KVS-NVS शिक्षक भर्ती: जाति प्रमाण पत्र पर लगी शर्तों से अधर में लटका सैकड़ों का भविष्य, अभ्यर्थियों ने सुनाई दर्द भरी दास्तां
नवोदय और केंद्रीय विद्यालयों के 15 हजार पदों की शिक्षक भर्ती में OBC-NCL सर्टिफिकेट के लिए जारी की गई शर्त से हजारों अभ्यर्थियों के सामने चुनौती खड़ी हो गई है.
"मुझे एक साल के बच्चे को साथ लेकर एग्जाम देने जाना पड़ा. मेरा टियर-1 का एग्जाम चेन्नई, टियर-2 का हैदराबाद और इंटरव्यू नोएडा में हुआ. मैं इंटरव्यू के लिए अपने पति के साथ चेन्नई से फ्लाइट के जरिए पहुंची और 50 हजार रुपए खर्च किए. मैंने इस भर्ती के लिए टाइम और मनी खर्च किया, अपनी पूरी कोशिश की लेकिन हाथ कुछ नहीं लगा. हम खुद को साबित करने के लिए एक मौका चाहते हैं." ये कहना है चेन्नई की रहने वाली अनू मुर्थी का, जो बीएड के बाद केवीएस भर्ती में सिलेक्शन के लिए फाइट कर रही हैं. वे इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट भी हैं और ओबीसी-नॉन क्रीमी लेयर कैटेगरी में आती हैं.
वहीं, बरेली में रहकर पढ़ाई करने वाले अभ्यर्थी सुमित (बदला हुआ नाम) कहते हैं, "हमें बहुत ज्यादा डिप्रेशन हो रहा है. किसी और एग्जाम की तैयारी करने का दिल नहीं कर रहा. पढ़ने का मन नहीं हो रहा. न तो मैं ढंग खाना खा पा रहा हूं और न सो पा रहा हूं. दिन-रात यही सोचता रहता हूं कि हमारा क्या होगा."
दरअसल, केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) और नवोदय विद्यालय समिति (NVS) में टीचिंग और नॉन-टीचिंग पदों के लिए आवेदन करने वाले कैंडिडेट्स को अपने 'अन्य पिछड़ा वर्ग-नॉन-क्रीमी लेयर' (OBC-NCL) सर्टिफिकेट की वैलिडिटी डेट को लेकर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. भर्ती नोटिफिकेशन में कहा गया कि OBC-NCL सर्टिफिकेट 1 जनवरी, 2025 और आवेदन की आखिरी तारीख यानी 4 दिसंबर, 2025 के बीच जारी किया गया होना चाहिए. इसके पहले और इसके बाद का सर्टिफिकेट किसी भी हालत में मान्य नहीं होगा. यानी जिस कैंडिडेट का ओबीसी सर्टिफिकेट 5 दिसंबर, 2025 को भी जारी हुआ है, वो इंटरव्यू में नहीं बैठ सकता है. ये बातें 13 नवंबर, 2025 को जारी KVS-NVS भर्ती नोटिफिकेशन 01/2025 में बताई गई योग्यता शर्तों का हिस्सा हैं.
'अब UR कैटेगरी में भी नहीं शामिल हो सकते OBC कैंडिडेट...'
वाराणसी स्थित बीएचयू के छात्र राहुल यादव बीपीएड कर चुके हैं और उन्होंने केवीएस में फिजिकल एजुकेशन सब्जेक्ट के लिए एग्जाम दिया है. वे कहते हैं, "मैं ओबीसी कैंडिडेट हूं. अभी मुझे इंटरव्यू का कॉल नहीं आया है लेकिन मुझे पता है कि मुझे रिजेक्ट कर दिया जाएगा क्योंकि मेरे पास उस डेटलाइन का सर्टिफिकेट नहीं है, जो क्राइटेरिया बनाया गया है."
राहुल कहते हैं, "ओबीसी कैंडिडेट्स के साथ एक दिक्कत और है कि वे अब अनरिजर्व कैटेगरी में भी खुद को नहीं शामिल कर सकते हैं, भले ही एग्जाम में उनका मार्क्स कितना भी आया हो. क्योंकि फॉर्म भरते वक्त उन्होंने ओबीसी विकल्प का चुन लिया था."
उन्होंने बताया कि मैं पिछले महीने की 17 तारीख से परेशान हूं. मेरे कई दोस्त बहुत परेशान हैं, जब से उन्हें इस नियम के बारे में पता चला है.
'मेरे पास 2021, 2023 और 2026 का OBC सर्टिफिकेट, लेकिन...'
उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल के रहने वाले केशव नौटियाल ने 2025 में बीएड किया और टीजीटी संस्कृत सब्जेक्ट से केवीएस के लिए परीक्षा दी. उनका दावा है कि मेरी पूरी क्वालीफिकेशन फॉर्म के मुताबिक थी. केशव नौटियाल इंटरव्यू कॉल आया और वे 30 सितंबर को गुरुग्राम गए. वहां पर डॉक्यूमेंटेशन के वक्त ही उनको रिजेक्ट कर दिया गया.
केशव नौटियाल कहते हैं, "फॉर्म भरते वक्त हमसे ओबीसी सर्टिफिकेट नहीं मांगा गया, सिर्फ कैटेगरी चुनने का ऑप्शन दिया गया था, वर्ना हम फॉर्म ही न भरते. मैंने दोनों फेज का एग्जाम दिया, पास हुआ और इंटरव्यू कॉल आई. उसके बाद मुझे पता चला कि ओबीसी सर्टिफिकेट के साथ डेटलाइन की शर्त रख दी गई है. मेरे पास सर्टिफिकेट तो है लेकिन उस डेटलाइन के मुताबिक नहीं है. मेरे पास 2021, 2023 और जनवरी 2026 का ओबीसी सर्टिफिकेट है."
अभ्यर्थी केशव कहते हैं, "डेटलाइन के बारे में पता चलने के बाद मुझे टेंशन होने लगी. दो दिनों तक नींद नहीं आई कि हम मेहनत करके यहां तक तो पहुंच गए और अब इंटरव्यू में नहीं बैठ पा रहे हैं."
केशव नौटियाल अपना मलाल साझा करते हुए कहते हैं, "मुझे इंटरव्यू में बैठने तक का मौका नहीं दिया गया. हम इतनी मेहनत से दो लेवल क्रॉस करके आ चुके हैं, कम से कम हमें इंटरव्यू में तो बैठने दिया जाए. अगर यही करना था, तो हमें एग्जाम में ही ना बैठने दिया जाता. ओबीसी समुदाय का शोषण किया जा रहा है और यह एक तरह से यह भ्रष्टाचार भी है."

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'बहुत खुश था लेकिन झटका लग गया, दिमाग सुन्न हो गया...'
मेरठ के 'स्वामी विवेकानन्द सुभारती विश्वविद्यालय' से बीपीईएस और बीपीएड की डिग्री हासिल करने के बाद अभ्यर्थी अजीत सिंह ने केवीएस भर्ती में अपनी किस्मत आजमाने का फैसला किया. अजीत उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के रहने वाले हैं. वे बताते हैं कि टीयर-2 का रिजल्ट आया तो मैं बहुत खुश था कि जॉब करने का मौका मिलेगा. 15 सितंबर को पता चला कि कुछ कैंडिडेट्स को रिजेक्ट किया जा रहा है. मैं शॉक हो गया कि अब मेरा क्या होगा. मुझे सुनकर झटका सा लगा और मेरा दिमाग सुन्न सा हो गया.
अजीत सिंह कहते हैं कि मैं 2023 में केवीएस का इंटरव्यू दे चुका हूं. उस वक्त पुराना ओबीसी सर्टिफिकेट मान लिया गया था. मैं इस बार पूरी तरह से कॉन्फिडेंट था कि मुझे जॉब मिल जाएगी. मेरे पास दिसंबर 2022 और मई 2026 में बना ओबीसी सर्टिफिकेट है.
बरेली कॉलेज से बीएड पासआउट सुमित (बदला हुआ नाम) कहते हैं कि मेरे पास स्टेट और सेंट्रल दोनों ओबीसी सर्टिफिकेट है लेकिन शर्त के मुताबिक नहीं है. हम इतनी चीजें फेस करके बहुत घबराए हुए हैं. हम दो-दो हजार रुपए में फॉर्म भरे. पैसे खर्च करके एग्जाम देने गए और एग्जाम क्वालिफाइ किया और अब हमें कहा जा रहा है कि हम एलिजिबल नहीं है
हमारे हाथ में कुछ नहीं हैं. अन्य भर्तियों में तो यही सर्टिफिकेट काम कर जाता है. एक सर्टिफिकेट के लिए अलग नियम कैसे हो सकते हैं. 2022-23 में वैकेंसी आई थी, उसमें इस तरह का कोई नियम नहीं लगाया था. अंडरटेकिंग की भी छूट दी गई थी.
मांगों के साथ दिल्ली भी पहुंचे अभ्यर्थी...
