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Mahakal Yatra हुई आसान! कोटा से उज्जैन MEMU ट्रेन शुरू, यात्रियों को बड़ा फायदा, जानें टाइमिंग और रूट

पश्चिम मध्य रेलवे ने कोटा और उज्जैन के बीच सीधी मेमू सेवा शुरू कर दी है. इसका मतलब यह है कि अब यात्रियों को उज्जैन पहुंचने के लिए ट्रेन बदलने की जरूरत नहीं होगी. खासकर महाकाल के दर्शन के लिए जाने वालों को इसका सीधा फायदा मिलने वाला है.

Mahakal Yatra हुई आसान! कोटा से उज्जैन MEMU ट्रेन शुरू, यात्रियों को बड़ा फायदा, जानें टाइमिंग और रूट
अब कोटा वालों के लिए महाकाल के दर्शन हुए आसान
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महाकाल दर्शन के लिए उज्जैन जाने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है. अब कोटा से उज्जैन के बीच सीधी MEMU ट्रेन शुरू हो गई है, जिससे यात्रियों को ट्रेन बदलने की झंझट नहीं रहेगाा. मेमू (MEMU) का पूरा नाम मेन लाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (Mainline Electric Multiple Unit) है. यह ट्रेन खासकर कोटा और हाड़ौती के श्रद्धालुओं के लिए महाकाल यात्रा अब पहले से कहीं ज्यादा आसान बना देगी. आज यानी 15 जून से कोटा से उज्जैन के बीच सीधी मेमू रेल सेवा शुरू होगी.

मतलब यह है कि अब यात्रियों को उज्जैन पहुंचने के लिए ट्रेन बदलने की जरूरत नहीं होगी. खासकर महाकाल के दर्शन के लिए जाने वालों को इसका सीधा फायदा मिलने वाला है. अब बिना किसी परेशानी के एक ही ट्रिप में महाकाल, काल भैरव और मंगलनाथ के दर्शन करना संभव हो गया है.

FIRST MEMU TRAIN BETWEEN KOTA AND UJJAIN (MADHYA PRADESH):  महाकाल के दर्शन के लिए कोटा और हाड़ौती के हजारों श्रद्धालु हर साल उज्जैन जाते हैं. लेकिन कई लोगों की शिकायत रहती थी कि यात्रा जितनी आसान दिखती है, उतनी होती नहीं है. कहीं ट्रेन बदलनी पड़ती है, कहीं घंटों इंतजार करना पड़ता है. अब यह परेशानी काफी हद तक कम हो जाएगी. पश्चिम मध्य रेलवे ने कोटा और उज्जैन के बीच सीधी मेमू सेवा शुरू कर दी है.

महाकाल जाने वालों के लिए क्या बदला? (What Has Changed For Travelers)

सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब कोटा से उज्जैन तक सीधी मेमू सेवा उपलब्ध रहेगी. अब तक यह मेमू चौमहला पहुंचकर रुक जाती थी. लेकिन अब इसे करीब 60 किलोमीटर आगे उज्जैन तक बढ़ा दिया गया है.

इससे विक्रमगढ़ आलोट, महिदपुर रोड और नागदा के यात्रियों को भी सीधा फायदा मिलेगा, जबकि कोटा और हाड़ौती के श्रद्धालु बिना ट्रेन बदले महाकाल की नगरी तक पहुंच सकेंगे.

अब कोटा से ट्रेन में बैठने वाला यात्री बिना ट्रेन बदले सीधे उज्जैन पहुंच सकेगा. इससे यात्रा पहले के मुकाबले ज्यादा आसान हो जाएगी.

