दिल्लीवालों का तो दिन ही भागदौड़ और ऑफिस के नीचे मिलने वाली चाय से शुरू होता है. उन्हीं में से एक हैं दिल्ली की रहने वाली 27 साल की पल्लवी, जो नोएडा की एक बड़ी कॉर्पोरेट कंपनी में काम करती हैं. पल्लवी ने बताया कि कैसे वो दिन भर में 4-5 कप बाहर की चाय पी जाती थीं, और उन्हीं पता तक नहीं चलता था, कभी दोस्तों के साथ कभी काम का प्रेशर. लेकिन गर्मी बढ़ने के चलते पल्लवी ने ऑफिस से बाहर जाना कम कर दिया और चाय भी, उन्हें चाय न पीने की वजह से बॉडी में काफी बदलाव सा नजर आया.
फिर क्या यहीं से शुरू हुई उनकी चाय न पीने की कहानी, पल्लवी ने बताया कि पिछले महीने मैंने सोचा, क्यों न एक एक्सपेरिमेंट किया जाए और पूरे 30 दिनों के लिए बाहर की इस चाय को पूरी तरह बंद कर दिया जाए.
जब मैंने यह चैलेंज पूरा किया, तो इसके नतीजे इतने कमाल के थे कि मैं खुद हैरान रह गई. इस एक महीने में न सिर्फ मेरी सेहत सुधरी, बल्कि मेरी जेब पर होने वाला भारी-भरकम खर्च भी बच गया.

कड़क चाय की याद और सिरदर्द-
चैलेंज शुरू करते ही पहले 3-4 दिन तो बहुत ही मुश्किल थे. जब ऑफिस के कलीग्स शाम को 'चलो चाय पीकर आते हैं' बोलते थे, तो खुद को रोकना किसी जंग से कम नहीं था. पहले कुछ दिन दोपहर में हल्का सिरदर्द हुआ और ऐसा लगा जैसे बॉडी में एनर्जी ही नहीं है. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि मेरे शरीर को हर दिन मिलने वाले कैफीन की लत हो चुकी थी. लेकिन 5वें दिन से सब नॉर्मल होने लगा.

जब मैंने एक महीने चाय नहीं पिया, तो बजट में दिखा असर. (Image NDTV)
चाय पीने से क्या फायदा हुआ-
पल्लवी ने बताया कि चाय छोड़ने के महज 10 दिन के भीतर मेरी ब्लोटिंग, और एसिडिटी की समस्या 90% तक कम हो गई. मेरा डाइजेशन इतना अच्छा हो गया कि मैं खुद को बहुत लाइट और एक्टिव फील करने लगी. इतना ही नहीं उन्हें नींद में सुधार महसूस हुआ और स्किन में भी काफी बदलाव आया.
बजट में हुआ बदलाव-
जब मैंने महीने के आखिर में अपना यूपीआई स्टेटमेंट चेक किया, तो मैं दंग रह गई. क्योंकि एक कप अच्छी लगभग 20-30 रुपये की पड़ती थी है, दिन की 3-4 चाय, साथ में कभी समोसा, कभी बिस्कुट या मट्ठी और कभी-कभी दोस्तों का बिल भी अपने साथ भरना, महीने का यह छोटा-छोटा खर्च आराम से 3000 से 4000 रुपये तक जा रहा था, जब पूरे 30 दिन यह खर्च बिल्कुल जीरो रहा, तो सीधे-सीधे मेरे पैसे बच गए.
क्या कहती है रिसर्च-
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की इस स्टडी के अनुसार, बाहर मिलने वाली चाय में भारी मात्रा में फैट और एक्स्ट्रा शुगर होती है, जिसे छोड़ने से वजन कंट्रोल करने और शरीर को डिटॉक्स करने में मदद मिलती है.
यह लेख हमारे एक पाठक का नीजि अनुभव है. इसमें व्यक्त विचार उनके अपने हैं.
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