आपने कई ऐसे कैमरे इस्तेमाल किए होंगे, जिनका रेजोल्यूशन काफी शानदार होता है. ये कैमरे काफी दूर तक चीजों को कैप्चर कर लेते हैं. ठीक इसी तरह इंसान की आंखें भी काम करती हैं, यानी हमारी आंखें भी एक कैमरे की तरह हैं, जिनका काम सामने खड़ी चीजों की तस्वीर हमारे दिमाग तक पहुंचाना है. आज हम आपकी खूबसूरत आंखों से जुड़े कुछ ऐसे फैक्ट बताने जा रहे हैं, जिन्हें जानकर आप हैरान रह जाएंगे.
कितना होता है आंखों का रेजोल्यूशन?
अपने मोबाइल के कैमरे को तो आपने कई बार चलाया होगा और इसका मेगापिक्सल भी चेक किया होगा, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी आंखें कितने मेगापिक्सल की होती हैं? साइंटिस्ट और फोटोग्राफर डॉ. रोजर क्लार्क के मुताबिक इंसान की आंख का रेजोल्यूशन 576 मेगापिक्सल होता है. अगर आप अपने फोन से इसकी तुलना करें तो ये काफी ज्यादा है.
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अब आप सोच रहे होंगे कि कैमरे से ज्यादा रेजोल्यूशन होने के बावजूद हमारी आंखें वो कैद नहीं कर पाती हैं, जो मोबाइल कैमरे में हो जाता है. इसका जवाब भी डॉ क्लार्क ने दिया. उन्होंने बताया कि इंसान सिर्फ एक छोटे से एरिया या ऑब्जेक्ट को एक बार में हाई रेजोल्यूशन के साथ देख सकता है. एक स्नैपशॉट जितनी लंबी नजर में इंसान की आंखों का रेजोल्यूशन कम होकर सिर्फ 15 मेगापिक्सल तक रह जाता है.
कितनी दूरी तक देख सकता है इंसान?
इंसान की आंखें खुले मैदान में करीब 5 किलोमीटर तक देख सकती हैं. हालांकि इतनी दूरी तक किसी ऑब्जेक्ट को साफ देख पाने की क्षमता आंखों में नहीं होती है. एक स्वस्थ इंसान करीब दो किलोमीटर तक एक जलती हुई मोमबत्ती को देख सकता है. अगर ऊपर देखने की बात करें तो इंसान की आंखें हजारों किमी दूर मौजूद तारों को अपनी आंखों से देख सकती हैं.
अब अगर कोई आपकी आंखों की तारीफ करता है या फिर उन्हें लेकर कुछ भी कहता है तो आप उसे बता सकते हैं कि ये कितनी काम की हैं. आंखें हमारे शरीर का जरूरी हिस्सा हैं और यही वो चीज है जो तमाम यादों को हमारे मेमोरी कार्ड यानी दिमाग में भेजने का काम करती है.
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