पंजाब में फार्मासिस्ट ऑफिसर भर्ती परीक्षा को लेकर इन दिनों काफी विवाद चल रहा है. परीक्षा पेपर लीक आरोपों के बीच पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने इस भर्ती पर रोक लगा दी है. नियुक्ति की प्रक्रिया पर सुनवाई की अगली तारीख तक रोक लगाई गई है. इस मामले में कोर्ट में याचिका दायर की गई थी. भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर केशव कंबोज और अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से दायर याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने हाल ही में सुनवाई की. इस सुनवाई के दौरान कोर्ट ने फार्मासिस्ट ऑफिसर्स भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा लगा दी. अब इस मामले में अगली सुनवाई 17 सितंबर को होने वाली है.
क्या है पूरा मामला
ये भर्ती पंजाब में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग में की जानी थी. ये परीक्षा बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BFUHS) की ओर से कराई गई थी. ये एग्जाम पिछले महीने 19 तारीख को हुआ था. करीब 7,000 उम्मीदवार इस एग्जाम में शामिल हुए थे. इस परीक्षा का पेपर लीक होने का आरोप है. 35 उम्मीदवारों को नकल करते हुए पकड़ा गया था. दरअसल एग्जाम शुरू होने के कुछ ही देर बाद कुछ उम्मीदवारों को कथित तौर पर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल करते हुए पाया गया था. जिसके बाद से ही लिखित परीक्षा रद्द करने की मांग की जा रही थी. इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए कुल 454 फार्मेसी ऑफिसर की नियुक्ति की जानी थी.
इस मामले को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन भी किया और मामले की निष्पक्ष जांच और परीक्षा रद्द करनी की मांग की गई. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ये भर्ती परीक्षा दोबारा होनी चाहिए और एग्जाम में पारदर्शिता होनी चाहिए. वहीं अब ये मामला कोर्ट पहुंच गया है.
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