सोशल मीडिया पर इन दिनों एक रील तेजी से वायरल हो रही है, जिसे देखकर लोग हैरान भी हैं और हंस भी रहे हैं. वीडियो में दिखाया गया है कि एक महिला ने अपने घर का कूड़ा ऐसे पैक किया, जैसे कोई ऑनलाइन शॉपिंग का पार्सल हो. इसके बाद उसने एक पोर्टर बुक किया और उस पार्सल को कूड़ेदान तक ले जाने के लिए राइडर को दे दिया. पहली नजर में यह मामला मजेदार लगता है, लेकिन जैसे-जैसे पूरी कहानी सामने आती है, यह रील हमारी सोच, सिविक सेंस और जिम्मेदारी पर कई सवाल खड़े कर देती है.
क्या है पूरा मामला?
इंस्टाग्राम पर वायरल एक रील में राइडर जब बताई गई लोकेशन पर पहुंचता है, तो वहां चारों तरफ कूड़ा ही कूड़ा फैला होता है. उसे कोई कस्टमर नजर नहीं आता, जो पार्सल को रिसीव करे. वह महिला को कॉल करके पूछता है, "मैम, मैं लोकेशन पर पहुंच गया हूं, लेकिन कोई दिख नहीं रहा. यह पार्सल किसको देना है?"
इस पर महिला जवाब देती है, "भैया, उसे वहीं फेंक दीजिए." राइडर को यह बात अजीब लगती है. वह सोचता है कि आखिर ऐसा कौन-सा पार्सल है, जिसे किसी को देना ही नहीं है. फेंकने से पहले जब वह पैकेट खोलता है, तो अंदर निकलते हैं, मटर के छिलके और घर का बाकी कूड़ा.
सोशल मीडिया पर लोगों के रिएक्शन्स:
जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, कमेंट सेक्शन मजेदार रिएक्शन्स से भर गया:
- एक यूजर ने लिखा, "उस बिल्डिंग में सफाई वाला नहीं आता क्या?"
- दूसरे ने तंज कसा, "भाई, सीधे डस्टबिन में डाल दिया होता तो अच्छा होता."
- कुछ लोगों ने इसे ओवर-स्मार्टनेस बताया, तो कुछ ने इसे सिविक सेंस की कमी करार दिया.
यह घटना सिर्फ एक फनी रील नहीं, हमारे व्यवहार और सोच का आईना भी:
1. सिविक सेंस की कमी
कूड़ा सही जगह पर फेंकना हर नागरिक की जिम्मेदारी है. उसे पार्सल बनाकर किसी और के जिम्मे डाल देना गलत आदतों को बढ़ावा देता है.
2. सुविधा की हद
आज ऐप्स ने हमारी जिंदगी आसान बना दी है, लेकिन हर काम को बुकिंग से करवाना सही नहीं. कूड़ा फेंकना हमारी निजी जिम्मेदारी है, कोई सर्विस नहीं.
3. गिग वर्कर्स का सम्मान
राइडर या डिलीवरी बॉय कोई भी काम करते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उनसे कुछ भी करवा लिया जाए. पार्सल के नाम पर कूड़ा भिजवाना उनके काम और सम्मान दोनों पर सवाल उठाता है.
4. सेहत और सफाई का मुद्दा
गलत तरीके से फेंका गया कूड़ा गंदगी, बदबू और बीमारियों को बढ़ाता है. यह सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, पूरे इलाके की सेहत से जुड़ा मामला है.
सही तरीका क्या हो सकता था?
- घर का गीला और सूखा कूड़ा अलग करें.
- सोसायटी या इलाके के डस्टबिन का इस्तेमाल करें.
- नगर निगम की कूड़ा गाड़ी का इंतजार करें.
यह वायरल रील हमें हंसाने के साथ-साथ सोचने पर भी मजबूर करती है. सवाल यह नहीं है कि महिला ने क्या किया, बल्कि यह है कि हम सब अपनी सुविधा के लिए कहां तक जा रहे हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं