विकेटकीपिंग को नई दिशा देने वाला भारतीय दिग्गज, खौफ में रहते थे बल्लेबाज
भारतीय क्रिकेट में सैयद किरमानी का नाम एक बेहतरीन विकेटकीपर के रूप में लिया जाता है.
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विकेटकीपिंग को नई दिशा देने वाला भारतीय दिग्गज, खौफ में रहते थे बल्लेबाजभारतीय क्रिकेट में सैयद किरमानी का नाम एक बेहतरीन विकेटकीपर के रूप में लिया जाता है. किरमानी विकेटकीपिंग में अपने दौर से बेहद आगे थे और बाद में आने वाले विकेटकीपरों के लिए आदर्श बनकर उभरे. (फोटो क्रेडिट: आईएएनएस)
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विकेटकीपिंग को नई दिशा देने वाला भारतीय दिग्गज, खौफ में रहते थे बल्लेबाजबचपन से देश के लिए क्रिकेट खेलने का सपना देखने वाले किरमानी ने कर्नाटक और रेलवे के लिए घरेलू क्रिकेट खेला और दमदार प्रदर्शन के दम पर जनवरी 1976 में पहली बार भारतीय टीम में जगह बनाई. (फोटो क्रेडिट: आईएएनएस)
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विकेटकीपिंग को नई दिशा देने वाला भारतीय दिग्गज, खौफ में रहते थे बल्लेबाज1976 से 1986 के बीच 10 साल के अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में किरमानी अपनी बेहतरीन विकेटकीपिंग के लिए जाने गए. विकेट के पीछे उनकी चपलता और तकनीक ऐसी थी कि बल्लेबाज रन लेने और स्पिनरों को आगे बढ़कर हिट करने से पहले कई बार सोचते थे. (फोटो क्रेडिट: आईएएनएस)
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विकेटकीपिंग को नई दिशा देने वाला भारतीय दिग्गज, खौफ में रहते थे बल्लेबाजकिरमानी ने बतौर विकेटकीपर भारतीय टीम में फारुख इंजीनियर की जगह ली थी और आगे चलकर देश के श्रेष्ठ विकेटकीपर बने. सैयद किरमानी 1983 में वनडे विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे. (फोटो क्रेडिट: आईएएनएस)
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विकेटकीपिंग को नई दिशा देने वाला भारतीय दिग्गज, खौफ में रहते थे बल्लेबाजअपने 10 साल के करियर में किरमानी ने 88 टेस्ट की 124 पारियों में 2 शतक और 12 अर्धशतक की मदद से 2,759 रन बनाए. इसके अलावा 160 कैच पकड़े और 38 स्टंप किए. वहीं 49 वनडे मैचों में 3,73 रन बनाए. वनडे में उनके नाम 27 कैच लिए और 9 स्टंपिंग की. (फोटो क्रेडिट: आईएएनएस)