कई कैंडिडेट्स का कहना है कि वे अपनी मांगों के साथ दिल्ली स्थित केवीएस हेडक्वार्टर भी गए. कुछ उम्मीदवारों ने बताया कि हमें आश्वासन दिया गया. वहीं, कुछ कैंडिडेट्स का दावा है कि उन्हें फटकार दिया गया. अभ्यर्थी अजीत सिंह बताता हैं, "कहा गया कि हमें आप लोगों से कोई मतलब नहीं है. आप लोगों की वजह से हम भर्ती नहीं प्रभावित करेंगे."

दिल्ली स्थित केवीएस हेडक्वार्टर में सौंपे गए पत्र की कॉपी
बता दें कि नियम के मुताबिक, केंद्र सरकार के आवेदनों के लिए OBC नॉन-क्रीमी लेयर (NCL) सर्टिफिकेट जारी होने की तारीख से एक साल तक मान्य होता है, जबकि सामान्य राज्य OBC जाति सर्टिफिकेट आमतौर पर राज्य के स्थानीय नियमों के आधार पर एक से तीन साल तक मान्य रहता है.
इस मामले पर शिक्षा मंत्रालय की तरफ से आई जानकारी में कहा गया है कि बताई गई समय-सीमा के बाहर जारी सर्टिफिकेट वाले उम्मीदवारों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के दौरान अयोग्य घोषित कर दिया गया है. यह शर्त तब भी लागू होती है, जब उम्मीदवार मेरिट के आधार पर क्वालिफाई कर चुके हों.
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OBC-NCL सर्टिफिकेट की तारीख क्यों जरूरी है?
नोटिफिकेशन के मुताबिक, जो कैंडिडेट्स OBC-NCL रिजर्वेशन का दावा कर रहे हैं, उन्हें सही अथॉरिटी से जारी किया गया तय सर्टिफिकेट जमा करना होगा. इस सर्टिफिकेट के जारी होने की तारीख 1 जनवरी, 2025 और आवेदन की आखिरी तारीख के बीच होनी चाहिए. जिन उम्मीदवारों के सर्टिफिकेट इस शर्त को पूरा नहीं करते, उनके डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के दौरान रिजेक्ट हो जाएंगे, भले ही उन्होंने भर्ती परीक्षा पास कर ली हो.
नोटिफिकेशन में यह भी कहा गया है कि 'क्रीमी लेयर' में आने वाले OBC कैंडिडेट्स OBC रिजर्वेशन के फायदों के लिए एलिजिबल नहीं हैं और उन्हें 'जनरल कैटेगरी' के तहत आवेदन करना होगा. इसमें यह भी बताया गया है कि सिर्फ केंद्र सरकार की OBC लिस्ट में शामिल लोगों को ही OBC-NCL के तहत माना जाएगा.
इसलिए, KVS-NVS भर्ती में OBC-NCL फायदा लेने के इच्छुक उम्मीदवारों को नोटिफिकेशन में बताई गई कैटेगरी और सर्टिफिकेट की तारीख से जुड़ी जरूरतों को किसी भी हाल में पूरा करना होगा.
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क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर हरीश वानखेड़े NDTV.in के साथ बातचीत में कहते हैं, "यह एक वैलिड प्वाइंट है कि ओबीसी-एनसीएल सर्टिफिकेट कॉन्ट्रैक्चुअल होता है, जिसकी मियाद कुछ दिनों में खत्म हो जाती है. इसलिए नया बनवाकर देना पड़ता है. लेकिन अगर सर्टिफिकेट के साथ कोई दिक्कत है, तो अंडरटेकिंग के साथ सेलेक्शन हो जाना चाहिए. अगर यह भी नहीं माना जा रहा है, तो ज्यादती है और एक तरह से गैर-कानूनी भी है. ओबीसी कोई क्वालिफिकेशन डॉक्यूमेंट नहीं है, सेलेक्शन के बाद भी सबमिट करवाया जा सकता है."
प्रोफेसर हरीश कहते हैं कि यह एक ऐसा छोटा टेक्निकल मुद्दा है, जो मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेटरी लेवल के अधिकारी के क्लेरिफिकेशन से भी हल हो सकता है. लेकिन वो हल नहीं निकालना चाहते, इसलिए मुद्दा बनाया जा रहा है.
टीचिंग और नॉन-टीचिंग के 15,000 से ज्यादा पद खाली
ऑफिशियल नोटिफिकेशन के मुताबिक, KVS और NVS अलग-अलग टीचिंग और नॉन-टीचिंग पदों के लिए भर्ती कर रहे थे. खाली पदों की जानकारी में PGT, TGT, PRT, प्रिंसिपल, वाइस-प्रिंसिपल और कई नॉन-टीचिंग पद शामिल हैं. नोटिफिकेशन में कैटेगरी के हिसाब से खाली पदों की जानकारी भी दी गई है, जिसमें OBC-NCL सीटें भी शामिल हैं.
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