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इस महिला ने 1 साल में 35 किलो वजन घटाया, फिटनेस इन्फ्लुएंसर बताया सिर्फ इन 6 चीजों से करें परहेज

फिटनेस इन्फ्लुएंसर शावी जैन ने सिर्फ 12 महीनों में 35 किलो वजन कम किया. अपने वेट लॉस सफर के बारे में बताते हुए शावी ने उन चीजों का जिक्र किया, जिन्हें उन्होंने वजन घटाने के दौरान परहेज किया.

इस महिला ने 1 साल में 35 किलो वजन घटाया, फिटनेस इन्फ्लुएंसर बताया सिर्फ इन 6 चीजों से करें परहेज
वजन कम करने की टिप्स
file photo

वजन कम करना अक्सर लोगों को बहुत मुश्किल काम लगता है. इंटरनेट पर तरह-तरह की डाइट, वर्कआउट प्लान और फिटनेस टिप्स मौजूद हैं, जो जल्दी वजन घटाने का दावा करते हैं, लेकिन सच यह है कि वजन कम करने की सबसे बड़ी चुनौती किसी कठिन प्लान को अपनाना नहीं, बल्कि लंबे समय तक उस पर लगातार बने रहना होता है. वजन घटाने के लिए हमेशा घंटों जिम में पसीना बहाना या खुद को सख्त नियमों में बांधना जरूरी नहीं है. असली बात ऐसी दिनचर्या चुनने की है, जिसे आप लंबे समय तक आसानी से फॉलो कर सकें. आपकी डाइट, एक्सरसाइज और डेली एक्टिविटी सभी वजन कम करने में अहम भूमिका निभाते हैं.

फिटनेस इन्फ्लुएंसर शावी जैन ने भी कुछ ऐसा ही तरीका अपनाया. उन्होंने सिर्फ 12 महीनों में 35 किलो वजन कम किया. अपने वेट लॉस सफर के बारे में बताते हुए शावी ने उन चीजों का जिक्र किया, जिन्हें उन्होंने वजन घटाने के दौरान नहीं किया. चलिए आपको बताते हैं वजन कम करने के लिए उन्होंने किन चीजों से परहेज किया था.

एब्स के लिए अलग से कोई दिन नहीं

शावी जैन ने अपनी पोस्ट में लिखा कि अपने वेट लॉस जर्नी के दौरान कभी भी एब्स के लिए अलग से कोई दिन नहीं रखा. उनका पूरा फोकस शरीर की अतिरिक्त चर्बी कम करने और ज्यादा कैलोरी बर्न करने पर था. उनके मुताबिक स्क्वैट्स और डेडलिफ्ट्स जैसे एक्सरसाइज क्रंचेज की तुलना में ज्यादा कैलोरी बर्न करते हैं. उन्होंने बताया कि पहले उन्होंने फैट लॉस पर ध्यान दिया. इसके बाद में बॉडी को टोन करने और एब्स की शेप पर काम करने का प्लान बनाया.

प्री-वर्कआउट और फैट बर्नर सप्लीमेंट्स से दूरी

वजन कम करने के दौरान शावी ने किसी भी तरह के प्री-वर्कआउट ड्रिंक या फैट बर्नर सप्लीमेंट का इस्तेमाल नहीं किया. उनकी फिटनेस रूटीन काफी सरल थी. वह खाली पेट वर्कआउट करती थीं, पर्याप्त पानी पीती थीं और वर्कआउट के बाद रिकवरी के लिए प्रोटीन लेती थीं.

वे एक्सरसाइज नहीं की जो उन्हें पसंद नहीं थीं

शावी का मानना है कि सिर्फ इसलिए कोई एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए, क्योंकि लोग उसे सबसे प्रभावी बताते हैं. उन्हें बर्पीज और लंजेस जैसी एक्सरसाइज पसंद नहीं थीं, इसलिए उन्होंने उन वर्कआउट्स पर ध्यान दिया जिन्हें वह खुशी से कर सकती थीं. उनका कहना है कि वजन घटाने की शुरुआत में अपनी पसंद की एक्सरसाइज चुनने से नियमितता बनाए रखना आसान हो जाता है और यही लंबे समय में अच्छे परिणाम दिलाता है.

हार्ड वर्कआउट पर जोर नहीं

शावी का मानना है कि रोजाना बहुत ज्यादा हार्ड वर्कआउट करना जरूरी नहीं होता. वह पहले से जानती थीं कि कौन-से वर्कआउट सेशन ज्यादा मेहनत वाले होंगे और उनके बीच हल्के वर्कआउट भी शामिल करती थीं. उन्होंने यह भी कहा कि मांसपेशियों में दर्द को फिटनेस की सफलता का पैमाना नहीं मानना चाहिए. उन्होंने जिम को अपनी लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाया, न कि किसी सजा की तरह देखा.

बिना प्लान के कभी जिम नहीं

शावी के अनुसार, बिना किसी प्लान के जिम पहुंचना समय की बर्बादी है. वह हर सप्ताह की शुरुआत से पहले कुछ मिनट निकालकर तय कर लेती थीं कि किस दिन कौन-सी एक्सरसाइज करनी है. उनका मानना है कि पहले से प्लानिंग करने से समय भी बचता है और फिटनेस गोल पर फोकस बनाए रखना आसान हो जाता है.

अपनी प्रोग्रेस को निजी रखा

शावी के मुताबिक, उन्होंने अपने वेट लॉस सफर का ज्यादा दिखावा नहीं किया. उनका मानना है कि हर छोटी-बड़ी उपलब्धि को सार्वजनिक करने की जरूरत नहीं होती. लगभग हर हफ्ते 1 किलो वजन कम करने के बावजूद उन्होंने अपनी प्रोग्रेस को निजी रखना पसंद किया और चुपचाप अपने लक्ष्य की ओर बढ़ती रहीं.

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