप्रग सरकार मई, 2004 में सत्ता में आई थी. चिदंबरम तब वित्त मंत्री थे. रिजर्व बैंक द्वारा येस बैंक के निदेशक मंडल को भंग किए जाने के बाद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीतारमण ने कहा कि संकट में फंसे येस बैंक द्वारा कई बड़ी कंपनियों को 2014 से काफी पहले कर्ज दिया गया था.
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कांग्रेस का घोषणा-पत्र: किसानों के लिए होगा अलग बजट, कर्ज नहीं चुकाया तो नहीं जाएंगे जेल, 10 बड़ी बातें
- Tuesday April 2, 2019
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
कांग्रेस (Congress) अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने लोकसभा चुनाव के लिए अपनी पार्टी का घोषणा पत्र जारी कर दिया है. इस दौरान यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री एके एंटनी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी सहित पार्टी के पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद थे. घोषणा पत्र जारी करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि जब हमने एक साल पहले घोषणा पत्र को लेकर प्रक्रिया शुरू की थी तो मैंने पी. चिदंबरम और राजीव गौड़ा को दो बातें कही थीं. मैंने कहा था कि यह बंद कमरे में बनाया हुआ घोषणा पत्र नहीं होना चाहिए. इसमें भारत के लोगों की बातें होनी चाहिए. दूसरी यह सच्चाई पर आधारित होना चाहिए, इसमें एक भी बात झूठ पर आधारित नहीं होना चाहिए. हम लोग हमारे प्रधानमंत्री से रोजाना झूठ सुनते रहते हैं. कमेटी ने इन दोनों बातों पर अच्छे से काम किया है.
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प्रधानमंत्री जी, बैंकों के लाखों करोड़ न चुकाने वाली कंपनियां कौन हैं, मालिक कौन हैं?
- Thursday September 13, 2018
- रवीश कुमार
क्या प्रधानमंत्री उन कंपनियों के नाम ले सकते हैं जिन्होंने भारत की जनता के जमा पैसे से सस्ती दरों पर लोन लिया और उस लोन का दस लाख करोड़ बैंकों को वापस नहीं किया? क्या वित्त मंत्री उन कंपनियों के नाम ले सकते हैं? क्या अमित शाह नाम ले सकते हैं? क्या कांग्रेस से राहुल गांधी, चिदंबरम नाम ले सकते हैं? जब ये दोनों नेता लोन लेकर भागने वालों के नाम नहीं ले सकते हैं तो फिर ये बहस हो किस चीज़ की रही है?
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पीएम मोदी ने कहा- यूपीए के समय एक फोन पर कर्ज दिया जाता था, पी. चिदंबरम ने पूछा- 2014 के बाद क्या हुआ
- Sunday September 2, 2018
- भाषा
यूपीए शासनकाल में दिए गए कर्ज पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने रविवार को पूछा कि एनडीए सरकार को यह बताना चाहिए कि उनके समय में दिए गए कितने कर्ज डूब गए. कांग्रेस नेता ने इस संबंध में कई ट्वीट किए. उन्होंने अपने ट्वीट में कहा, ''मई 2014 के बाद कितना कर्ज दिया गया और उनमें से कितनी राशि डूब (नॉन पर्फोर्मिंग एसेट्स) गई. चिदंबरम ने कहा कि यह सवाल संसद में पूछा गया लेकिन अब तक इस पर कोई जवाब नहीं आया है.
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बड़े बकायेदारों पर नजर रखें बैंक : चिदंबरम
- Tuesday October 22, 2013
- Bhasha
केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने मंगलवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को एक करोड़ रुपये से ज्यादा ऋण लेने वाले बकायेदारों पर नजर रखने के लिए कहा। ऐसे बकायेदारों के कारण बैंकों की अनुपयोगी संपत्ति (एनपीए) बढ़ती जा रही है।
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बड़े डिफॉल्टर पर ध्यान केन्द्रित करें बैंक : चिदंबरम
- Wednesday July 3, 2013
- Bhasha
बैंकों की कर्ज में फंसी राशि (एनपीए) लगातार बढ़ने से चिंतित सरकार ने आज बैंकों से कहा है कि वह समय पर कर्ज नहीं लौटाने वाले बड़े कर्जदारों (डिफॉल्टर) पर ध्यान केन्द्रित कर और उनके खिलाफ कारवाई करें।
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अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने, पैसे जुटाने के लिए चिदंबरम ने दिए सरकार को टिप्स
- Sunday September 6, 2020
- Reported by: भाषा
P. Chidambaram: अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के उपायों के तहत, उन्होंने राज्यों की माल एवं सेवा कर (जीएसटी) क्षतिपूर्ति का भुगतान करने के अलावा, 50 प्रतिशत गरीब परिवारों को नकद हस्तांतरित करने, उन्हें खाद्यान्न देने और बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ाने की मांग की.
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कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने डूबे कर्ज पर RBI को दी सलाह- भगोड़ों से वसूल नहीं किए जा सके लोन को...
- Thursday April 30, 2020
- Edited by: राहुल सिंह
पूर्व वित्त मंत्री ने पहले ट्वीट में लिखा, "कर्ज़माफी या बट्टेखाते में डाले जाने पर बहस अप्रासंगिक है, जो लोग इससे बहुत खुश होंगे, वे हैं नीरव मोदी, मेहुल चौकसी और विजय माल्या. नियम इंसानों ने ही बनाए हैं. अगर कोई नियम बनाया जा सकता है, तो उसे खत्म भी किया जा सकता है."
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बीजेपी ने राहुल गांधी पर कसा तंज, कहा - पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष को पी. चिदंबरम से ‘‘ट्यूशन’’ लेना चाहिए
- Wednesday April 29, 2020
- Reported by: भाषा
राहुल गांधी पर तंज करते हुए भाजपा ने बुधवार को कहा कि पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष को कर्ज ‘‘बट्टे खाते में डालने’’ और ‘‘माफ करने’’ के बीच अंतर समझने के लिये पूर्व वित्त मंत्री और अपनी पार्टी के सहयोगी पी चिदंबरम से ‘‘ट्यूशन’’ लेना चाहिए. भाजपा ने जोर दे कर कहा कि मोदी सरकार ने किसी का ऋण माफ नहीं किया है. भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, ‘‘ राहुल गांधी को कर्ज ‘बट्टे खाते में डालने’ और ‘माफ करने’ के बीच अंतर समझने के लिये पी चिदंबरम से ट्यूशन लेना चाहिए.’’
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वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने पी चिदंबरम पर किया पलटवार, कहा- UPA सरकार के ‘स्व-नियुक्त सक्षम डॉक्टरों’ ने बैंकों के संकट को बढ़ा दिया
- Friday March 6, 2020
- Reported by: भाषा, Edited by: सचिन झा शेखर
कांग्रेस की अगुवाई वाली संप्रग सरकार मई, 2004 में सत्ता में आई थी. चिदंबरम तब वित्त मंत्री थे. रिजर्व बैंक द्वारा येस बैंक के निदेशक मंडल को भंग किए जाने के बाद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीतारमण ने कहा कि संकट में फंसे येस बैंक द्वारा कई बड़ी कंपनियों को 2014 से काफी पहले कर्ज दिया गया था.
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कांग्रेस का घोषणा-पत्र: किसानों के लिए होगा अलग बजट, कर्ज नहीं चुकाया तो नहीं जाएंगे जेल, 10 बड़ी बातें
- Tuesday April 2, 2019
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
कांग्रेस (Congress) अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने लोकसभा चुनाव के लिए अपनी पार्टी का घोषणा पत्र जारी कर दिया है. इस दौरान यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री एके एंटनी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी सहित पार्टी के पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद थे. घोषणा पत्र जारी करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि जब हमने एक साल पहले घोषणा पत्र को लेकर प्रक्रिया शुरू की थी तो मैंने पी. चिदंबरम और राजीव गौड़ा को दो बातें कही थीं. मैंने कहा था कि यह बंद कमरे में बनाया हुआ घोषणा पत्र नहीं होना चाहिए. इसमें भारत के लोगों की बातें होनी चाहिए. दूसरी यह सच्चाई पर आधारित होना चाहिए, इसमें एक भी बात झूठ पर आधारित नहीं होना चाहिए. हम लोग हमारे प्रधानमंत्री से रोजाना झूठ सुनते रहते हैं. कमेटी ने इन दोनों बातों पर अच्छे से काम किया है.
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प्रधानमंत्री जी, बैंकों के लाखों करोड़ न चुकाने वाली कंपनियां कौन हैं, मालिक कौन हैं?
- Thursday September 13, 2018
- रवीश कुमार
क्या प्रधानमंत्री उन कंपनियों के नाम ले सकते हैं जिन्होंने भारत की जनता के जमा पैसे से सस्ती दरों पर लोन लिया और उस लोन का दस लाख करोड़ बैंकों को वापस नहीं किया? क्या वित्त मंत्री उन कंपनियों के नाम ले सकते हैं? क्या अमित शाह नाम ले सकते हैं? क्या कांग्रेस से राहुल गांधी, चिदंबरम नाम ले सकते हैं? जब ये दोनों नेता लोन लेकर भागने वालों के नाम नहीं ले सकते हैं तो फिर ये बहस हो किस चीज़ की रही है?
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पीएम मोदी ने कहा- यूपीए के समय एक फोन पर कर्ज दिया जाता था, पी. चिदंबरम ने पूछा- 2014 के बाद क्या हुआ
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यूपीए शासनकाल में दिए गए कर्ज पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने रविवार को पूछा कि एनडीए सरकार को यह बताना चाहिए कि उनके समय में दिए गए कितने कर्ज डूब गए. कांग्रेस नेता ने इस संबंध में कई ट्वीट किए. उन्होंने अपने ट्वीट में कहा, ''मई 2014 के बाद कितना कर्ज दिया गया और उनमें से कितनी राशि डूब (नॉन पर्फोर्मिंग एसेट्स) गई. चिदंबरम ने कहा कि यह सवाल संसद में पूछा गया लेकिन अब तक इस पर कोई जवाब नहीं आया है.
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बड़े बकायेदारों पर नजर रखें बैंक : चिदंबरम
- Tuesday October 22, 2013
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केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने मंगलवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को एक करोड़ रुपये से ज्यादा ऋण लेने वाले बकायेदारों पर नजर रखने के लिए कहा। ऐसे बकायेदारों के कारण बैंकों की अनुपयोगी संपत्ति (एनपीए) बढ़ती जा रही है।
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बड़े डिफॉल्टर पर ध्यान केन्द्रित करें बैंक : चिदंबरम
- Wednesday July 3, 2013
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बैंकों की कर्ज में फंसी राशि (एनपीए) लगातार बढ़ने से चिंतित सरकार ने आज बैंकों से कहा है कि वह समय पर कर्ज नहीं लौटाने वाले बड़े कर्जदारों (डिफॉल्टर) पर ध्यान केन्द्रित कर और उनके खिलाफ कारवाई करें।
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