दिल्ली के शाहीन बाग का नाम सुनते ही हममें से ज्यादातर के दिमाग में सबसे पहला ख्याल धरना, प्रदर्शन या कोई आंदोलन का आता है. लेकिन आज हम आपको कुछ अनोखा बताने जा रहे हैं. रमज़ान के महीने में गुलज़ार शाहीन बाग रात के 1 बजे भी लड़कियों के लिए सेफ सा नजर आ रहा है. जी हां सुनकर थोड़ा हैरान हो सकते हैं. क्योंकि यहां रात में लड़कियां बिना किसी डर के घूम रही हैं, शॉपिंग कर रही हैं और कह रही हैं- 'काश ये रौनक हमेशा ऐसी ही रहती.
रमज़ान का पाक महीना चल रहा है और दिल्ली की कई सड़कें इन दिनों रात भर जागती हैं. लेकिन आज हम पुरानी दिल्ली या जामा मस्जिद की बात नहीं कर रहे हैं. आज हम बात कर रहे हैं 'शाहीन बाग' की. वही शाहीन बाग जो हमेशा अपने आंदोलनों और उसमें महिलाओं की हिस्सेदारी के लिए खबरों में रहता है. लेकिन इन दिनों इस इलाके ने एक अलग ही चादर ओढ़ ली है. रात के 1 बजे भी यहां सड़कों पर पैर रखने की जगह नहीं है. और सबसे खास बात यहां युवाओं, बुजुर्गों के साथ-साथ महिलाओं की जबरदस्त भीड़ है.
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दिल्ली जैसे शहर में रात को 1-2 बजे लड़कियों का बाहर निकलना थोड़ा मुश्किल माना जाता है. लेकिन यहां की कहानी बिल्कुल अलग है. हमने यहां रात में घूम रही कई महिलाओं से बात की.
हमारी मुलाकात डॉ. मोना से हुई, जो पहली बार अपने पति के साथ यहां आईं थीं. जब हमने उनसे पूछा कि आप तो डॉक्टर हैं और बाहर का स्ट्रीट फ़ूड खा रही हैं? तो वह हंसते हुए बोलीं 'अरे एक बार तो बाहर का खाना खा ही सकते हैं!'
डॉ. मोना ने जो सबसे बड़ी बात कही वो ये थी कि यहां की वाइब बहुत कमाल की है और उन्हें यहां जरा सा भी 'अनसेफ' (Unsafe) महसूस नहीं हो रहा है. उन्होंने तो सभी लड़कियों को सलाह दी है कि एक बार आकर यहां की रौनक जरूर देखनी चाहिए.
ऐसे ही हमें मेरठ से आईं एक बुज़ुर्ग महिला शाहिरा मिलीं, जो अपनी बेटियों अतूफा और तूबा के साथ आई थीं. उन्होंने बताया कि यहां पुलिस बहुत एक्टिव है और माहौल ऐसा है जैसे सब अपने ही लोग हैं.
अब आप सोच रहे होंगे कि अचानक शाहीन बाग में इतनी भीड़ कहां से आई? इसका सीधा सा जवाब है, सोशल मीडिया के वायरल वीडियोज.
यहां हमारी बात एक लोकल निवासी फ़ारूख सिद्दीकी से हुई. उन्होंने बताया कि बिना रोजों के दिनों में ये मार्केट रात 12 बजे तक बंद हो जाती थी और यहां सिर्फ लोकल लोग आते थे. लेकिन जब से यहां की रील्स वायरल हुई हैं, अब 99% लोग बाहर से आ रहे हैं.

यहां लोग यूपी से आ रहे हैं, उत्तराखंड से आ रहे हैं और तो और, कई सालों से दिल्ली में रह रही कुछ महिलाएं भी पहली बार इस नाईट मार्केट को एक्सप्लोर करने यहां पहुंची हैं.
स्थानीय लोगों ने बाहर से आने वाले लोगों से एक छोटी सी अपील भी की है कि जब कुछ बाहरी लोग आकर कोई गलत हरकत करते हैं, तो बुरा लगता है, तो इसका ख्याल रखें.
खाने में क्या है खास-
यहां मीठे के शौकीनों के लिए मुहब्बत का शरबत, रबड़ी, कुल्फी और ढेरों मिठाइयां मौजूद हैं. लेकिन अगर आप नॉन-वेज के दीवाने हैं, तब तो ये जगह आपके लिए किसी जन्नत से कम नहीं है. यहां आपको इतने लजीज और भारी मात्रा में व्यंजन मिलेंगे कि आप कन्फ्यूज हो जाएंगे कि क्या खाएं और क्या छोड़ें.

बता दें कि इस मार्केट में आपको कुछ लोग और दुकानदार 'सऊदी अरब' की वेशभूषा में भी दिख जाएंगे, जो इस मार्केट को एक अलग ही वाइब दे रहे हैं. ये मार्केट सुबह 'सहरी' के वक़्त तक ऐसे ही खुली रहती है.

कुल मिलाकर शाहीन बाग की ये रात वाली मार्केट एक ऐसा एक्सपीरियंस है, जो दिल्ली की भागदौड़ वाली ज़िंदगी में एक सुकून और आज़ादी का एहसास दे रही है. खासकर महिलाओं को. यहां आई लड़कियों का बस यही कहना था कि- ऐसा माहौल सिर्फ़ रमज़ान में ही क्यों? ऐसा तो हमेशा रहना चाहिए ताकि महिलाएं किसी भी वक़्त सुरक्षित महसूस करते हुए आज़ादी से घूम सकें.
साफ-सफाई की जरूरत-
वहीं कुछ महिलाओं ने यहां की साफ़-सफ़ाई को लेकर जरूर आवाज उठाई. उनका कहना था कि अगर यहां साफ-सफाई का थोड़ा और ध्यान रखा जाए, तो इस जगह की रौनक चार गुना बढ़ जाएगी.
निशान्त मिश्रा की ग्राउंड रिपोर्ट
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