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मानसून में रेनकोट शेयर करने से पहले जान लें ये जरूरी बातें, डर्मेटोलॉजिस्ट ने बताया स्किन को हो सकते हैं ये नुकसान

मानसून में रेनकोट शेयर करना बहुत ही ज्यादा आम बात है. लेकिन अगर इसकी साफ-सफाई का ध्यान न रखा जाए, तो त्वचा संबंधी समस्याओं का कारण बन सकती हैं. साथ ही इसका गलत तरीके से इस्तेमाल करने से स्किन इंफेक्शन भी हो सकता है.

मानसून में रेनकोट शेयर करने से पहले जान लें ये जरूरी बातें, डर्मेटोलॉजिस्ट ने बताया स्किन को हो सकते हैं ये नुकसान
रेनकोट शेयर करने से पहले ध्यान रखें ये जरूरी टिप्स
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मानसून में अचानक बारिश शुरू होते ही किसी दोस्त, सहकर्मी या परिवार के सदस्य का रेनकोट पहन लेना आम बात है. लेकिन अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि इंफेक्शन केवल तौलिया, कपड़े या कंघी शेयर करने से फैलता है. जबकि बारिश के मौसम में रेनकोट जैसी नॉन-ब्रीदेबल चीजें भी, अगर उनकी साफ-सफाई का ध्यान न रखा जाए, तो त्वचा संबंधी समस्याओं का कारण बन सकती हैं. यह समझना जरूरी है कि रेनकोट खुद इंफेक्शन पैदा नहीं करता, लेकिन गलत तरीके से इस्तेमाल किए गए रेनकोट से इंफेक्शन होने का खतरा बन सकता है. इसी कड़ी में आज हम कुछ जरूरी टिप्स बताने जा रहे हैं जिनका ध्यान दूसरे के रेनकोट इस्तेमाल करने से पहले रखना चाहिए. इसकी जानकारी पैसिफिक वनहेल्थ हॉस्पिटल में डर्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर मोलिशा भंडारी ने दी है.

आखिर रेनकोट से स्किन को खतरा क्यों बढ़ जाता है?

डर्मेटोलॉजिस्ट के अनुसार रेनकोट का कपड़ा पानी को बाहर रखता है, लेकिन यह हवा के आने-जाने को भी काफी हद तक रोक देता है. ऐसे में शरीर से निकलने वाला पसीना अंदर ही फंस जाता है. जब किसी दूसरे व्यक्ति का पसीना, त्वचा की डेड सेल्स और नमी लंबे समय तक रेनकोट पर बनी रहती हैं, तो वहां बैक्टीरिया और फंगस के पनपने की संभावना बढ़ जाती है. अगर यही रेनकोट बिना साफ किए दूसरा व्यक्ति पहन ले, तो खासकर गर्दन, बगल, पीठ और कमर जैसे हिस्सों में त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं.

किन समस्याओं का खतरा हो सकता है?

1. फंगल इंफेक्शन का जोखिम

मानसून में फंगल इंफेक्शन पहले से ही अधिक देखने को मिलता है क्योंकि फंगस को बढ़ने के लिए गर्म और नम वातावरण चाहिए. अगर किसी व्यक्ति को पहले से फंगल इंफेक्शन है और उसका रेनकोट नियमित रूप से साफ नहीं किया जाता, तो इंफेक्शन फैलने की संभावना बढ़ सकती है. 

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2. फॉलिकुलाइटिस (Folliculitis)

यह एक ऐसी समस्या है जिसके बारे में लोग कम जानते हैं. लंबे समय तक पसीना, घर्षण (Friction) और त्वचा का बंद वातावरण में रहना बालों की जड़ों में सूजन पैदा कर सकता है. इससे छोटे-छोटे लाल दाने या दर्द वाले पिंपल्स जैसी समस्या हो सकती है, खासकर पीठ और कंधों पर. 

3. एक्ने मैकेनिका (Acne Mechanica)

यह ऐसी स्थिति है जिसमें पसीना, गर्मी और लगातार घर्षण (Friction) के कारण शरीर पर मुंहासे जैसे दाने निकलने लगते हैं. लगातार कई घंटों तक गीला या पसीने वाला रेनकोट पहनना इस समस्या को बढ़ा सकता है, खासकर जिनकी त्वचा पहले से ऑयली है.

किन लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है?

  • जिन लोगों को बार-बार फंगल इंफेक्शन होता है.
  • जिन्हें एक्जिमा या सेंसिटिव स्किन की समस्या है.
  • डायबिटीज के मरीज.
  • जिनकी इम्युनिटी कमजोर है.
  • खिलाड़ी, डिलीवरी एजेंट या ऐसे लोग जिन्हें लंबे समय तक रेनकोट पहनना पड़ता है.

रेनकोट शेयर करना पड़े तो क्या करें?

अगर किसी कारणवश रेनकोट शेयर करना ही पड़े, तो यह सुनिश्चित करें कि उसकी अंदरूनी सतह साफ और पूरी तरह सूखी हो. गीले रेनकोट को मोड़कर बैग में रखने के बजाय उसे हवा में सुखाएं.समय-समय पर सफाई करें. रेनकोट उतारने के बाद यदि शरीर पसीने से भीगा हुआ हो, तो जल्द से जल्द सूखे कपड़े पहनें. यह छोटी-सी आदत फंगल इंफेक्शन के जोखिम को काफी कम कर सकती है.

जरूरी सलाह

अगर रेनकोट पहनने के बाद त्वचा पर गोलाकार लाल चकत्ते, लगातार खुजली, छोटे पस वाले दाने या जलन दिखाई दे, तो खुद एंटीफंगल या स्टेरॉयड क्रीम लगाने के बजाय त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लें. सही समय पर उपचार लेने से संक्रमण को फैलने और लंबे समय तक बने रहने से रोका जा सकता है. 

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