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5 साल में मेजर, फिर राष्ट्रपति की ADC, कौन हैं मेजर नव्या शेखावत?

उन्होंने UPSC CDS परीक्षा के जरिए सेना में प्रवेश किया था और 2021 में आर्मी सर्विस कॉर्प्स में कमीशन प्राप्त किया. उनकी नियुक्ति भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं के बढ़ते अवसरों का प्रतीक मानी जा रही है.

5 साल में मेजर, फिर राष्ट्रपति की ADC, कौन हैं मेजर नव्या शेखावत?
मेजर नव्या शेखावत की नियुक्ति भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं को मिल रहे बढ़ते अवसरों का भी प्रतीक मानी जा रही है.

Major Navya Shekhawat ADC : भारतीय सेना की अधिकारी मेजर नव्या शेखावत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का ADC नियुक्त किए जाने के बाद से चर्चा में हैं. क्योंकि नव्या इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को संभालने वाली भारतीय सेना की पहली महिला अधिकारी बन गई हैं. वहीं, राष्ट्रपति की ADC बनने वाली वह दूसरी महिला अधिकारी हैं. बता दें उनसे पहले 2025 में भारतीय नौसेना की लेफ्टिनेंट कमांडर यशस्वी सोलंकी इस पद तक पहुंची थीं. ऐसे में आइए जानते हैं नव्या का एडीसी तक सफर कैसा रहा और ADC का पद क्या होता है.

UPSC CDS परीक्षा पास कर सेना में पहुंचीं

मेजर नव्या शेखावत का सेना तक का सफर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज (CDS) परीक्षा से शुरू हुआ था. इसमें सिलेक्ट होने के बाद उन्होंने चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA) में ट्रेनिंग ली. बता दें कि ओटीए की ट्रेनिंग बहुत सख्त होती है, जिसे पूरा करने में अच्छे-अच्छे के पसीने छूट जाते हैं. इस ट्रेनिंग में न सिर्फ शारीरिक बल्कि मानसिक क्षमता की भी परीक्षा होती है. इस कठिन ट्रेनिंग को पास करने के बाद नव्या को आर्मी सर्विस कॉर्प्स (ASC) में कमीशन मिला. यह सेना की वह शाखा है जो लॉजिस्टिक्स और सपोर्ट से जुड़े कामों की जिम्मेदारी संभालती है. यही नहीं नव्या CDS (I) 2020 की OTA महिला मेरिट लिस्ट में भी शामिल थीं.

पांच साल में बनीं मेजर

रिपोर्ट्स के मुताबिक, नव्या शेखावत साल 2021 में भारतीय सेना में अधिकारी बनी थीं. इसके बाद उन्होंने महज पांच साल में मेजर पद भी हासिल कर लिया और अब राष्ट्रपति भवन में एडीसी के रूप में कार्यरत हैं, जहां वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ऑफिशियल कार्यक्रमों और समारोहों में उनके साथ साया की तरह चलना होता है. 

क्या होता है ADC का पद?

ADC राष्ट्रपति के साथ आधिकारिक कार्यक्रमों, समारोहों और महत्वपूर्ण बैठकों में मौजूद रहने वाले सैन्य अधिकारी होते हैं. उनकी भूमिका सिर्फ राष्ट्रपति के साथ दिखाई देने तक सीमित नहीं होती, बल्कि वे कार्यक्रमों के समन्वय, आधिकारिक संचार और प्रोटोकॉल से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य भी संभालते हैं.

कुल 5 ADC होते हैं

परंपरा के अनुसार राष्ट्रपति के पास कुल पांच ADC होते हैं. इनमें तीन अधिकारी सेना से, एक नौसेना से और एक वायुसेना से नियुक्त किया जाता है.

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