Bhagat Singh Memorial Foundation
- सब
- ख़बरें
-
पाकिस्तान में दिखा शहीद भगत सिंह के प्रति प्रेम, सर्वोच्च वीरता पदक ‘निशान-ए-हैदर’ देने की उठी आवाज
- Thursday January 18, 2018
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
भारत के वीर सपूत और शहीद-ए-आजम को पाकिस्तान में वहां का सर्वोच्च वीरता पदक देने की मांग जोर पकड़ने लगी है. पाकिस्तान के एक संगठन ने मांग की है कि शहीद-ए-आजम भगत सिंह को देश का सर्वोच्च वीरता पदक ‘निशान ए हैदर’ दिया जाना चाहिए और लाहौर के शादमान चौक पर उनकी प्रतिमा लगाई जानी चाहिए. जहां 86 साल पहले उन्हें फांसी दी गई थी. मांग उठाने वाला संगठन अदालत में स्वतंत्रता सेनानियों को निर्दोष साबित करने के लिए काम कर रहा है. भगत सिंह और उनके दो साथियों-राजगुरु और सुखदेव को गोरी हुकूमत के खिलाफ षड्यंत्र और ब्रिटिश पुलिस अधिकारी जॉन पी सांडर्स की हत्या के आरोप में 23 मार्च 1931 को लाहौर में फांसी दी गई थी.
-
ndtv.in
-
भगत सिंह की बेगुनाही साबित करने के लिए पाकिस्तान हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल
- Tuesday November 17, 2015
- Bhasha
पाकिस्तान की एक अदालत में एक याचिका दाखिल कर अनुरोध किया गया कि ब्रिटिश अधिकारियों द्वारा शहीद-ए-आज़म भगत सिंह को फांसी दिए जाने के 83 साल बाद उनकी बेगुनाही साबित करने के लिए उनके खिलाफ दर्ज हत्या के मामले में एक पूर्ण पीठ जल्द सुनवाई करे।
-
ndtv.in
-
पाकिस्तान में दिखा शहीद भगत सिंह के प्रति प्रेम, सर्वोच्च वीरता पदक ‘निशान-ए-हैदर’ देने की उठी आवाज
- Thursday January 18, 2018
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
भारत के वीर सपूत और शहीद-ए-आजम को पाकिस्तान में वहां का सर्वोच्च वीरता पदक देने की मांग जोर पकड़ने लगी है. पाकिस्तान के एक संगठन ने मांग की है कि शहीद-ए-आजम भगत सिंह को देश का सर्वोच्च वीरता पदक ‘निशान ए हैदर’ दिया जाना चाहिए और लाहौर के शादमान चौक पर उनकी प्रतिमा लगाई जानी चाहिए. जहां 86 साल पहले उन्हें फांसी दी गई थी. मांग उठाने वाला संगठन अदालत में स्वतंत्रता सेनानियों को निर्दोष साबित करने के लिए काम कर रहा है. भगत सिंह और उनके दो साथियों-राजगुरु और सुखदेव को गोरी हुकूमत के खिलाफ षड्यंत्र और ब्रिटिश पुलिस अधिकारी जॉन पी सांडर्स की हत्या के आरोप में 23 मार्च 1931 को लाहौर में फांसी दी गई थी.
-
ndtv.in
-
भगत सिंह की बेगुनाही साबित करने के लिए पाकिस्तान हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल
- Tuesday November 17, 2015
- Bhasha
पाकिस्तान की एक अदालत में एक याचिका दाखिल कर अनुरोध किया गया कि ब्रिटिश अधिकारियों द्वारा शहीद-ए-आज़म भगत सिंह को फांसी दिए जाने के 83 साल बाद उनकी बेगुनाही साबित करने के लिए उनके खिलाफ दर्ज हत्या के मामले में एक पूर्ण पीठ जल्द सुनवाई करे।
-
ndtv.in