कब चलेगी ट्रेन? (Train Timings)

कोटा से मेमू ट्रेन सुबह 5:40 बजे रवाना होगी और दोपहर 12 बजे उज्जैन पहुंचेगी. वापसी में यह ट्रेन दोपहर 12:30 बजे उज्जैन से चलेगी और शाम 7:05 बजे कोटा पहुंचेगी. रास्ते में यह ट्रेन रामगंजमंडी, भवानीमंडी, शामगढ़, चौमहला, विक्रमगढ़ आलोट और नागदा जैसे स्टेशनों पर भी रुकेगी.

ऐसे प्लान कर सकते हैं महाकाल की यात्रा (How To Plan Your Mahakal Trip)

अगर आप सुबह कोटा से निकलकर दोपहर में उज्जैन पहुंचते हैं, तो आपके पास महाकाल की नगरी को करीब से देखने का अच्छा मौका होगा. सबसे पहले महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन किए जा सकते हैं. इसके बाद काल भैरव मंदिर पहुंचा जा सकता है, जिसे उज्जैन के सबसे रहस्यमयी और चर्चित मंदिरों में गिना जाता है. मान्यता है कि यहां बाबा काल भैरव को मदिरा का भोग लगाया जाता है, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं.

शाम के समय हरसिद्धि माता मंदिर और रामघाट का नजारा भी देखने लायक होता है. अगर उज्जैन में एक रात रुकते हैं, तो अगले दिन तड़के महाकाल की प्रसिद्ध भस्म आरती में शामिल हो सकते हैं. इसे महाकाल दर्शन का सबसे खास अनुभव माना जाता है और कई श्रद्धालु सिर्फ इसी आरती के लिए उज्जैन पहुंचते हैं.

भस्म आरती के बाद मंगलनाथ मंदिर के दर्शन किए जा सकते हैं. इसे मंगल ग्रह का जन्मस्थान माना जाता है और देशभर से लोग यहां विशेष पूजा के लिए आते हैं. लौटने से पहले चिंतामण गणेश मंदिर भी जाया जा सकता है, जो उज्जैन के सबसे पुराने और सबसे ज्यादा श्रद्धा वाले गणेश मंदिरों में गिना जाता है.

इसके बाद अगले दिन दोपहर 12:30 बजे उज्जैन से चलने वाली मेमू ट्रेन पकड़कर वापस कोटा लौटा जा सकता है. इससे महाकाल, काल भैरव, मंगलनाथ और चिंतामण गणेश जैसे उज्जैन के प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा एक ही ट्रिप में पूरी हो सकती है.

सिर्फ श्रद्धालुओं को नहीं, छात्रों और कारोबारियों को भी फायदा (More Than Just Religious Travel)

इस नई ट्रेन से न सिर्फ महाकाल के दर्शन करने वालों को सुविधा होगी बल्कि कई अन्य लोगों को भी फायदा होगा. उज्जैन सिर्फ धार्मिक नगरी ही नहीं, पढ़ाई और कारोबार के लिहाज से भी अहम शहर है.

हाड़ौती इलाके में लंबे समय से कोटा और उज्जैन के बीच बेहतर रेल कनेक्शन की मांग उठती रही है. अब सीधी मेमू सेवा शुरू होने के बाद कोटा, रामगंजमंडी, भवानीमंडी, चौमहला और आसपास के इलाकों के लोगों के लिए उज्जैन पहुंचना पहले के मुकाबले काफी आसान हो जाएगा.

पाठकों के सवाल 

सवाल : कोटा से उज्जैन MEMU ट्रेन कब चलती है?
जवाब : यह ट्रेन सुबह 5:40 बजे कोटा से चलकर दोपहर 12 बजे उज्जैन पहुंचती है.

सवाल : क्या अब उज्जैन जाने के लिए ट्रेन बदलनी पड़ेगी?
जवाब : नहीं, अब कोटा से उज्जैन के लिए सीधी ट्रेन सुविधा उपलब्ध है.

सवाल : इस ट्रेन से किन यात्रियों को फायदा होगा?
जवाब : महाकाल दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ छात्रों और व्यापारियों को भी फायदा होगा.

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