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सोशल मीडिया पर परफेक्ट रिश्तों का दिखावा, क्या इसी वजह से तनाव में हैं रियल-लाइफ रिलेशन? जानिए

Relationship Advice: हम अपनी रियल लाइफ के रिश्तों की तुलना सोशल मीडिया की चमक-दमक से करने लगते हैं और बिना जाने-समझे खुद को या अपने पार्टनर को कम आंकने लगते हैं.

सोशल मीडिया पर परफेक्ट रिश्तों का दिखावा, क्या इसी वजह से तनाव में हैं रियल-लाइफ रिलेशन? जानिए
Relationships Tips: सोशल मीडिया पर लोग अपने रिश्तों का सिर्फ अच्छा हिस्सा दिखाते हैं.

Relationship Tips: आज के दौर में सोशल मीडिया हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. सुबह आंख खुलते ही हम मोबाइल उठाते हैं और इंस्टाग्राम, फेसबुक या व्हाट्सऐप पर झांक लेते हैं. वहां हमें कपल्स की मुस्कुराती तस्वीरें, रोमांटिक रील्स, सरप्राइज गिफ्ट्स, परफेक्ट डेट और बेस्ट पार्टनर के टैग दिखते हैं. देखने में सब कुछ इतना खूबसूरत लगता है कि मन में यही सवाल आता है क्या वाकई सबके रिश्ते इतने परफेक्ट होते हैं? यहीं से शुरू होता है असली दबाव. हम अपनी रियल लाइफ के रिश्तों की तुलना सोशल मीडिया की चमक-दमक से करने लगते हैं और बिना जाने-समझे खुद को या अपने पार्टनर को कम आंकने लगते हैं.

सोशल मीडिया का रियल-लाइफ रिश्तों पर दबाव | Social Media Puts Pressure on Real-life Relationships

1. परफेक्ट दिखने का दबाव

सोशल मीडिया पर लोग अपने रिश्तों का सिर्फ अच्छा हिस्सा दिखाते हैं. झगड़े, गलतफहमियां, चुप्पियां या मुश्किल दौर कोई पोस्ट नहीं करता. लेकिन देखने वाले को लगता है कि उसके अलावा सब खुश हैं. इससे रिश्ते में परफेक्ट दिखने का दबाव बढ़ता है.

2. तुलना से जन्म लेती है निराशा

जब हम बार-बार दूसरों के रिश्तों को देखते हैं, तो अपने रिश्ते में कमियां ढूंढने लगते हैं. वो मुझे ऐसे सरप्राइज क्यों नहीं देता?, हम इतनी ट्रैवलिंग क्यों नहीं करते? ऐसे सवाल मन में आने लगते हैं, जो धीरे-धीरे असंतोष पैदा करते हैं.

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3. रिश्तों में दिखावा बढ़ता है

कई बार लोग सिर्फ पोस्ट करने के लिए खास पल बनाते हैं. कैमरा ऑन होते ही मुस्कान आ जाती है, लेकिन कैमरा ऑफ होते ही वही दूरी और चुप्पी. इससे रिश्ता मजबूत होने की बजाय और खोखला हो जाता है.

4. असली बातचीत कम होती जा रही है

सोशल मीडिया पर लाइक और कमेंट्स की खुशी के चक्कर में हम आमने-सामने बैठकर बात करना भूल रहे हैं. जबकि रिश्तों की असली मजबूती बातचीत, समझ और साथ समय बिताने से आती है, न कि ऑनलाइन तारीफों से.

समाधान क्या है?

सबसे जरूरी है यह समझना कि हर रिश्ता अलग होता है. सोशल मीडिया की दुनिया एडिटेड होती है, लेकिन रियल लाइफ बिना फिल्टर की होती है. अपने रिश्ते को दूसरों से तुलना करने के बजाय, उसमें ईमानदारी, भरोसा और अपनापन बढ़ाने पर ध्यान दें.

परफेक्ट रिश्ते सोशल मीडिया पर दिख सकते हैं, लेकिन असली रिश्ते उतार-चढ़ाव से ही मजबूत बनते हैं. अगर रिश्ता सच्चा है, तो वह लाइक और रील्स का मोहताज नहीं होता.

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