विज्ञापन

इस महिला ने छोटी सी बालकनी में बसाया हरियाली का संसार, अब पक्षी और तितलियों का बना आशियाना

डोंबिवली की रहने वाली अस्मिता पुरोहित प्रकृति और पर्यावरण से बहुत प्यार है. उन्होंने अपनी छोटी-बालकनी को खूबसूरत हरियाली से भर दिया है, जहां अक्सर गौरैया और कई तरह के पक्षी आते-जाते दिखाई देते हैं.

इस महिला ने छोटी सी बालकनी में बसाया हरियाली का संसार, अब पक्षी और तितलियों का बना आशियाना
बालकनी को बनाया खूबसूरत गार्डन

भागदौड़ भरी शहरी जिंदगी में जहां लोगों के पास प्रकृति के लिए समय निकालना मुश्किल हो जाता है, वहीं डोंबिवली की अस्मिता पुरोहित ने अपनी छोटी-सी बालकनी को हरियाली के खूबसूरत संसार में बदल दिया है. 70 से ज्यादा पौधों से सजी उनकी बालकनी अब केवल एक गार्डन नहीं, बल्कि गौरैया, तितलियों और अन्य पक्षियों का पसंदीदा ठिकाना बन चुकी है. प्रकृति के प्रति उनके प्रेम की यह अनोखी पहल सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत रही है और कई लोगों को अपने घरों में हरियाली बढ़ाने के लिए प्रेरित कर रही है.

छोटी-सी बालकनी को हरियाली से भरा

हर सुबह जब शहर की भागदौड़ शुरू होती है, तब अस्मिता अपनी बालकनी में कुछ समय बिताती हैं. वह अपने पौधों की देखभाल करती हैं और पक्षियों की चहचहाहट का आनंद लेती हैं. उनकी बालकनी में लगा बर्डहाउस पक्षियों का पसंदीदा ठिकाना बन गया है, जहां वे आते हैं और मधुर आवाजें निकालते हैं. अस्मिता ने अपनी इस हरी-भरी बालकनी की झलक इंस्टाग्राम पर भी शेयर की है, जिसे लोग काफी पसंद कर रहे हैं. उनकी बालकनी न सिर्फ देखने में सुंदर है, बल्कि पक्षियों के लिए एक सुरक्षित और सुकून भरी जगह भी बन गई है.

कड़ी मेहनत और धैर्य से अस्मिता ने अपने 400 वर्ग फुट के छोटे से फ्लैट को हरियाली से भर दिया है. उनके घर में 70 से ज्यादा पौधे हैं, जिनकी देखभाल वह घर पर बनी जैविक खाद और बायो एंजाइम की मदद से करती हैं.

अस्मिता केवल पौधे ही नहीं उगातीं, बल्कि तितलियों के लार्वा को भी पालती हैं. जब ये लार्वा तितलियों में बदल जाते हैं, तो उनकी बालकनी में रंग-बिरंगी तितलियां उड़ती नजर आती हैं. वहीं, गौरैया भी उनकी बालकनी को अपना घर बना चुकी हैं और यहीं अपने बच्चों का पालन-पोषण करती हैं. अस्मिता का कहना है कि अब वह सिर्फ अपनी बेटी की ही मां नहीं हैं, बल्कि उनके घर में रहने वाले पौधों, पक्षियों और तितलियों की भी मां जैसी जिम्मेदारी निभाती हैं.

मुंबई में हरियाली की कमी, बढ़ता प्रदूषण और खुली जगहों का अभाव देखकर अस्मिता ने फैसला किया कि वह अपने घर में ही प्रकृति का एक छोटा-सा संसार बसाएंगी. आज उनकी बालकनी और घर एक छोटे-से इकोसिस्टम की तरह हैं, जहां पौधे, पक्षी और तितलियां एक साथ फल-फूल रहे हैं.

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Gardening, Garden In Balcony
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com