Pink Salt vs Black Salt vs White Salt: इन दिनों लोग अपनी सेहत को लेकर ज्यादा सजग हो गए हैं. इसके लिए वे अपनी डाइट पर भी खास ध्यान देने लगे हैं और खानपान से जुड़े अलग-अलग ट्रेंड फॉलो कर रहे हैं. एक ऐसा ही ट्रेंड है खाने से रेगुरल सफेद नमक हटाकर काला या पिंक सॉल्ट शामिल करना. खासकर वजन और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने के लिए लोग सफेद नमक की जगह काला या गुलाबी नमक खा रहे हैं. लेकिन क्या ऐसा करना ठीक है? आइए जानते हैं इसपर एक्सपर्ट की राय-
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
इसे लेकर फिटनेस कोच सिद्धार्थ तिवारी ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में वे बताते हैं, आजकल हेल्दी खाने के नाम पर लोग नमक तक को लेकर कन्फ्यूज हो गए हैं. कोई सेंधा नमक को बेहतर मानता है, तो कोई काले नमक को. वहीं, कुछ लोग सफेद नमक यानी टेबल सॉल्ट से पूरी तरह दूरी बना रहे हैं. लेकिन आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि इन सभी में से केवल सफेद नमक ही सबसे अच्छा होता है.
फिटनेस कोच के मुताबिक, रोजाना इस्तेमाल के लिए सबसे बेहतर विकल्प रेगुलर टेबल सॉल्ट ही है और इसे डेली डाइट से कभी भी हटाना नहीं चाहिए.
टेबल सॉल्ट क्यों है सबसे बेहतर?आयोडीन का सबसे अच्छा सोर्स
सिद्धार्थ बताते हैं, आयोडीन हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी मिनरल है. यह थायरॉयड ग्रंथि के सही काम, मेटाबॉलिज्म और दिमागी विकास के लिए जरूरी होता है. सेंधा नमक और काले नमक में आयोडीन या तो बहुत कम होता है या होता ही नहीं. जबकी 1 चम्मच सफेद नमक से लगभग 100% RDA आयोडीन मिल जाता है.
कई लोग मानते हैं कि सेंधा नमक या काला नमक सोडियम में कम होता है, ऐसे में इसे खाने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहेगा. लेकिन सच्चाई यह है कि तीनों तरह के नमक में सोडियम की मात्रा लगभग बराबर होती है. ऐसे में तीनों ही नमक खाने से बीपी पर समान असर पड़ता है.
हेवी मेटल्सइन सब से अलग फिटनेस कोच बताते हैं, सेंधा नमक या काले नमक में ट्रेस अमाउंट में हेवी मेटल्स पाए जा सकते हैं, जो सेहत के लिए अच्छे नहीं होते हैं. रेगुलर टेबल सॉल्ट प्रोसेस्ड होने के कारण ज्यादा सुरक्षित होता है. इसमें हेवी मेटल्स होने का रिस्क बहुत कम रहता है.
फिर सेंधा और काला नमक का क्या रोल है?
सेंधा नमक और काले नमक को आप कभी-कभी स्वाद के लिए या फास्टिंग के दौरान इस्तेमाल कर सकते हैं. काला नमक पाचन में मदद करता है और चाट या रायते में अच्छा लगता है, लेकिन इसे रोज के नमक से रिप्लेस करना ठीक नहीं है.
इस बात का भी रखें ध्याननमक का टाइप जितना जरूरी है, उतनी ही जरूरी है उसकी मात्रा. ज्यादा नमक, चाहे कोई भी हो, सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है. WHO के अनुसार, एक दिन में 5 ग्राम से कम नमक लेना बेहतर माना जाता है. ऐसे में ज्यादा मात्रा में नमक का सेवन करने से बचें.
अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.
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