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क्या छोटे बच्चों के सामने कपड़े बदलना या नहाना ठीक है? Pediatrician से जानें कैसा होता है बच्चे पर असर

At what age should you stop changing in front of your kids: अक्सर माता-पिता के मन में यह सवाल आता है कि छोटे बच्चों के सामने कपड़े बदलना या नहाना कितना ठीक है. इस विषय पर मशहूर पीडियाट्रिशियन अनुराधा ने जानकारी दी है. आइए जानते हैं क्या कहती हैं डॉक्टर-

क्या छोटे बच्चों के सामने कपड़े बदलना या नहाना ठीक है? Pediatrician से जानें कैसा होता है बच्चे पर असर
क्या छोटे बच्चों के सामने कपड़े बदलना ठीक है?

At what age should you stop changing in front of your kids: बच्चों के साथ हर छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देना जरूरी होता है. इसी कड़ी में अक्सर माता-पिता के मन में यह सवाल आता है कि छोटे बच्चों के सामने कपड़े बदलना या नहाना कितना ठीक है? कई लोगों को लगता है कि बच्चा तो छोटा है, उसे क्या समझ आएगा. तो कुछ ऐसा करने से कतराते हैं. इस विषय पर मशहूर पीडियाट्रिशियन अनुराधा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया है. वीडियो में डॉक्टर ने बताया है कि छोटे बच्चे के सामने कपड़े चेंज करना या नहाना कितना सही या गलत है और इससे बच्चे की सोच पर कैसा असर पड़ता है. आइए जानते हैं इस बारे में- 

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क्या कहती हैं डॉक्टर?

डॉक्टर अनुराधा बताती हैं, 6 साल से कम उम्र के बच्चे अभी अपने शरीर, प्राइवेसी और बॉडी बॉउंड्री के बारे में सीख रहे होते हैं. इस उम्र में वे जो देखते हैं, वही उनके लिए नॉर्मल बन जाता है. अगर बच्चा बार-बार अपने माता-पिता को कपड़े बदलते हुए देखता है, तो उसके मन में यह धारणा बन सकती है कि शरीर हमेशा सबके सामने खुला रहता है और प्राइवेसी जैसी कोई चीज नहीं होती है.

यह आदत आगे चलकर बच्चों को कंफ्यूज कर सकती है. वे यह नहीं समझ पाते कि कब किसे छूने की इजाजत है और कब नहीं. इससे उनकी पर्सनल बॉउंड्री कमजोर हो सकती है, जो भविष्य में उनके लिए नुकसानदायक भी हो सकती है.

डॉक्टर का कहना है कि माता-पिता को बच्चों के सामने सही उदाहरण पेश करना चाहिए. जैसे-

  • अपने कपड़े अपने कमरे में बदलें.
  • बाथरूम में नहाएं और प्राइवेसी रखें.
  • बच्चों को भी सिखाएं कि उनके शरीर के कुछ हिस्से प्राइवेट होते हैं.

इसका मतलब यह नहीं कि आप बच्चों से कुछ छिपा रहे हैं या जरूरत से ज्यादा शर्म कर रहे हैं. बल्कि आप उन्हें सिखा रहे हैं कि हर इंसान, चाहे वह बच्चा हो या बड़ा, प्राइवेसी का हकदार है.

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माता-पिता इन मौकों का इस्तेमाल बच्चों से बॉडी सेफ्टी की बात करने के लिए भी कर सकते हैं. बहुत ही सिंपल और उम्र के अनुसार भाषा में उन्हें समझाएं कि कौन सा टच ठीक है और कौन सा नहीं. अगर बच्चा किसी बात पर असहज महसूस करे, तो उसे खुलकर बोलने की आजादी दें.

डॉक्टर कहती हैं, बच्चों के सामने कपड़े बदलना भले ही आपको सामान्य लगे, लेकिन बच्चों की समझ और मानसिक विकास के लिए सही बॉउंड्री सिखाना बहुत जरूरी है. छोटी उम्र में सिखाई गई ये बातें आगे चलकर बच्चों को सुरक्षित और जागरूक बनाती हैं.

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.


 

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