सालों से विटामिन C को त्वचा की देखभाल में सबसे प्रभावी एंटीऑक्सीडेंट माना जाता रहा है. यह त्वचा को चमकदार बनाने, कोलेजन बढ़ाने और प्रदूषण व धूप जैसी बाहरी नुकसान पहुंचाने वाली चीजों से बचाने में मदद करता है. हालांकि, स्किन साइंस में हुई नई रिसर्च के बाद अब सिर्फ एक ही इंग्रीडिएंट पर निर्भर रहने के बजाय कई एंटीऑक्सीडेंट्स और स्किन बैरियर को मजबूत करने वाले तत्वों को साथ में इस्तेमाल करने पर जोर दिया जा रहा है. इससे त्वचा को ज्यादा बेहतर और संपूर्ण सुरक्षा मिल सकती है.
एक्सपर्ट क्या कहते हैं?
HT लाइफस्टाइल के साथ एक इंटरव्यू में दिल्ली के अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल के सीनियर कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट संदीप अरोड़ा ने बताया कि आजकल स्किनकेयर में सिर्फ एक इंग्रीडिएंट पर भरोसा करने के बजाय ऐसे प्रोडक्ट्स पर जोर दिया जा रहा है, जिनमें कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट्स और स्किन बैरियर को मजबूत करने वाले तत्व मौजूद हों. इससे त्वचा को बाहरी नुकसान से बचाने के साथ उसे अंदर से मजबूत बनाने में भी मदद मिलती है.
डॉ. अरोड़ा बताते हैं कि हमारी त्वचा हर दिन धूप की UV किरणों, प्रदूषण, तनाव, धूम्रपान और खराब लाइफस्टाइल जैसी कई चीजों के संपर्क में आती है. ये सभी कारक शरीर में फ्री रेडिकल्स पैदा करते हैं, जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ाकर त्वचा की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को तेज कर सकते हैं. इसके कारण झुर्रियां, पिगमेंटेशन, सूजन और कोलेजन की कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. ऐसे में एंटीऑक्सीडेंट्स इन हानिकारक तत्वों को निष्क्रिय करने में मदद करते हैं और त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा को मजबूत बनाते हैं.
उन्होंने यह भी बताया कि त्वचा का अपना एक प्राकृतिक बॉडी क्लॉक होता है. दिन के समय त्वचा खुद को बाहरी नुकसान से बचाने पर ज्यादा काम करती है, जबकि रात में उसकी मरम्मत और नई कोशिकाओं के बनने की प्रक्रिया सबसे तेज होती है. इसलिए स्किनकेयर रूटीन को भी दिन और रात की जरूरतों के अनुसार अपनाना फायदेमंद माना जाता है.
सिर्फ Vitamin C काफी नहीं?
डॉ. संदीप अरोड़ा के अनुसार, अब स्किनकेयर सिर्फ विटामिन C तक सीमित नहीं रहा है. कई नए एंटीऑक्सीडेंट्स सामने आए हैं, जो त्वचा को अलग-अलग तरह के फायदे पहुंचाते हैं और विटामिन C के साथ मिलकर ज्यादा बेहतर परिणाम दे सकते हैं. उन्होंने बताया कि गैलिक एसिड एक ऐसा पौधों से प्राप्त एंटीऑक्सीडेंट है, जो तेजी से प्रसिद्ध हो रहा है. यह फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान को कम करने के साथ-साथ त्वचा की जलन घटाने और उसे ज्यादा चमकदार बनाने में भी मदद करता है.
डॉ. अरोड़ा के मुताबिक, जब विटामिन E को विटामिन C या अन्य एंटीऑक्सीडेंट्स के साथ इस्तेमाल किया जाता है, तो यह त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा को और मजबूत बनाता है. कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि ऐसे कॉम्बिनेशन का एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव अकेले विटामिन C की तुलना में दोगुना तक बेहतर हो सकता है. यही वजह है कि आजकल कॉम्बिनेशन-बेस्ड स्किनकेयर फॉर्मूलेशन पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है. उन्होंने नियासिनामाइड को भी स्किनकेयर का पसंदीदा इंग्रीडिएंट बताया. उनके अनुसार, नियासिनामाइड के कई फायदे हैं. यह त्वचा के बड़े पोर्स को कम दिखाने, चेहरे की चमक बढ़ाने, स्किन बैरियर को मजबूत करने और सूजन कम करने में मदद करता है. यही कारण है कि यह लगभग हर तरह की त्वचा वाले लोगों के लिए फायदेमंद माना जाता है.
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