Kaunsa ang dabane par pet ki gas nikal jaye: आजकल खराब रूटीन, फास्ट फूड और कम पानी पीने की वजह से पेट में गैस बनना बहुत आम हो गया है. कई बार दवाइयों के बजाय लोग घरेलू तरीकों या एक्यूप्रेशर पॉइंट्स (Gas Release Karne Ke liye Accupressure) से राहत लेते हैं. दिलचस्प बात ये है कि शरीर पर कुछ ऐसे पॉइंट्स भी होते हैं. जिन्हें हल्का दबाने से गैस (Gas Ke Liye Gharelu Upay), पेट दर्द और सूजन में तुरंत आराम मिलता है. तो अगर आप भी जानना चाहते हैं कि पेट की गैस निकालने के लिए कहां दबाएं और कौन सा योगासन सबसे असरदार है, तो ये जानकारी आपके काम आएगी.
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पेट में गैस बनने पर कौन सा पॉइंट दबाना चाहिए?
एक्यूप्रेशर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला पॉइंट है ST-36 (स्टमक 36).
- ये घुटने के ठीक नीचे, पिंडली की हड्डी के किनारे स्थित होता है. इस पॉइंट को 2-3 मिनट हल्का दबाने या मसाज करने से पाचन अच्छा होता है और गैस तेजी से निकलती है.
- दूसरा काम का पॉइंट है- LI-4 (लार्ज इंटेस्टाइन 4).
- ये हाथ की अंगुलियों के बीच अंगूठे और तर्जनी की जड़ पर स्थित होता है. इसे दबाने से पेट दर्द, सूजन और गैस में तुरंत राहत मिलती है.

अगर गैस बहुत ज्यादा बनी हो और पेट फूल रहा हो. तो नाभि के चारों ओर 2-3 उंगलियों से हल्की गोलाई में मसाज करना काफी फायदेमंद है.
- इसके अलावा पैरों के तलवे में बीच का हिस्सा दबाने से भी गैस पास होने में मदद मिलती है.
कब्ज या पेट साफ न होने पर LI-11 पॉइंट बहुत कारगर माना जाता है.
- ये कोहनी के मोड़ के पास मौजूद होता है. इसे 2 मिनट तक मसाज करने से एंटसटाइन एक्टिव होती हैं और पेट साफ होने में मदद मिलती है.
योग में गैस निकालने के लिए सबसे असरदार आसन है
• पवनमुक्तासन पीठ के बल लेटकर दोनों घुटनों को पेट की ओर खींचें और 20-30 सेकंड पकड़कर रखें. इस आसन से एंटसटाइन में फंसी गैस बाहर निकलने में आसानी होती है.
• वज्रासन- भोजन के बाद बैठने से गैस नहीं बनती
• बालासन- पेट पर हल्का दबाव, तुरंत राहत
• मार्जरी–बितिलासन- पाचन सुधरता है और गैस कम होती है
पेट में ज्यादा गैस बनने से कौन सी बीमारी होती है?गैस्ट्राइटिस पेट से जुड़ी एक सामान्य समस्या है वैसे तो. इस समस्या में पेट की परत में सूजन और जलन जैसी दिक्कतें आती है. गैस्ट्राइटिस की समस्या पेट में अल्सर पैदा करने वाले बैक्टीरिया से ही होती है. कुछ मामलों में गैस्ट्राइटिस के कारण पेट का अल्सर और कैंसर का भी खतरा बढ़ सकता है.
गैस बनने पर कहां-कहां दर्द होता है?गैस बनने पर पेट के ऊपरी हिस्से, निचले पेट, छाती और पीठ जैसे कई जगहों पर दर्द बहुत तेज या हल्का-हल्का हो सकता है. यह दर्द ऐंठन, दबाव या चुभने जैसा हो सकता है और कभी-कभी यह दिल के दौरे जैसी गंभीर समस्या का भी एक संकेत है, इसलिए दर्द गंभीर हो या सांस लेने में परेशानी जैसे अन्य लक्षण हों तो डॉक्टर को दिखाना बेहद जरूरी है.
अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.
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