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Morning Tips: पाचन और नर्वस सिस्टम को बेहतर बनाएगा ये मॉर्निंग का रूटीन, बस रोजाना 10 मिनट करने से ही मिलेगा फायदा

10 Minute Morning Routine: सुबह समय को सही तरीके से इस्तेमाल करने से नर्वस सिस्टम, पाचन और मेटाबॉलिक हेल्थ पर सकारात्मक असर पड़ता है. अच्छी बात यह है कि इसके लिए घंटों की जरूरत नहीं, सिर्फ 10 मिनट की रूटीन काफी है

Morning Tips: पाचन और नर्वस सिस्टम को बेहतर बनाएगा ये मॉर्निंग का रूटीन, बस रोजाना 10 मिनट करने से ही मिलेगा फायदा
10 मिनट का मॉर्निंग रूटीन
Freepik

10 Minute Morning Routine: दिन की शुरुआत पर ही हमारे दिनभर की एनर्जी टिकी रहती है. दिन की शुरुआत हेल्दी और अच्छे तरीके से होती है तो शरीर एनर्जेटिक रहता है. सुबह का समय आपके नर्वस सिस्टम और पूरे दिन की एनर्जी के लिए बेहद अहम होता है. डॉक्टरों और गट-हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, कैफीन, ईमेल या मोबाइल स्क्रॉलिंग शुरू करने से पहले शरीर अपनी लय सेट कर रहा होता है. इस समय को सही तरीके से इस्तेमाल करने से नर्वस सिस्टम, पाचन और मेटाबॉलिक हेल्थ पर सकारात्मक असर पड़ता है. अच्छी बात यह है कि इसके लिए घंटों की जरूरत नहीं, सिर्फ 10 मिनट की रूटीन काफी है. चलिए आपको बताते हैं 10 मिनट का मॉर्निंग रूटीन, जो आपको हेल्दी और फिट बनाए रखने के लिए असरदार साबित हो सकता है.

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धीमी सांसें लें

पहले तीन मिनट धीमी और गहरी सांस लेने में बिताएं. तेज और उथली सांसें शरीर को तनाव की स्थिति में रखती हैं, जिससे पाचन प्रभावित होता है. धीमी सांसें पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम को एक्टिव करती हैं, जिससे शरीर शांत होता है और पाचन बेहतर होता है. एरिजोना सेंटर फॉर इंटीग्रेटिव मेडिसिन के संस्थापक डॉ. एंड्रयू वेल के अनुसार, लंबी सांस छोड़ने वाली तकनीक तनाव हार्मोन कम करती है और गट को भोजन के लिए तैयार करती है.

हल्की मूवमेंट

अगले दो-तीन मिनट हल्की स्ट्रेचिंग या छोटी वॉक करें. इससे वेगस नर्व एक्टिव होती है, जो दिमाग, दिल और पाचन तंत्र को जोड़ती है.  गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और फाइबर फ्यूल्ड के लेखक डॉ. विल बुलसिविज के अनुसार, मूवमेंट गट मोबिलिटी को बेहतर बनाकर डाइजेशन में मदद करता है. हल्की मूवमेंट गट की गतिशीलता बढ़ाती है और ब्लोटिंग कम करती है. कुछ स्पाइनल ट्विस्ट या छोटी वॉक काफी है.

हाइड्रेशन

सातवें और आठवें मिनट में पानी पिएं. नींद के बाद शरीर को रीहाइड्रेट करना जरूरी है. कैफीन से पहले पानी पीना बेहतर है, क्योंकि खाली पेट कॉफी तनाव प्रतिक्रिया बढ़ा सकती है. गुनगुना या कमरे के तापमान का पानी सबसे अच्छा है.

शांत मन से पहला निवाला

खाने का समय चाहे जब भी हो, जल्दबाजी से बचें. तनाव में खाना पाचन को बिगाड़ देता है. तनाव में खाने से शरीर भोजन को सही तरीके से नहीं पचाता. इसलिए बैठकर, सांस लेकर और बिना डिस्ट्रैक्शन के खाना खाएं.

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

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