घर में पेड़-पौधे लगाना हर किसी को पसंद होता है. खासकर लोग अपने घर में फूलों वाले पौधे जरूर लगाते हैं. इन्हीं में से एक है मधुकामिनी का पौधा. मधुकामिनी के फूल न केवल देखने में बेहद खूबसूरत लगते हैं, बल्कि इस पौधे के छोटे-छोटे सफेद फूल अपनी मीठी खुशबू से पूरे घर का माहौल खुशनुमा बना देते हैं. लेकिन कई लोगों की शिकायत होती है कि उनके मधुकामिनी के पौधे में ज्यादा फूल नहीं आते हैं या पौधे की ग्रोथ एक ही जगह रुक गई है. अगर आपके पौधे का भी ऐसा ही हाल है, तो ये आर्टिकल आपके लिए मददगार हो सकता है. मशहूर गार्डिनिंग एक्सपर्ट चेतना भल्ला ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में उन्होंने मधुकामिनी के पौधे की सही देखभाल करने और इस पौधे में फूलों को बढ़ाने का तरीका बताया है. आइए जानते हैं इसके बारे में-
गार्डनिंग एक्सपर्ट बताती हैं, मधुकामिनी की तीन प्रमुख वैरायटी होती हैं-
पहली बड़ी पत्तियों वाली. जमीन में लगाने पर ये एक बड़े पौधे या छोटे पेड़ का रूप ले लेती है और इसे बाउंड्री पर खुशबूदार हेज की तरह लगाया जा सकता है.
दूसरी सेमी ड्वार्फ वैरायटी है, जो गमले में लगाने के लिए अच्छी रहती है.
तीसरी टेबल कामिनी है, जिसकी पत्तियां छोटी और चमकदार होती हैं. ये सजावट के लिए अच्छी है, लेकिन इसमें फूल बहुत कम आते हैं. इसलिए अगर आपको फूल चाहिए तो सेमी ड्वार्फ वैरायटी चुनें.
मधुकामिनी के पौधे की मिट्टी कैसी होनी चाहिए?
चेतना भल्ला बताती हैं, अगर आपके मधुकामिनी के पौधे में फूल नहीं आ रहे हैं, तो इसका एक कारण मिट्टी में पोषण की कमी भी हो सकता है. मधुकामिनी के पौधे को पोषण से भरपूर मिट्टी चाहिए होती है. इस मिट्टी को बनाने के लिए 40 प्रतिशत सामान्य मिट्टी में 30 प्रतिशत पुरानी वर्मी कंपोस्ट या गोबर की खाद, 20 प्रतिशत रेत और 10 प्रतिशत राइस हस्क या कोकोपीट मिलाएं. अब, इसमें एक बड़ा चम्मच नीम की खली और आधा छोटा चम्मच हल्दी पाउडर डालें. सभी चीजों को आपस में अच्छी तरह मिला लें. इतना करते ही आपकी मिट्टी तैयार हो जाएगी. बस ध्यान रखें कि खाद अच्छी तरह पुरानी और सड़ी हुई हो.
मधुकामिनी के पौधे को कितनी देर तक धूप में रखना चाहिए?गार्डनिंग एक्सपर्ट बताती हैं, मधुकामिनी को अच्छी फ्लावरिंग के लिए रोजाना 5 से 6 घंटे धूप की जरूरत होती है. इसलिए इसे ऐसी जगह रखें जहां पौधे को पर्याप्त रोशनी मिले.
मधुकामिनी के पौधे में पानी कितना डालना चाहिए?एक्सपर्ट कहती हैं, पौधे को पानी देते समय ध्यान रखें कि गमले में पानी जमा न हो. इस पौधे को रोज पानी की जरूरत नहीं होती है. पहले मिट्टी को उंगली से छूकर देखें. अगर पौधे की मिट्टी की उपर वाली परत सूखी हुई लगे, केवल तब ही इसमें पानी डालें. साथ ही पौधे के तने के पास पानी डालने के बजाय गमले के बाहरी हिस्से में पानी दें. इससे जड़ों के सड़ने का खतरा कम होता है.
मधुकामिनी के पौधे में फूल बढ़ाने के लिए क्या करें?गार्डनिंग एक्सपर्ट कहती हैं, अगर आपके मधुकामिनी के पौधे में फूल नहीं आ रहे हैं, तो एक लीटर पानी में एक केले के छिलका, एक बड़ा चम्मच बोनमील और एक बड़ा चम्मच एप्सम सॉल्ट डालकर अच्छी तरह मिला लें. आप हर महीने इसे पौधे की मिट्टी में डाल सकते हैं. केले का छिलका पौधे को पोटैशियम और बोनमील फास्फोरस देने में मदद करता है. इससे पौधे को सही पोषण मिलता है, जिससे फिर ज्यादा फूल आते हैं.
मधुकामिनी के पौधे की सर्दियों में देखभाल कैसे करें?चेतना भल्ला कहती हैं, नवंबर से जनवरी के बीच ठंड में मधुकामिनी का पौधा आराम की अवस्था में जा सकता है. इस दौरान पत्तियां पीली होकर झड़ सकती हैं. ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है. इस कंडीशन में अपने पौधे को पानी कम दें, साथ ही भारी खाद डालने से भी बचें.
इसके अलावा इस पौधे में कई बार मिलीबग्स और स्पाइडर माइट्स जैसे कीट भी लग जाते हैं. इनसे बचाव के लिए एक लीटर गुनगुने पानी में 5 एमएल नीम ऑयल और लिक्विड सोप की 4-5 बूंदें मिलाकर 15 से 20 दिन में स्प्रे कर दें. इस तरह थोड़ी सी देखभाल से आपका मधुकामिनी का पौधा हरा-भरा और फूलों से भरा रह सकता है.
यहां देखें वीडियो-
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