दूरदर्शन के शो जुनून ने 1994 के दौर में हर दर्शक और हर घर में अपनी खास जगह बनाई. यह उस साल का सबसे बड़ा हिट शो था. यह 5 साल तक चला जिसमें लगभग 510 एपिसोड थे. यह दूरदर्शन का सबसे लंबा चलने वाला प्राइम टाइम कार्यक्रम था. अगर इस शो के बारे में बात की जाए तो यह दो परिवारों के मुखिया और राजवंश के बीच दिक्कतों के आसपास घूमता है. इस शो में अर्चना पूरन सिंह के अलावा नीना गुप्ता, फरीदा जलाल, दीना पाठक, शशि पूरी जैसे तमाम दिग्गज एक्टर्स नजर आए थे. लेकिन इस शो में टीवी एक्टर पंकज बेरी (Pankaj Berry) ने भी अहम किरदार निभाया था. हाल ही में पंकज बेरी ने एनडीटीवी से बात की और पुराने दिनों को याद किया. साथ ही इस शो से जुड़े काफी राज खोले.
पैर में लगी चोट
एक्टर पंकज बेरी ने कहा कि दूरदर्शन का शो जुनून के बाद उनके फिल्मी करियर में काफी बदलाव आए. उन्होंने कहा, 'जुनून' करने से पहले मेरे पैर में चोट लग गई थी. बता दूं फिल्म सैनिक की शूटिंग के दौरान मेरे पैर में चोट आई थी, लेकिन अक्षय कुमार बच गए थे. सिनेविस्ता ने सीरियल जुनून में मेरे लिए एक किरदार लिखा था. मैं इससे पहले भी सिनेविस्ता के साथ 2-3 शोज कर चुका था. शो जुनून करने के बाद मुझे दो-तीन अवार्ड्स भी मिले थे. इस शो के बाद मैंने काफी सीरियल्स और फिल्में की.
उन्होंने कहा, अब मैं किसी अच्छे प्रोजेक्ट का इंतजार कर रहा हूं. मैं चाहता हूं कि मुझे ऐसा कोई काम मिले जैसा मैं करना चाहता हूं. मैं अपने आप को बड़ा सौभाग्यशाली समझता हूं कि मैं अकेला ऐसा एक्टर हूं, जिसने दूरदर्शन के 42 से ज्यादा शो कीए हैं. अभी भी दूरदर्शन पर मेरा एक शो चल रहा है. जीवन में आपके उतार चढ़ाव आते ही हैं, वो भी मैंने देखे हैं. इस सीरियल में मेरे साथ एक्ट्रेस अर्चना पूरन सिंह थीं. अगर उनके बारे में बात कहूं तो वह काफी अच्छी एक्ट्रेस हैं. इससे पहले भी मैं अर्चना जी के साथ दो-तीन फिल्में कर चुका हूं. उनसे मेरी काफी अच्छी बॉन्डिंग होती थी.

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व्हीलचेयर पर सीन करते करते होने लगता था पेट दर्द
एक्टर ने आगे कहा कि वह मुझे पुराना पल याद है कि उस वक्त मेरा एक्सीडेंट हो गया था और इसलिए मेरे लिए स्पेशली वह किरदार लिखा गया था. अगर आप 'जुनून' में देखेंगे तो मैं एक अपाहिज व्यक्ति के किरदार में नजर आया हूं जो की व्हीलचेयर पर ही बैठा रहता है. बैठे-बैठे ही मुझे डायलॉग्स बोलने पड़ते थे. मुझे अंदर से इमोशनल होना पड़ता था, जब मेरा सीन खत्म हुआ था तो मेरे पेट में दर्द शुरू हो गया था. इसका कारण था कि बैठे-बैठे जब आप इमोशनल होंगे तो उसका प्रेशर मेरे पेट पर पड़ता था. इसलिए मुझे काफी दर्द का सामना करना पड़ा. लेकिन मुझे यह किरदार करके काफी मजा आया.
दिल के करीब
एक्टर ने कहा मैंने अभी तक 80 से ज्यादा फिल्में और 100 से ज्यादा टीवी शोज किए हैं. मैं जो भी काम करता हूं, हमेशा दिल से करने की कोशिश करता हूं. लेकिन कुछ काम ऐसे होते हैं जो आपको घर चलाने के लिए करने पड़ते हैं. लेकिन मैंने अपने करियर में काफी ऐसे किरदार किए हैं, जिनको दर्शकों आज भी पसंद हैं. आज भी वो किरदार दर्शकों के दिलों में जिंदा हैं. मेरा एक किरदार है जिसमें मंगल पांडे, अश्वत्थामा जैसे तमाम शानदार किरदार हैं. मेरी पहली फिल्है कॉलेज गर्ल थी, जिसमें मैंने नेगेटिव किरदार निभाया था. उसको भी दर्शक आज याद करते हैं. मैं इतना कह सकता हूं कि ये सभी किरदार मेरे भी दिल के करीब हैं. एक्टर ने अपने करियर की शुरुआत 1988 में आई फिल्म मैं जिंदा हूं से की थी. हालांकि उस दौर में पंकज ने काफी छोटे-छोटे किरदार किए थे. इसके अलावा वह तपिश, विकल्प, हत्या जैसे बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स में नजर आए.
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