बिहार में अभ्यर्थी BPSC यानी बिहार लोक सेवा आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, इसी बीच आयोग के एक अधिकारी ने ऐसा बयान दिया, जिसके चलते वो खुद नप गए. एग्जाम कंट्रोलर राजेश कुमार सिंह ने प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों और उनकी मांगों को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने आयोग पर लगने वाले आरोपों को लेकर कह दिया कि, हाथी चले बाजार, कुत्ते भौंके हजार... इस बयान के बाद बवाल हुआ और फिर सीएम सम्राट चौधरी ने राजेश कुमार को सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया. ऐसे में आइए जानते हैं कि राजेश कुमार सिंह किस बैच के IAS अधिकारी हैं और उनका सफर कैसा रहा.
कौन हैं राजेश कुमार सिंह?
बिहार लोक सेवा आयोग में एग्जाम कंट्रोलर के पद पर तैनात रहे राजेश कुमार सिंह बिहार कैडर के 2014 बैच के IAS अधिकारी हैं. राजेश कुमार राज्य सिविल सेवा (SCS) से प्रमोट होकर आईएएस बने हैं. उन्हें बिहार के तेज तर्रार अधिकारियों की लिस्ट में गिना जाता है. बिहार लोक सेवा आयोग से पहले वो पटना में बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग में अपर सचिव के पद पर तैनात थे. इसके बाद उन्हें बिहार लोक सेवा आयोग में एग्जाम कंट्रोलर की जिम्मेदारी दी गई और तमाम बड़ी परीक्षाएं उनकी ही निगरानी में हुईं.
राजेश कुमार सिंह ने बॉटनी में M.sc किया है और वो बिहार के ही रहने वाले हैं. उनके बारे में ये जानकारी कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की IAS सिविल लिस्ट और एग्जीक्यूटिव रिकॉर्ड शीट में दी गई है.
बयान के बाद दी सफाई
IAS अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने अभ्यर्थियों को लेकर दिए गए अपने कुत्ते भौंके हजार वाले बयान पर माफी भी मांग ली है. उन्होंने कहा, "छात्रों के विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई थी, जिसमें मैंने एक लोकोक्ति बताई थी, जिसे सोशल मीडिया पर तोड़ मरोड़कर पेश किया जा रहा है. मैं कहना चाहता हूं कि मेरा किसी व्यक्ति विशेष या समूह को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं था, अगर किसी की भावनाएं इससे आहत हुई हैं तो मैं खेद व्यक्त करता हूं."
छात्रों के दबाव में बिहार सरकार
बिहार सरकार छात्र प्रदर्शन के चलते दबाव में है और इसी बीच अधिकारी की तरफ से इस तरह का बयान आना मुश्किलों को और बढ़ा सकता था, ऐसे में विपक्ष ने विरोध शुरू ही किया था कि कुछ ही घंटे में अधिकारी को सस्पेंड करने का आदेश जारी हो गया. बिहार में हजारों अभ्यर्थी टीआरई-4 परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग और दो परीक्षाएं कराने का विरोध कर रहे हैं. इसे लेकर उनकी सरकार से भी बातचीत जारी है.
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