लड़कियां जब 20-21 साल की होती हैं, तो उनके सपने कुछ अलग होते हैं. एक बढ़िया नौकरी, मोटी सैलरी, गाड़ी, बंगला और एक परफेक्ट लाइफ पार्टनर. लेकिन जिंदगी हमेशा हमारी प्लानिंग के हिसाब से नहीं चलती. उम्र बढ़ने के साथ-साथ हमारे लिए सक्सेस की परिभाषा भी पूरी तरह बदल जाती है. ऐसा ही कुछ हुआ दुबई की मशहूर न्यूट्रिशनिस्ट राशि चौधरी के साथ. इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए उनके एक वीडियो में राशि ने बताया है कि कैसे 21 साल की उम्र से लेकर 41 साल की उम्र तक आते-आते सफलता को लेकर उनकी सोच पूरी तरह बदल गई.
21 साल में चाहती थीं अमीर पति-
न्यूट्रिशन इन सिंक (Nutrition In Sync) की फाउंडर राशि चौधरी ने अपनी पोस्ट में बड़ी बेबाकी से दिल की बात कही. उन्होंने लिखा, जब मैं 21 साल की थी, तो मैं एक अमीर आदमी से शादी करना चाहती थी. मैं एक हॉट हाउसवाइफ बनना चाहती थी और मेरे दो बच्चे हों, ऐसा मेरा सपना था. लेकिन आज मैं 41 साल की हूं, अनमैरिड हूं और दो अलग-अलग बिजनेस चलाती हूं, जिसमें 40 से ज्यादा लोग काम करते हैं. मुझे लगता है कि इस पूरे सफर में, मैं खुद वो अमीर आदमी बन गई हूं जिसके सपने मैं देखा करती थी.
जब सब कुछ मिला, तब भी लगा यह मेरी लाइफ नहीं है-
राशि का 21 साल वाला प्लान असल में पूरा हो गया था. उन्होंने बताया कि 25 साल की उम्र तक उनके पास वो अमीर पति भी था, दुबई में एक आलीशान अपार्टमेंट भी था और एक ऐसी लाइफ थी जिसे देखकर रिश्तेदार जलें. लेकिन इस सब के बावजूद उनके मन में एक ही ख्याल आता था, यह मुझे अपनी जिंदगी क्यों नहीं लग रही है?. राशि ने बताया कि बाकी भारतीय लड़कियों की तरह, उन्हें भी बचपन से यही सिखाया गया था कि खुद को ऐसा बनाओ कि कोई तुम्हें चुन सके. उन्होंने कहा, हमें सिखाया जाता है कि या तो इतने खूबसूरत और अट्रैक्टिव बनो कि कोई ताकतवर आदमी तुम्हें चुन ले, या फिर खुद इतने कामयाब बनो कि तुम्हें कभी किसी आदमी की जरूरत ही न पड़े. हम पूरी जिंदगी इन दो विचारों के बीच जूझते हुए दूसरों की मंजूरी पाने के लिए परफॉर्म करते रहते हैं.
राशि चौधरी के मुताबिक, जब उन्हें इस बात का अहसास हुआ कि उनकी खुद की खुशी और पसंद किसी भी चीज से बढ़कर है, तो इस बात ने उन्हें अंदर से बदल दिया. इस अहसास ने उन्हें शादी, तलाक, कामयाबी या पैसे से भी कहीं ज्यादा बदला. उन्होंने अपनी पोस्ट के कैप्शन में एक बहुत ही खूबसूरत बात लिखी, 41 की उम्र में मेरी लाइफ वैसी नहीं है जैसी मैंने 21 में सोची थी. लेकिन यह न तो बेहतर है और न ही बदतर, यह सिर्फ मेरी है. और मुझे लगता है कि यही सबसे जरूरी बात है. उम्र बढ़ने के साथ मुझे समझ आ रहा है कि आजादी का मतलब पुरुषों, शादी, मां बनने या कामयाबी को रिजेक्ट करना नहीं है. आजादी का मतलब है यह तय करने की हिम्मत रखना कि आप सच में क्या चाहते हैं, और जो भी आपका फैसला हो, उससे पूरी तरह संतुष्ट रहना.
सोशल मीडिया पर जमकर मिल रही है तारीफ-
राशि की इस बेबाक पोस्ट पर लोग खूब प्यार बरसा रहे हैं. बॉलीवुड एक्ट्रेस मृणाल ठाकुर ने इस पर कमेंट करते हुए इसे "बेस्ट" बताया.
वहीं दुबई की आरजे मरियम किसत ने लिखा, "यह बेहद इंस्पायरिंग है."
एक अन्य यूजर ने लिखा, "इस उम्र में एक महिला को इस तरह कामयाब और खुश देखना बहुत ही सुकून देता है.
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