हर महिला के लिए प्रेग्नेंसी जीवन का एक बेहद खूबसूरत और यादगार दौर होता है. इस दौरान वह अपने आने वाले बच्चे को लेकर कई सपने संजोती है. बेबी के लिए कपड़े खरीदने से लेकर बेबी शॉवर की तैयारियों तक, हर पल को खास तरीके से जीती है. यही वजह है कि कई कपल्स बच्चे के जन्म से पहले कुछ सुकून भरे और यादगार पल साथ बिताने के लिए "बेबीमून" ट्रिप प्लान करते हैं. यह एक ऐसी छुट्टी होती है, जहां होने वाले माता-पिता अपने रिश्ते और जीवन के नए सफर को सेलिब्रेट करते हैं.
हालांकि, बहुत से लोगों का मानना है कि प्रेग्नेंसी के दौरान यात्रा करना सुरक्षित नहीं होता. इसी बात को ध्यान मने रखते हुए डॉक्टर वैदेही मराठे ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने बताया कि सही समय, सही तैयारी और कुछ जरूरी सावधानियों के साथ बेबीमून ट्रिप को सुरक्षित और आरामदायक बनाया जा सकता है.
बेबीमून के लिए कब है सबसे अच्छा समय?
डॉक्टर वैदेही मराठे के अनुसार, प्रेग्नेंसी की दूसरी तिमाही यानी चौथे से छठे महीने के बीच का समय यात्रा के लिए सबसे अच्छा माना जाता है. इस दौरान मॉर्निंग सिकनेस, उल्टी और ज्यादा थकान जैसी शुरुआती परेशानियां काफी हद तक कम हो जाती हैं साथ ही गर्भवती महिला खुद को ज्यादा ऊर्जावान और आरामदायक महसूस करती है.
कब नहीं करनी चाहिए यात्रा?
डॉक्टर का कहना है कि डिलीवरी की संभावित तारीख के करीब यात्रा करने से बचना चाहिए. इस समय अचानक मेडिकल जरूरत पड़ सकती है और किसी भी तरह की परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर की जरूरत हो सकती है. इसलिए आखिरी महीनों में लंबी ट्रैवल करने से परहेज करना बेहतर होता है.
यात्रा से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें
बेबीमून प्लान करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें. हर महिला की प्रेग्नेंसी अलग होती है और डॉक्टर आपकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार सही सलाह दे सकते हैं यदि प्रेग्नेंसी में कोई उलझन है, तो डॉक्टर ट्रैवल करने से मना भी कर सकते हैं.
ऐसी जगह चुनें जहां मेडिकल सुविधा उपलब्ध हो
ट्रिप के लिए ऐसी जगह का चुनाव करें जहां जरूरत पड़ने पर अस्पताल या डॉक्टर आसानी से उपलब्ध हो. बहुत दूर-दराज या मुश्किल पहुंच वाले स्थानों की बजाय सुरक्षित और आरामदायक डेस्टिनेशन चुनना ज्यादा बेहतर होता है.
खानपान और पानी का रखें खास ध्यान
प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर को पर्याप्त पानी और पोषण की जरूरत होती है. इसलिए यात्रा के दौरान पर्याप्त पानी पीते रहें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो साथ ही संतुलित और पौष्टिक भोजन करें. बाहर का बहुत ज्यादा तला-भुना खाने से बचें.
एडवेंचर स्पोर्ट्स से बनाएं दूरी
बेबीमून का मकसद आराम करना और अच्छा समय बिताना है. इसलिए ऐसी गतिविधियों से बचें जिनमें गिरने या चोट लगने का खतरा हो. लंबी ट्रैकिंग, ऊंची चढ़ाई या किसी भी तरह के जोखिम भरे एडवेंचर स्पोर्ट्स प्रेग्नेंसी में सुरक्षित नहीं माने जाते.
सफर के दौरान लेते रहें ब्रेक
यदि आप कार से यात्रा कर रही हैं या लंबी फ्लाइट ले रही हैं, तो बीच-बीच में ब्रेक जरूर लें. थोड़ी देर टहलें और शरीर को स्ट्रेच करें, इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बना रहता है और पैरों में सूजन या अकड़न की समस्या कम हो सकती है.
जरूरी दवाइयां साथ रखना न भूलें
यात्रा पर निकलने से पहले अपनी सभी जरूरी दवाइयां, डॉक्टर की पर्ची और प्रेग्नेंसी से जुड़े मेडिकल रिकॉर्ड अपने साथ रखें. किसी भी आपात स्थिति में ये दस्तावेज और दवाइयां बेहद काम आ सकती हैं.
आराम है जरूरी
प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में कई बदलाव होते हैं. ऐसे में अपने शरीर की जरूरतों को समझना बहुत जरूरी है. अगर थकान महसूस हो रही है तो पर्याप्त आराम करें साथ ही आरामदायक कपड़े और अच्छे सपोर्ट वाले जूते पहनें, ताकि सफर के दौरान आपको किसी तरह की परेशानी न हो.
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