Parenting Tips: बच्चे के जीवन में मां जितनी अहम होती है, पिता की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है. पिता बच्चों के लिए ताकत, सुरक्षा और उनके मार्गदर्शक होते हैं. लेकिन अगर पेरेंटिंग में कुछ गलतियां हो जाएं तो पिता खुद अपने बच्चे के भविष्य पर बेहद खराब असर भी डाल सकते हैं. इसी विषय पर पैरेंटिंग कोच संदीप ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक पोस्ट शेयर की है. इस पोस्ट में वे बताते हैं, कई बार पिता अनजाने में ऐसी चीजें कर देते हैं, जो बच्चे के लिए नुकसानदेह साबित होती हैं. आइए जान लेते हैं वे 5 बड़ी गलतियां जिन्हें पिता को कभी नहीं करना चाहिए.
पिता को बच्चे के साथ कभी नहीं करनी चाहिए ये 5 गलतियां
नंबर 1- हर समय सिर्फ डांटनासबसे पहली गलती है हर समय सिर्फ डांटना और फटकारना. अगर पिता बच्चों से सिर्फ गुस्से और कठोर शब्दों में ही बात करेंगे तो बच्चा अंदर से डरपोक और असुरक्षित महसूस करने लगता है. वह अपने पिता से खुलकर बात नहीं कर पाता और धीरे-धीरे उसका आत्मविश्वास कमजोर होने लगता है.
नंबर 2- काम का तनाव घर पर लानादूसरी गलती है काम का तनाव घर पर लाना और गुस्सा बच्चों पर निकालना. जब पिता रोज तनाव में रहते हैं और छोटी-छोटी बात पर चिड़चिड़े हो जाते हैं, तो बच्चा उनसे दूर रहना शुरू कर देता है. ऐसे माहौल में बच्चा प्यार और अपनापन महसूस नहीं कर पाता है.
नंबर 3- अपनी सोच थोप देनातीसरी बड़ी गलती है बच्चों की बात न सुनना और अपनी सोच थोप देना. बच्चे चाहते हैं कि उनकी बात सुनी जाए और उन्हें महत्व दिया जाए. लेकिन अगर पिता हमेशा अपनी ही बात सही मानते रहें, तो बच्चे की अपनी सोच कमजोर पड़ने लगती है और उसका आत्मविश्वास खत्म होने लगता है.
नंबर 4- बच्चे की तुलना दूसरों से करनाचौथी गलती है बच्चे की तुलना दूसरों से करना. 'देखो वो कितना अच्छा है, तुम क्यों नहीं?' जैसी बातें बच्चे को तोड़ देती हैं. तुलना से बच्चा खुद को कमजोर, बेकार और अयोग्य समझने लगता है. हर बच्चा अलग होता है, इसलिए तुलना कभी नहीं करनी चाहिए.
नंबर 5- बच्चों को समय न देनापांचवीं गलती है बच्चों को समय न देना और हमेशा फोन या काम में व्यस्त रहना. जब पिता साथ हों लेकिन ध्यान कहीं और हो, तो बच्चा खुद को महत्वहीन महसूस करता है. उसे लगता है कि उसकी जगह पिता के जीवन में नहीं है. यही दूरी आगे चलकर रिश्तों में कमजोरी पैदा कर देती है.
पैरेंटिग कोच कहते हैं, पिता अगर इन गलतियों से बचें, बच्चे से प्यार, सम्मान और समझदारी से पेश आएं, तो बच्चा मजबूत, आत्मविश्वासी और खुशहाल बनता है. अच्छी पेरेंटिंग बच्चे का भविष्य संवार सकती है और पिता इसमें सबसे बड़ी भूमिका निभा सकते हैं.
अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.
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