कश्मीर की वादियां इस वक़्त बर्फ की चादर में लिपटी ऐसी दिख रही हैं जैसे किसी तस्वीर में क़ैद की गई हों. गुलमर्ग, पहलगाम, भद्रवाह और पटनीटॉप में बर्फ ने पूरे माहौल को बेहद रोमांटिक बना दिया है.
पटनीटॉप, नाथाटॉप, सनासर, बटोट, बनीहाल, गूल और ऊपरी इलाकों में लगातार दो दिनों तक भारी बर्फ गिरी, जिसने लंबे सूखे दौर को खत्म कर दिया. डोडा के भलेसा क्षेत्र में मैदानी हिस्सों में 1 फुट, जबकि ऊपरी इलाकों में 2-3 फुट तक बर्फ जमी.
घाटी का दीदार करने पहुंचे पर्यटक भी बर्फबारी को देख खुशी से झूम उठे. बर्फबारी ने घाटी में पर्यटकों की आमद भी बढ़ा दी है. बच्चे बर्फ में खेलते हुए नजर आए.
करीब तीन महीने के लंबे ड्राई स्पेल के बाद बर्फबारी शुरू हुई. इस पर लोगों ने राहत और खुशी जताई. इसे जल स्रोतों/रिज़र्वायर, ग्राउंड वॉटर के लिए भी फायदेमंद माना गया.
कई जगह बिजली और पानी की सप्लाई ठप रही और दूरदराज गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया. श्रीनगर एयरपोर्ट पर भी कई उड़ानें रद्द और स्थगित करनी पड़ीं, जिससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.