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प्यार में दूरी नहीं, स्पेस क्यों बन गया आज के रिश्तों की सबसे बड़ी जरूरत? जानिए इसकी अहमियत

Healthy Relationship Tips: आखिर ऐसा क्या बदल गया कि स्पेस आज के रिश्तों की सबसे बड़ी जरूरत बन गया? क्या स्पेस का मतलब दूरी है या यह रिश्ते को बचाने का तरीका है? आइए आसान भाषा में इसे समझते हैं.

प्यार में दूरी नहीं, स्पेस क्यों बन गया आज के रिश्तों की सबसे बड़ी जरूरत? जानिए इसकी अहमियत
Healthy Relationship Tips: आखिर ऐसा क्या बदल गया कि स्पेस आज के रिश्तों की सबसे बड़ी जरूरत बन गया?

Relationship Advice: कभी रिश्तों की पहचान साथ रहने, हर बात साझा करने और हर पल एक-दूसरे के करीब रहने से होती थी. माना जाता था कि अगर दो लोग प्यार में हैं, तो उनके बीच कोई दूरी नहीं होनी चाहिए. लेकिन, आज के समय में रिश्तों की भाषा बदल चुकी है. अब प्यार की परिभाषा में एक नया शब्द जुड़ गया है स्पेस (Space). आज लोग कहते हैं, मुझे तुमसे प्यार है, लेकिन मुझे थोड़ा स्पेस चाहिए. यह सुनकर पहले जहां शक या नाराजगी होती थी, वहीं अब इसे रिश्ते के लिए जरूरी माना जाने लगा है.

आखिर ऐसा क्या बदल गया कि स्पेस आज के रिश्तों की सबसे बड़ी जरूरत बन गया? क्या स्पेस का मतलब दूरी है या यह रिश्ते को बचाने का तरीका है? आइए आसान भाषा में इसे समझते हैं.

स्पेस का असली मतलब क्या है?

स्पेस का मतलब रिश्ते से भागना नहीं है. इसका मतलब है. अपनी पहचान बनाए रखना, अपनी सोच, समय और भावनाओं को समझने का मौका, रिश्ते में घुटन से बचना. जब दो लोग हर वक्त एक-दूसरे पर निर्भर हो जाते हैं, तो धीरे-धीरे चिड़चिड़ापन और तनाव बढ़ने लगता है. स्पेस उस तनाव को कम करता है.

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बदलती लाइफस्टाइल और बढ़ता दबाव:

आज की जिंदगी पहले से कहीं ज्यादा तेज और तनावभरी है. काम का प्रेशर, मोबाइल और सोशल मीडिया, करियर की अनिश्चितता. इन सबके बीच इंसान को कभी-कभी अकेले रहने की जरूरत होती है. अगर रिश्ते में यह आजादी नहीं मिलती, तो प्यार बोझ लगने लगता है.

मेंटल हेल्थ की समझ बढ़ी है:

पहले लोग अपनी भावनाओं को दबा लेते थे. अब लोग समझने लगे हैं कि मानसिक सेहत भी उतनी ही जरूरी है जितनी शारीरिक सेहत. स्पेस लेने से व्यक्ति खुद को समझ पाता है, गुस्सा और फ्रस्ट्रेशन कम करता है, रिश्ते में बेहतर तरीके से लौट पाता है.

स्पेस से प्यार कम नहीं, गहरा होता है

यह एक बड़ा भ्रम है कि स्पेस लेने से रिश्ता कमजोर हो जाता है. सच्चाई यह है कि सही मात्रा में स्पेस रिश्ते को मजबूत बनाता है. जब दो लोग अपनी-अपनी दुनिया जीकर फिर साथ आते हैं, तो बातचीत बेहतर होती है, सम्मान बढ़ता है, एक-दूसरे की कद्र ज्यादा होती है.

स्पेस और दूरी में फर्क समझना जरूरी:

स्पेस और इमोशनल दूरी एक जैसी नहीं होती. स्पेस का मतलब समझदारी और भरोसा. वहीं दूरी का मतलब अनदेखी और चुप्पी है. अगर स्पेस के नाम पर बातचीत बंद हो जाए या भावनाओं को नजरअंदाज किया जाए, तो वह रिश्ता खतरे में पड़ सकता है.

हेल्दी रिश्ते में स्पेस कैसे दें?

  • खुलकर बात करें, मन में सवाल न रखें.
  • एक-दूसरे के समय और फैसलों का सम्मान करें.
  • जरूरत से ज़्यादा कंट्रोल न करें.
  • भरोसे को रिश्ते की नींव बनाएं.

आज के रिश्तों में स्पेस कोई खतरा नहीं, बल्कि एक जरूरत है. यह रिश्ते को सांस लेने की जगह देता है. जहां प्यार के साथ आजदी होती है, वहीं रिश्ता लंबे समय तक टिकता है.

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