विज्ञापन

Government Farmer Organizations

'Government Farmer Organizations' - 10 News Result(s)
  • एक और ईमानदार कोशिश हो : SKM ने किसानों से की केंद्र के बातचीत का ऑफर कबूलने की अपील

    एक और ईमानदार कोशिश हो : SKM ने किसानों से की केंद्र के बातचीत का ऑफर कबूलने की अपील

    हन्‍नान मोल्‍लाह ने कहा, "एसकेएम (गैर राजनीतिक) को भी बातचीत के लिए तैयार होना चाहिए, लेकिन बातचीत स्वामीनाथन कमीशन की सिफारिश को लागू करने पर होनी चाहिए."

  • किसानों ने आंदोलन ख़त्म करने का ऐलान किया, 11 दिसंबर से लौटेंगे घर

    किसानों ने आंदोलन ख़त्म करने का ऐलान किया, 11 दिसंबर से लौटेंगे घर

    किसानों ने एक वर्ष से अधिक समय से चल रहा अपना आंदोलन ख़त्म करने का ऐलान किया है. 11 तारीख़ से किसान वापसी शुरू कर देंगे.

  • किसान संगठनों ने सरकार का नया प्रस्ताव स्वीकार किया, आज हो सकती है आंदोलन खत्‍म करने की घोषणा

    किसान संगठनों ने सरकार का नया प्रस्ताव स्वीकार किया, आज हो सकती है आंदोलन खत्‍म करने की घोषणा

    केंद्र सरकार (Union Government) के दूसरे प्रस्ताव पर किसान संगठनों में सहमति बन गई है. किसान संगठनों ने सरकार का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है. संयुक्त किसान मोर्चा (Sanyukta Kisan Morcha) आज दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे आंदोलन (Farmers Protest) को ख़त्म करने की घोषणा कर सकता है. सरकार ने किसान आंदोलन के दौरान अलग-अलग राज्यों में हुई एफआईआर (FIR) को तुरंत प्रभाव से रद्द करने की बात मान ली है. 

  • किसानों को कमेटी नहीं कमिटमेंट चाहिए

    किसानों को कमेटी नहीं कमिटमेंट चाहिए

    भारत में कृषि कानूनों को वापस लेने के बाद श्रीलंका के किसानों को भी एक बड़ी जीत मिली है. पिछले साल जुलाई में वहां की सरकार ने अचानक फैसला लिया कि रसायनिक खेती नहीं होगी. श्रीलंका सौ फीसदी आर्गेनिक खेती वाला देश बनेगा. इसी के साथ रसायनिक खाद से लेकर दवा के आयात और बिक्री पर रोक लगा दी गई. नीयत के हिसाब से देखिए तो इस फैसले में अच्छाई ही अच्छाई है लेकिन कई साल से रासायनिक खेती को बढ़ावा देने वाली सरकार रातों रात अगर अच्छी नीयत अपना ले तो संदेह गहरा हो जाता है.

  • लखनऊ में महापंचायत, किसान संगठनों के फिलहाल कदम पीछे खींचने के आसार नहीं

    लखनऊ में महापंचायत, किसान संगठनों के फिलहाल कदम पीछे खींचने के आसार नहीं

    लखनऊ में हुई किसान महापंचायत में किसानों ने कहा कि खेती के काले क़ानून वापस करना ही काफ़ी नहीं है, जब तक एमएसपी गारंटी क़ानून नहीं बनता और पहले से तैयार किसान विरोधी विधेयक रद्द नहीं किए जाते तब तक उनका आंदोलन चलता रहेगा. लखनऊ की किसान महापंचायत में बड़ी तादाद में किसान जुटे. खेती के नए कानून वापस लेने के प्रधानमंत्री के ऐलान के बाद यह किसानों की पहली महापंचायत थी.संयुक्त किसान मोर्चा में शामिल तमाम संगठनों के किसान यहां पहुंचे.पंचायत में किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों की मांगें हैं कि काला कृषि कानून वापस हो, एमएसपी गारंटी कानून बने, बिजली संशोधन विधेयक वापस हो, बीज विधेयक का ड्राफ्ट रद्द हो, पराली जलाने को अपराध से बाहर करें और दस साल से पुराना ट्रैक्टर चलाने की छूट हो.

  • संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, आंदोलनरत किसानों की छह मांगें रखीं

    संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, आंदोलनरत किसानों की छह मांगें रखीं

    विवादित कृष‍ि कानूनों के खिलाफ पिछले एक साल से किसानों का आंदोलन जारी है. मोदी सरकार ने शुक्रवार को इन कानूनों को वापस लेने की घोषणा कर दी है लेकिन किसानों का कहना है कि जब तक सरकार संसद में इन कानूनों को वापस नहीं लेती तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा और वे तब तक दिल्‍ली की सीमाओं से नहीं हटेंगे. साथ ही किसानों ने कहा है कि उनकी केवल वही एक मांग नहीं थी. पीएम मोदी ने कृष‍ि कानूनों को वापस लेने की घोषणा करते हुए आंदोलनकारी किसानों से वापस लौट जाने की अपील भी की थी. अब किसानों ने प्रधानमंत्री को खुला खत लिखकर उनके सामने कुछ मांगें रखी हैं. संयुक्‍त किसान मोर्चा ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में कहा है कि सरकार को तुरंत किसानों से वार्ता बहाल करनी चाहिए, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. मोर्चा ने कहा कि आपके संबोधन में किसानों की प्रमुख मांगों पर ठोस घोषणा की कमी के कारण किसान निराश हैं. 

  • सरकार-किसान संगठनों की वार्ता तय कार्यक्रम के मुताबिक शुक्रवार को होगी : नरेंद्र सिंह तोमर

    सरकार-किसान संगठनों की वार्ता तय कार्यक्रम के मुताबिक शुक्रवार को होगी : नरेंद्र सिंह तोमर

    केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रदर्शनकारी किसान संगठनों और सरकार के बीच नौवें दौर की वार्ता तय कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को होगी और केंद्र को उम्मीद है कि चर्चा सकारात्मक होगी.

  • किसानों को विपक्ष की ओर से गुमराह किए जाने के आरोप पर बोले किसान नेता- 'अगर वो मजबूत होते तो..'

    किसानों को विपक्ष की ओर से गुमराह किए जाने के आरोप पर बोले किसान नेता- 'अगर वो मजबूत होते तो..'

    मंगलवार को प्रमुख किसान संगठन भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने एक मजबूत संदेश दिया. उन्होंने न्यूज एजेंसी ANI से कहा कि 'अगर विपक्ष इतना मजबूत होता तो किसानों को आंदोलन करने की क्या जरूरत थी?'

  • किसान संगठनों ने कहा- सरकार बरगला रही, अब हम एनडीए के नेताओं का घेराव करेंगे

    किसान संगठनों ने कहा- सरकार बरगला रही, अब हम एनडीए के नेताओं का घेराव करेंगे

    सिंघू बॉर्डर पर किसान मजदूर संघर्ष समिति के नेता सरवन सिंह पंढेर (Sarwan Singh Pandher) ने आज कहा कि ''सरकार ने कृषि कानूनों पर अपना रुख साफ कर दिया है कि वह उन्हें वापस नहीं लेगी. सरकार ने पत्र जारी किया है जिसमें कहा है कि यदि किसान कानूनों (Farm Laws) में संशोधन चाहते हैं तो वे बातचीत के लिए समय और तारीख तय करके बताएं. यह सरकार का आगे बढ़ने वाला एक कदम नहीं है, बल्कि किसानों को बरगलाए जाने का एक तरीका है. एक सामान्य व्यक्ति यही सोचेगा कि किसान जिद्दी हैं लेकिन तथ्य यह है कि हम कृषि कानूनों में संशोधन नहीं चाहते हैं, हम चाहते हैं कि वे पूरी तरह से रद्द किए जाएं.'' दूसरी ओर संयुक्त किसान मोर्चे ने आंदोलन तेज करने और बीजेपी (BJP) और एनडीए (NDA) के नेताओं का घेराव करने की चेतावनी दी है.

  • सिंघु बार्डर पर किसान संगठनों की बैठक ख़त्म, बोले - लगता नहीं, सरकार कानून वापस लेने के मूड में; 10 बातें

    सिंघु बार्डर पर किसान संगठनों की बैठक ख़त्म, बोले - लगता नहीं, सरकार कानून वापस लेने के मूड में; 10 बातें

    मंगलवार को केंद्र के साथ बातचीत बेनतीजा रहने के बाद किसानों के मुख्य संगठनों ने एक बार फिर आज मीटिंग बुलाई थी. सिंघु बॉर्डर पर यह बैठक चार घंटे तक चली. किसान संगठनों की तरफ से शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेन्स कर बैठक में लिए गए फैसले के बारे में बताया जाएगा. माना जा रहा है कि किसान बैठक में अगली रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं.साथ ही गुरुवार को होने वाली केंद्र सरकार के साथ बैठक के लिए बातचीत के बिन्दुओं पर भी चर्चा हो रही है. मंगलवार को किसानों ने केंद्र सरकार द्वारा कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत किसानों के मुद्दों पर विचार विमर्श के लिए एक समिति गठित करने की  पेशकश ठुकरा दिया था. हालांकि, दोनों पक्ष बृहस्पतिवार को फिर से बैठक को लेकर सहमत हुये हैं.

