BPSC Protest : बीपीएससी (बिहार लोक सेवा आयोग) की परीक्षाओं को दो स्टेज में कराने के फैसले के खिलाफ अभ्यर्थियों का प्रदर्शन जारी है. छात्रों की मांग है कि परीक्षाएं एक ही चरण में कराई जाएं. इस विवाद के बीच बीपीएससी के एग्जाम कंट्रोलर ने राजेश कुमार सिंह ने टू स्टेज एग्जाम से लेकर निगेटिव मार्किंग से जुड़े सभी आरोपों के जवाब प्रेस कांफ्रेंस करके दिया है. तो चलिए जानते हैं राजेश कुमार ने बीपीएससी परीक्षाओं को लेकर चल रहे विवाद को लेकर क्या कुछ कहा है...
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान राजेश कुमार ने विवादास्पद बयान दे डाला. छात्रों के आप का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, "हाथी चले बाजार, कुत्ता भौंके हजार." बिहार लोक सेवा आयोग ने छात्रों की मांगों को ठुकरा दिया, वहीं आयोग पर लगे आरोपों को भी नकारा. छात्रों की सबसे बड़ी मांग TRE 4 को एक चरण में कराने की थी. बीपीएससी ने इसे नकार दिया.
''टू स्टेज एग्जाम कोई नई व्यवस्था नहीं है''राजेश कुमार ने सबसे पहले आयोग के टू स्टेज एग्जाम कराने के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि यह सिस्टम (दो स्तरीय परीक्षा) कोई नई व्यवस्था नहीं है और इसे केवल बिहार में लागू नहीं किया गया है. 2 स्टेज एग्जाम कई राज्यों में होता है. यह कहना गलत है कि सिर्फ बिहार दो स्टेज एग्जाम ले रहा है. यूपी, गुजरात समेत हिमाचल में इस सिस्टम के तहत एग्जाम होता है.
BPSC की सभी परीक्षाएं दो स्टेज में होगी
बीपीएससी ने अपनी सभी परीक्षाओं को इसी मॉडल पर आयोजित करने का फैसला किया है. राधाकृष्णन कमिटी ने दो स्टेज में परीक्षा कराने की सिफारिश की थी. इसके अलावा आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने भी सुरक्षा और पारदर्शिता को मजबूत करने के लिए दो-स्तरीय परीक्षा व्यवस्था लागू करने सिफारिश का समर्थन किया था.
नेगेटिव मार्किंग पर भी दिया जवाब
अभ्यर्थियों की ओर से नेगेटिव मार्किंग को लेकर उठाई जा रही आपत्तियों पर राजेश कुमार ने कहा कि निगेटिव मार्किंग सभी के लिए है. यह किसी विशेष वर्ग के लिए नहीं है.
हिंदी माध्यम के साथ भेदभाव के आरोप खारिज
हाल के दिनों में यह दावा किया जा रहा है कि अंग्रेजी माध्यम के छात्रों का सिलेक्शन ज्यादा हो रहा है और हिंदी माध्यम के अभ्यर्थियों को कम अंक दिए जाते हैं. इस पर परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि आयोग के पास ऐसा को आंकड़ा नहीं है. उन्होंने आरोप लगाने वालों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब आयोग के पास ऐसा डेटा नहीं है तो फिर आरोप लगाने वालों के पास आंकड़े कहां से आए. यह कहना गलत है कि हिंदी माध्यम वालों को कम अंक दिए जाते हैं.हम अंग्रेजी मीडियम, हिन्दी मीडियम के आधार पर फॉर्म नहीं भराते. हमारे एक्सपर्ट 35 साल, 40 साल पढ़ा कर आए हैं. वे हिन्दी और अंग्रेजी माध्यम में भेदभाव नहीं करते.
TRE 4 की परीक्षा कब होगी?
वहीं, TRE 4 परीक्षा को लेकर राजेश कुमार ने कहा कि 01 से 30 सितम्बर तक फॉर्म भरे जायेंगे. आयोग एक दिन में 5 लाख अभ्यर्थियों तक की परीक्षा लेने में सक्षम है. उन्होंने कहा कि अगर पांच लाख आवेदन आते हैं तो कक्षा 1 से 5, कक्षा 6 से 8 और कक्षा 10 से 12 के लिए अलग-अलग एक-एक दिन परीक्षा आयोजित की जाएगी. लेकिन 5 लाख से अधिक अभ्यर्थी फॉर्म भरेंगे तो हम एक से अधिक दिन परीक्षा आयोजित कराएंगे. साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पीटी और मेंस दोनों परीक्षा में ऑब्जेक्टिव प्रश्न पूछे जाएंगे. परीक्षा की तारीख अक्टूबर मध्य में जारी होगी.
आयोग ने तीसरे रैंक के आंसर शीट पर छिड़े विवाद पर भी सफाई दी. आयोग ने कहा कि तीसरा रैंक हासिल करने वाले ने 7वें प्रश्न के दो हिस्से का जवाब नहीं दिया. इसके लिए उन्हें कोई अंक नहीं दिया गया. उत्तर की गुणवत्ता पर अंक दिए जाते हैं. अगर उनके आरोपों में दम है तो कोर्ट क्यों नहीं चले जाते.
AEDO के लिए दुबारा भरे जायेंगे फॉर्म
AEDO के लिए फिर से फॉर्म भरे जायेंगे. AEDO की परीक्षा अप्रैल में हुई थी. पेपर लीक के आरोपों के बाद परीक्षा रद्द हुई थी.
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