टीवी अभिनेत्री श्वेता तिवारी के पूर्व पति और अभिनेता राजा चौधरी ने अपनी निजी जिंदगी को लेकर कई भावुक और विवादित खुलासे किए हैं. एक इंटरव्यू में उन्होंने अपनी शादी, तलाक, बेटी पलक तिवारी से टूटे रिश्ते और शराब की लत पर खुलकर बात की. राजा ने कहा कि पिछले 18 साल में उनकी बेटी पलक से सिर्फ दो-तीन बार ही बात हुई है और अब वह खुद को सिर्फ “बायोलॉजिकल फादर” मानते हैं. उन्होंने दावा किया कि तलाक के समय वह इतने मैच्योर नहीं थे कि हालात को संभाल पाते. वहीं उन्होंने श्वेता तिवारी और उनके परिवार पर भी कई आरोप लगाए. हालांकि, यह सभी दावे राजा चौधरी के हैं. दूसरी ओर, श्वेता तिवारी पहले ही उन पर घरेलू हिंसा और शराब की लत के गंभीर आरोप लगा चुकी हैं.
‘मैं घर संभालता था, श्वेता कमाती थीं'
सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में राजा चौधरी ने बताया कि शादी के शुरुआती दिनों में दोनों के बीच जिम्मेदारियां साफ बंटी हुई थीं. उनके मुताबिक, श्वेता तिवारी लगातार काम करती थीं और वह घर की पूरी जिम्मेदारी संभालते थे. उन्होंने कहा, “वह कमाती थीं और मैं सब मैनेज करता था. मैं उनका मैनेजर था, लेकिन मैनेजर की परवाह कौन करता है?” राजा ने कहा कि उन्हें कभी इस बात से दिक्कत नहीं हुई कि उनकी पत्नी ज्यादा सफल थीं. उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने पुरुष अहंकार को कभी रिश्ते के बीच नहीं आने दिया और खुद को “घर का हाउसवाइफ” तक बताया.
‘रिश्ता बचाने की कोशिश नहीं हुई', सास पर लगाए आरोप
राजा चौधरी ने दावा किया कि जब उनके रिश्ते में दूरियां बढ़ने लगीं तो श्वेता ने उसे बचाने की कोशिश नहीं की. उन्होंने आरोप लगाया कि श्वेता की मां लगातार उन्हें उनके खिलाफ भड़काती थीं और कहती थीं कि उन्हें राजा की जरूरत नहीं है. राजा के मुताबिक, उन पर पैसे उड़ाने और महंगी गाड़ियां खरीदने जैसे आरोप लगाए गए. हालांकि, इंटरव्यू के दौरान उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कई बड़े खर्चों की जानकारी वह श्वेता को नहीं देते थे, जो उनकी गलती थी. लेकिन सारे खर्चे उन्हीं पर होते थे. वह बस उनके ड्राइवर बन कर रह गए थे. उन्होंने यह भी कहा कि दोनों एक-दूसरे को समझने के बजाय सिर्फ अपनी-अपनी बात साबित करने में लगे रहे और आखिरकार पूरा परिवार टूट गया.
‘तलाक के बाद टूट गया था, शराब की लत लग गई'
राजा चौधरी ने बताया कि तलाक और बेटी से अलग होने का दर्द वह बर्दाश्त नहीं कर पाए. उन्होंने स्वीकार किया कि इसी दौरान वह शराब के आदी हो गए और उनकी मानसिक स्थिति इतनी खराब हो गई कि उन्हें रिहैब सेंटर तक जाना पड़ा. उन्होंने कहा, “यह सिर्फ शराब की लत नहीं थी, बल्कि मेरा मानसिक तौर पर टूटना था. मैं अपनी बेटी को नहीं देख पाता था. यह स्वीकार करना मेरे लिए बेहद मुश्किल था कि वह अब मेरे साथ नहीं है.”
‘18 साल में सिर्फ दो-तीन बार हुई बात, मैंने सब ब्लॉक कर दिया'
राजा ने बताया कि पलक तिवारी जब आठ साल की थीं, तब तक वह उनकी हर छोटी-बड़ी जरूरत का ख्याल रखते थे. वह उन्हें स्कूल छोड़ते, स्विमिंग लेकर जाते और हर शनिवार उनके साथ बिताते थे. लेकिन अलगाव के बाद हालात पूरी तरह बदल गए. राजा के मुताबिक, पिछले 18 वर्षों में उनकी बेटी से सिर्फ दो-तीन बार ही बातचीत हुई है. उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने सोशल मीडिया पर पलक से जुड़ी हर चीज ब्लॉक कर दी है क्योंकि अब वह खुद को और तकलीफ नहीं देना चाहते. उन्होंने याद किया कि आखिरी बार पलक उनके जन्मदिन पर कुछ मिनटों के लिए मिलने आई थीं, लेकिन जल्द ही वापस चली गईं.
घरेलू हिंसा के आरोपों पर फिर चर्चा, दोनों पक्षों के दावे अलग
इंटरव्यू के दौरान राजा चौधरी ने यह भी कहा कि अगर पलक कभी उन्हें आधी रात में भी फोन करेंगी तो वह उनके लिए हमेशा मौजूद रहेंगे. हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनकी बेटी उन्हें पिता नहीं मानती और वह अब सिर्फ “बायोलॉजिकल फादर” बनकर रह गए हैं. गौरतलब है कि श्वेता तिवारी पहले सार्वजनिक रूप से राजा चौधरी पर घरेलू हिंसा, मारपीट और शराब के नशे में सेट पर पहुंचकर हंगामा करने जैसे गंभीर आरोप लगा चुकी हैं. उन्हीं आरोपों के बाद दोनों का रिश्ता कानूनी रूप से खत्म हुआ.
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