बच्चों में हाथ धोने की आदत को ऐसे करें डेवलप
हाथ धोना न केवल आपको कोरोना से बचाता है बल्कि अन्य संक्रामक रोगों से भी आपकी रक्षा करता है. रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्रों के अनुसार, इस महत्वपूर्ण समय में खाना खाने से पहले और बाद में हाथ जरूर धोएं. किसी बीमार व्यक्ति की देखभाल करते समय भी बार-बार हाथ धोते रहें. इसके अलावा शौचालय का उपयोग करने के बाद, डायपर बदलने या शौचालय का उपयोग करने वाले बच्चे को साफ करने के बाद, नाक साफ करने के बाद, खांसने या छींकने के बाद, किसी जानवर या पशु अपशिष्ट को छूने के बाद हाथ जरूर धोने चाहिएं.
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बच्चों में हाथ धोने की आदत को ऐसे करें डेवलपछोटे बच्चों को हैंडवाशिंग और मजेदार तरीके से कीटाणुओं से लड़ने की अवधारणा के बारे में पढ़ाया जाना चाहिए. उदाहरण के लिए, पहले मार्च में, मियामी-डैड काउंटी पब्लिक स्कूल, फ्लोरिडा, संयुक्त राज्य अमेरिका के प्राथमिक शिक्षक, अमांडा लोरेंजो ने अपने स्कूल के बच्चों के साथ एक प्रयोग किया था जिसमें दिखाया गया था कि कैसे कीटाणु साबुन से दूर भागते हैं.
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बच्चों में हाथ धोने की आदत को ऐसे करें डेवलपअरुंधति मुरलीधरन, मैनेजर, वाटरएड इंडिया में नीति का मानना है कि छोटे बच्चे (2-6 वर्ष की आयु) जरूरी नहीं समझते कि हैंडवाशिंग उन्हें कीटाणुओं से बचाएगी. साबुन, सही तकनीक के जरिए हैंडवाशिंग को बढ़ावा देने के लिए, हमें गतिविधि को उनके लिए आकर्षक और मजेदार बनाने की आवश्यकता है. कम से कम 20 सेकंड के लिए हाथ धोना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना साबुन से हाथ धोना. इसके लिए आप गाना गा सकते हैं.
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बच्चों में हाथ धोने की आदत को ऐसे करें डेवलपअभिषेक शर्मा, सीनियर रिसर्च मैनेजर, सम्बोधि रिसर्च एंड कम्युनिकेशंस, ने कहा, केंद्र में एम्बेडेड खिलौनों के साथ रंगीन और ट्रांसपेरेंट साबुनों का क्लिनिकल टेस्ट किया गया है. इसे मजेदार और लक्ष्य-उन्मुख बनाकर बच्चों के बीच हैंडवाशिंग अभ्यास में सुधार किया जा सकता है.
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बच्चों में हाथ धोने की आदत को ऐसे करें डेवलपबच्चों को हाथ धोना सिखाना और पोछना पहले सिखाना चाहिए. बच्चों को हैंडवाशिंग का अभ्यास सुनिश्चित करने के लिए, माता-पिता, शिक्षकों और अभिभावकों को उन्हें हाथ धोने के लिए बोलते रहना चाहिए. सही हैंडवाशिंग सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उनकी मदद करनी चाहिए. एक उदाहरण देते हुए, मुरलीधरन ने कहा, सुनिश्चित करें कि बच्चों की पहुंच बाल-सुलभ हैंडवाशिंग सुविधाओं तक हो. जैसे वॉश बेसिन.
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बच्चों में हाथ धोने की आदत को ऐसे करें डेवलपबच्चे अक्सर वयस्कों की नकल करने की कोशिश करते हैं, इसलिए मुंबई में जसलोक अस्पताल और अनुसंधान केंद्र के बाल रोग विभाग के निदेशक डॉ. फजल नबी बताते हैं कि बच्चे को पढ़ाने के लिए अनुकरण सबसे अच्छा तरीका है. नबी का मानना है कि अगर घर पर हर कोई बार-बार हाथ धोता है, तो एक बच्चा सीखने और अभ्यास करने के लिए बाध्य हो जाता है.