'Government Farmer Organizations' - 10 News Result(s)
  • एक और ईमानदार कोशिश हो : SKM ने किसानों से की केंद्र के बातचीत का ऑफर कबूलने की अपील

    एक और ईमानदार कोशिश हो : SKM ने किसानों से की केंद्र के बातचीत का ऑफर कबूलने की अपील

    हन्‍नान मोल्‍लाह ने कहा, "एसकेएम (गैर राजनीतिक) को भी बातचीत के लिए तैयार होना चाहिए, लेकिन बातचीत स्वामीनाथन कमीशन की सिफारिश को लागू करने पर होनी चाहिए."

  • किसानों ने आंदोलन ख़त्म करने का ऐलान किया, 11 दिसंबर से लौटेंगे घर

    किसानों ने आंदोलन ख़त्म करने का ऐलान किया, 11 दिसंबर से लौटेंगे घर

    किसानों ने एक वर्ष से अधिक समय से चल रहा अपना आंदोलन ख़त्म करने का ऐलान किया है. 11 तारीख़ से किसान वापसी शुरू कर देंगे.

  • किसान संगठनों ने सरकार का नया प्रस्ताव स्वीकार किया, आज हो सकती है आंदोलन खत्‍म करने की घोषणा

    किसान संगठनों ने सरकार का नया प्रस्ताव स्वीकार किया, आज हो सकती है आंदोलन खत्‍म करने की घोषणा

    केंद्र सरकार (Union Government) के दूसरे प्रस्ताव पर किसान संगठनों में सहमति बन गई है. किसान संगठनों ने सरकार का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है. संयुक्त किसान मोर्चा (Sanyukta Kisan Morcha) आज दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे आंदोलन (Farmers Protest) को ख़त्म करने की घोषणा कर सकता है. सरकार ने किसान आंदोलन के दौरान अलग-अलग राज्यों में हुई एफआईआर (FIR) को तुरंत प्रभाव से रद्द करने की बात मान ली है. 

  • किसानों को कमेटी नहीं कमिटमेंट चाहिए

    किसानों को कमेटी नहीं कमिटमेंट चाहिए

    भारत में कृषि कानूनों को वापस लेने के बाद श्रीलंका के किसानों को भी एक बड़ी जीत मिली है. पिछले साल जुलाई में वहां की सरकार ने अचानक फैसला लिया कि रसायनिक खेती नहीं होगी. श्रीलंका सौ फीसदी आर्गेनिक खेती वाला देश बनेगा. इसी के साथ रसायनिक खाद से लेकर दवा के आयात और बिक्री पर रोक लगा दी गई. नीयत के हिसाब से देखिए तो इस फैसले में अच्छाई ही अच्छाई है लेकिन कई साल से रासायनिक खेती को बढ़ावा देने वाली सरकार रातों रात अगर अच्छी नीयत अपना ले तो संदेह गहरा हो जाता है.

  • लखनऊ में महापंचायत, किसान संगठनों के फिलहाल कदम पीछे खींचने के आसार नहीं

    लखनऊ में महापंचायत, किसान संगठनों के फिलहाल कदम पीछे खींचने के आसार नहीं

    लखनऊ में हुई किसान महापंचायत में किसानों ने कहा कि खेती के काले क़ानून वापस करना ही काफ़ी नहीं है, जब तक एमएसपी गारंटी क़ानून नहीं बनता और पहले से तैयार किसान विरोधी विधेयक रद्द नहीं किए जाते तब तक उनका आंदोलन चलता रहेगा. लखनऊ की किसान महापंचायत में बड़ी तादाद में किसान जुटे. खेती के नए कानून वापस लेने के प्रधानमंत्री के ऐलान के बाद यह किसानों की पहली महापंचायत थी.संयुक्त किसान मोर्चा में शामिल तमाम संगठनों के किसान यहां पहुंचे.पंचायत में किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों की मांगें हैं कि काला कृषि कानून वापस हो, एमएसपी गारंटी कानून बने, बिजली संशोधन विधेयक वापस हो, बीज विधेयक का ड्राफ्ट रद्द हो, पराली जलाने को अपराध से बाहर करें और दस साल से पुराना ट्रैक्टर चलाने की छूट हो.

  • संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, आंदोलनरत किसानों की छह मांगें रखीं

    संयुक्त किसान मोर्चा ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, आंदोलनरत किसानों की छह मांगें रखीं

    विवादित कृष‍ि कानूनों के खिलाफ पिछले एक साल से किसानों का आंदोलन जारी है. मोदी सरकार ने शुक्रवार को इन कानूनों को वापस लेने की घोषणा कर दी है लेकिन किसानों का कहना है कि जब तक सरकार संसद में इन कानूनों को वापस नहीं लेती तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा और वे तब तक दिल्‍ली की सीमाओं से नहीं हटेंगे. साथ ही किसानों ने कहा है कि उनकी केवल वही एक मांग नहीं थी. पीएम मोदी ने कृष‍ि कानूनों को वापस लेने की घोषणा करते हुए आंदोलनकारी किसानों से वापस लौट जाने की अपील भी की थी. अब किसानों ने प्रधानमंत्री को खुला खत लिखकर उनके सामने कुछ मांगें रखी हैं. संयुक्‍त किसान मोर्चा ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में कहा है कि सरकार को तुरंत किसानों से वार्ता बहाल करनी चाहिए, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. मोर्चा ने कहा कि आपके संबोधन में किसानों की प्रमुख मांगों पर ठोस घोषणा की कमी के कारण किसान निराश हैं. 

  • सरकार-किसान संगठनों की वार्ता तय कार्यक्रम के मुताबिक शुक्रवार को होगी : नरेंद्र सिंह तोमर

    सरकार-किसान संगठनों की वार्ता तय कार्यक्रम के मुताबिक शुक्रवार को होगी : नरेंद्र सिंह तोमर

    केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रदर्शनकारी किसान संगठनों और सरकार के बीच नौवें दौर की वार्ता तय कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को होगी और केंद्र को उम्मीद है कि चर्चा सकारात्मक होगी.

  • किसानों को विपक्ष की ओर से गुमराह किए जाने के आरोप पर बोले किसान नेता- 'अगर वो मजबूत होते तो..'

    किसानों को विपक्ष की ओर से गुमराह किए जाने के आरोप पर बोले किसान नेता- 'अगर वो मजबूत होते तो..'

    मंगलवार को प्रमुख किसान संगठन भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने एक मजबूत संदेश दिया. उन्होंने न्यूज एजेंसी ANI से कहा कि 'अगर विपक्ष इतना मजबूत होता तो किसानों को आंदोलन करने की क्या जरूरत थी?'

  • किसान संगठनों ने कहा- सरकार बरगला रही, अब हम एनडीए के नेताओं का घेराव करेंगे

    किसान संगठनों ने कहा- सरकार बरगला रही, अब हम एनडीए के नेताओं का घेराव करेंगे

    सिंघू बॉर्डर पर किसान मजदूर संघर्ष समिति के नेता सरवन सिंह पंढेर (Sarwan Singh Pandher) ने आज कहा कि ''सरकार ने कृषि कानूनों पर अपना रुख साफ कर दिया है कि वह उन्हें वापस नहीं लेगी. सरकार ने पत्र जारी किया है जिसमें कहा है कि यदि किसान कानूनों (Farm Laws) में संशोधन चाहते हैं तो वे बातचीत के लिए समय और तारीख तय करके बताएं. यह सरकार का आगे बढ़ने वाला एक कदम नहीं है, बल्कि किसानों को बरगलाए जाने का एक तरीका है. एक सामान्य व्यक्ति यही सोचेगा कि किसान जिद्दी हैं लेकिन तथ्य यह है कि हम कृषि कानूनों में संशोधन नहीं चाहते हैं, हम चाहते हैं कि वे पूरी तरह से रद्द किए जाएं.'' दूसरी ओर संयुक्त किसान मोर्चे ने आंदोलन तेज करने और बीजेपी (BJP) और एनडीए (NDA) के नेताओं का घेराव करने की चेतावनी दी है.

  • सिंघु बार्डर पर किसान संगठनों की बैठक ख़त्म, बोले - लगता नहीं, सरकार कानून वापस लेने के मूड में; 10 बातें

    सिंघु बार्डर पर किसान संगठनों की बैठक ख़त्म, बोले - लगता नहीं, सरकार कानून वापस लेने के मूड में; 10 बातें

    मंगलवार को केंद्र के साथ बातचीत बेनतीजा रहने के बाद किसानों के मुख्य संगठनों ने एक बार फिर आज मीटिंग बुलाई थी. सिंघु बॉर्डर पर यह बैठक चार घंटे तक चली. किसान संगठनों की तरफ से शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेन्स कर बैठक में लिए गए फैसले के बारे में बताया जाएगा. माना जा रहा है कि किसान बैठक में अगली रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं.साथ ही गुरुवार को होने वाली केंद्र सरकार के साथ बैठक के लिए बातचीत के बिन्दुओं पर भी चर्चा हो रही है. मंगलवार को किसानों ने केंद्र सरकार द्वारा कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत किसानों के मुद्दों पर विचार विमर्श के लिए एक समिति गठित करने की  पेशकश ठुकरा दिया था. हालांकि, दोनों पक्ष बृहस्पतिवार को फिर से बैठक को लेकर सहमत हुये हैं.