Right way to Manifest: हर इंसान अपने जीवन में सुख, शांति, अच्छी सेहत और सफलता चाहता है. लेकिन कई बार कोशिशों के बावजूद चीजें वैसी नहीं होतीं जैसी हम चाहते हैं. इस बीच मेनिफेस्टेशन एक चर्चा का विषय बना हुआ है. दरअसल, मेनिफेस्टेशन एक ऐसा प्रोसेस होता है, जिसमें व्यक्ति अपनी सोच, भावनाओं और विश्वासों को केंद्रित करके अपनी इच्छाओं और लक्ष्यों को वास्तविकता में बदलता है. आसान भाषा में समझें तो यह 'लॉ ऑफ अट्रैक्शन' की तरह काम करता है. आप जो सोचते और महसूस करते हैं, वही आकर्षित करते हैं और इससे आपकी लाइफ बेहतर होने लगती है.
अब, अधिकतर लोग इस बात को लेकर कंफ्यूज रहते हैं कि आखिर चीजों को मेनिफेस्ट कैसे करें या मेनिफेस्टेशन का सही तरीका क्या है? इसे वलेकर ब्रह्मकुमारी शिवानी दीदी ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में वे बताती हैं, अगर रोज सिर्फ 2 मिनट तक भी सही तरीके से संकल्प किया जाए या मेनिफेस्ट किया जाए, तो 30 दिनों में जीवन में फर्क दिखने लगता है. आइए BK Shivani से जानते हैं मेनिफेस्टेशन का सही तरीका-
क्या करें?
ब्रह्मकुमारी शिवानी दीदी बताती हैं, जीवन का एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक नियम है- 'संकल्प से सिद्धि होती है'. यानी हम जो सोचते हैं, बार-बार बोलते हैं और महसूस करते हैं, वही हमारी जिंदगी में सच बन जाता है. अगर हम लगातार 'मुझे चाहिए' या 'मेरे पास कमी है' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, तो वही स्थिति और मजबूत होती जाती है.
क्या है मेनिफेस्टेशन का सही तरीका?दीदी बताती हैं कि संकल्प की भाषा हमेशा पॉजिटिव और वर्तमान काल में होनी चाहिए. जैसे- 'मुझे खुशी चाहिए' की जगह 'मैं सदा खुश हूं' बोलें.
'चाहिए' बोलने से जरूरत बनी रहती है, जबकि 'है' बोलने से मन उसे सच मानने लगता है.
सुबह उठते ही करें ये 2 मिनट का कामBK Shivani कहती हैं कि सुबह उठते ही सबसे पहले मोबाइल देखने के बजाय अपने मन को निर्देश दें. रोज सुबह और रात सोने से पहले 2 मिनट ये संकल्प दोहराएं.
- मैं सदा खुश हूं
- मैं शांत, स्थिर और निडर हूं
- मैं आत्मविश्वासी हूं
- मेरा शरीर स्वस्थ और निरोगी है
- मेरा मन शांत और मजबूत है
- मेरी लाइफ परफेक्ट है और हमेशा रहेगी.
अगर मन में बोलना मुश्किल लगे, तो इन्हें डायरी में लिखना शुरू करें. रोज 8-10 पॉइंट लिखने में सिर्फ 2 मिनट लगते हैं.
नेगेटिव शब्दों से क्यों बचना जरूरी है?दीदी चेतावनी देती हैं कि 'मेरे पास समय नहीं है', 'मैं बीमार हूं', 'मेरे जीवन में समस्या है' जैसे शब्द बार-बार बोलने से वही ऊर्जा मजबूत होती जाती है. समस्या हो तो सिर्फ डॉक्टर या समाधान देने वाले व्यक्ति से बात करें, पूरी दुनिया से नहीं.
30 दिनों में कैसे दिखेगा असर?जब आप रोज सही शब्दों में संकल्प दोहराते हैं, तो मन की भाषा बदलने लगती है. धीरे-धीरे वही भाषा आपकी आदत बन जाती है और वही ऊर्जा आपके जीवन में परिस्थितियों को बदलने लगती है. शिवानी दीदी कहती हैं, Manifestation कोई जादू नहीं है, बल्कि सोच और शब्दों की सही दिशा है. अगर आप रोज सिर्फ 2 मिनट अपने विचारों को सही दिशा देंगे, तो 30 दिनों में जीवन में सकारात्मक बदलाव महसूस होने लगेगा.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं