- पैसे बचाने में बहुत से लोगों को आती है मुश्किल.
- कई आदतें होती हैं बुरी.
- बिगड़ने लगती है आर्थिक स्थिति.
Financial Mistakes: कई बार व्यक्ति कुछ खास ना कमाते हुए भी अपने लिए अच्छा घर या गाड़ी खरीदने में कामयाब हो जाता है. वह सेविंग्स (Savings) करता है जिसका फल उसे किसी बड़ी चीज के रूप में मिल जाता है. वहीं, ज्यादा कमाते हुए महीने के आखिर तक आते-आते भी बहुत से लोगों की जेब खाली हो जाती है. ऐसा भी नहीं है कि इन लोगों को हमेशा से खर्च के लिए इतने पैसे मिलते ही हों, लेकिन जैसे-जैसे सैलरी (Salary) बढ़ी इन लोगों ने अपने खर्चे भी बढ़ा लिए. इसी तरह की बहुत सी आदतें हैं जिनके कारण लोगों का पैसा उनके पास नहीं टिकता और महीने के आखिर तक घरवालों से पैसे मांगने की नौबत आ जाती है. अगर आपकी भी यही बुरी आदतें (Bad Habits) हैं तो इन्हें वक्त रहते बदल लीजिए.
पैसों से जुड़ी बुरी आदतें | Bad Financial Habits
पैसा हाथों का मैल है
ऐसे बहुत से लोग हैं जो यह सोचते हैं कि पैसा हाथों का मैल है और जिस वक्त जितना मिल रहा है लुटाते जाओ. यह सोच अच्छेखासे कमाऊ लोगों की भी होती है. जहां 40 रुपए के छोले-चावल से पेट भर सकता है वहां यह 400 रुपए के पिज्जा में पैसे खर्च करते हैं. इस तरह के व्यक्ति अक्सर पैसों की तंगी (Financial Problems) तक खुदको ले आते हैं.
-
NDTV World Summit 2026: PM मोदी समेत शामिल होंगे ये बड़े दिग्गज, जानिए क्या कुछ होगा खास? -
NDTV World Summit 2026: दिल्ली में दो दिन दुनिया के दिग्गजों का महामंथन -
NDTV World Summit 2026 का काउंटडाउन शुरू, एक मंच पर जुटेंगे दुनिया के दिग्गज -
NDTV World Summit 2026: 22-23 अक्टूबर को फिर सजेगा दुनिया के दिग्गजों का महामंच, देखिए पहली झलक -
दुनिया की सबसे असरदार और सबसे दमदार आवाजों के साथ लौट रहा है NDTV World Summit, देखिए सिर्फ NDTV पर -
NDTV World Summit 2026: AI, कूटनीति और अर्थव्यवस्था पर चर्चा, आज एक मंच पर जमा होंगे दुनिया के दिग्गज -
भारत की आर्थिक बढ़त से मानवता पर AI के खतरों तक, NDTV World Summit 2026 के दूसरे दिन किन मुद्दों पर होगी बात -
NDTV World Summit 2026: दुनिया की पहली AI एक्ट्रेस टिली नॉरवुड होंगी शामिल, कृति सेनन भी बनेंगी हिस्सा -
डिजिटल इकोनॉमी, एनर्जी, ग्लोबल ट्रेड... NDTV World Summit में पहले दिन किन-किन मुद्दों पर होगी बात -
NDTV World Summit 2026: दुनिया भर में कैसे बदल रहा है भारतीय खाने का स्वाद? वीर सांघवी बताएंगे देसी शेफ्स का ज
एक मुहावरा है कि जितनी चादर हो उतने ही पैर फैलाने चाहिए. यह मुहावरा उन लोगों के लिए ही है जो कमाने से ज्यादा लुटाते हैं. अगर आपकी तनख्वाह 20 हजार है और आपका खर्च 25 हजार तो जाहिर सी बात है आपको पैसे बचाने में मुश्किल होगी ही. आपको जरूरत है कि आप अपने खर्चों पर लगाम लगाना शुरू करें.
जो लोग अपनी जरूरत से ज्यादा शौक के लिए शॉपिंग (Shopping) करते हैं उन्हें भी अक्सर पैसों की किल्लत आती है. आपको कोशिश करनी चाहिए कि सोच-समझकर सिर्फ वही चीजें लें जो सचमुच आपके काम की हों. शौक के तौर पर कोई और काम ढूंढ लेना आपके लिए ज्यादा बेहतर होगा.
अगर आपको 900 रुपए में अच्छी क्वालिटी की बढ़िया जींस मिल रही है लेकिन फिर भी आप 4900 रुपए की जींस मॉल से खरीदकर ला रहे हैं तो जाहिर सी बात है आप शॉ ऑफ कर रहे हैं. महंगी जींस खाली जेब के साथ घूमने की नौबत आप खुदके लिए ही लाते हैं.
एक समय होता है कॉलेज का जब व्यक्ति दोस्तों के साथ बाहर निकलता है तो सस्ती दुकानों पर बैठकर स्वाद लेकर खाता है. बहुत बार दोस्त आपस में जोड़कर पैसे इकट्ठे करके कुछ ऑर्डर करते और खाते हैं. लेकिन, कमाना शुरू कर देने के बाद जब आप अपने ऑफिस के दोस्तों के साथ शाम को निकलते हैं तो जगह भी महंगी होती है और जो खाना या ड्रिंक्स ऑर्डर किए जा रहे हैं वो भी. इससे सिर्फ और सिर्फ आपकी जेब पर मार ही पड़ती है. साथ ही, हर बार ही 500-700 रुपए का फटका लग जाता है. अपनी इस आदत को कंट्रोल में लाने की कोशिश कीजिए और रोजाना बाहर निकलना कम कीजिए जिससे आपके कुछ पैसे बच सकें.
जरीन खान मुंबई एयरपोर्ट पर आईं नज़र, नए स्टाइल में लगी बेहद खूबसूरत
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं