Snowfall Travel Warning: हाल ही में पहाड़ों पर गिरी बर्फ ने सभी का ध्यान खींचा है. सर्दियों का मौसम आते ही पहाड़ों की ओर घूमने का मन अपने आप खिंचने लगता है. बर्फ से ढकी सड़कें, सफेद पहाड़, ठंडी हवा और गर्म चाय, ये सब मिलकर ट्रिप को खास बना देते हैं. लेकिन, पिछले कुछ दिनों से मसूरी से लेकर मनाली और गुलमर्ग तक लगातार ऐसी खबरें सामने आ रही हैं, जहां लोग घंटों ट्रैफिक जाम में फंसे हुए हैं. कहीं गाड़ियां बर्फ में धंस गईं, तो कहीं सड़कों पर लंबी कतारें लग गईं. ऐसे हालात में अगर सही तैयारी न हो, तो पहाड़ों की ट्रिप सुकून देने के बजाय थकान और परेशानी बन सकती है.
आजकल सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें लोग बर्फ के बीच कार में बैठे घंटों इंतजार करते दिख रहे हैं. बच्चों के साथ गए परिवार, बुज़ुर्ग लोग और टूरिस्ट सभी को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या पहाड़ों की ट्रिप प्लान करना गलत है? जवाब है, नहीं. बस जरूरत है सही और समझदारी भरी तैयारी की.
पहाड़ों पर बर्फ देखने जा रहे तो इन बातों का रखें ख्याल:
1. मौसम और ट्रैफिक अपडेट पहले जरूर देखें
पहाड़ों पर मौसम पल भर में बदल जाता है. निकलने से पहले मौसम विभाग की चेतावनी, स्थानीय प्रशासन के अपडेट और ट्रैफिक की स्थिति जरूर जांच लें. अगर भारी बर्फबारी या रोड ब्लॉक की सूचना हो, तो ट्रिप एक-दो दिन आगे बढ़ाना बेहतर है.

2. वीकेंड और पीक टाइम से बचें
ज्यादातर ट्रैफिक जाम वीकेंड और छुट्टियों में लगता है. अगर संभव हो, तो सोमवार से गुरुवार के बीच यात्रा प्लान करें. इससे न सिर्फ भीड़ कम मिलेगी, बल्कि होटल और टैक्सी भी आसानी से मिल जाएंगे.
3. गाड़ी और ड्राइविंग की तैयारी करें
अगर खुद की गाड़ी से जा रहे हैं, तो स्नो चेन, अच्छी हालत के टायर, फुल फ्यूल और जरूरी टूल्स साथ रखें. पहाड़ों पर तेज रफ्तार या अचानक ब्रेक लेना खतरनाक हो सकता है, इसलिए धीरे और सावधानी से ड्राइव करें.
4. खाने-पीने और जरूरी सामान का इंतजाम
ट्रैफिक जाम में फंसने की स्थिति में पानी, बिस्किट, ड्राई फ्रूट्स, बच्चों का दूध, दवाइयां और गर्म कपड़े बहुत काम आते हैं. मोबाइल चार्ज रखने के लिए पावर बैंक जरूर साथ रखें.
5. लोकल सलाह को हल्के में न लें
स्थानीय लोग रास्तों और मौसम को बेहतर जानते हैं. होटल स्टाफ, टैक्सी ड्राइवर या पुलिस की सलाह को गंभीरता से लें. कई बार छोटे रूट या समय बदलने से बड़ी परेशानी टल जाती है.

6. सुकून को प्राथमिकता दें, जल्दबाजी नहीं
याद रखें, ट्रिप का मकसद सुकून और अच्छा अनुभव है, न कि जिद में पहुंचना. अगर हालात अनुकूल न हों, तो रुकना या वापस लौटना भी एक समझदारी भरा फैसला होता है.
अंत में यही कहा जा सकता है कि पहाड़ों की खूबसूरती का मजा तभी लिया जा सकता है, जब हम हालात के अनुसार खुद को ढालें. थोड़ी सी समझदारी, सही प्लानिंग और धैर्य आपकी बर्फीली यात्रा को यादगार और सुकून भरी बना सकता है.
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