केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में निर्माण श्रमिकों और मज़दूरों के लिए एक व्यापक कौशल विकास कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की. इस पहल का उद्देश्य उनके कौशल को बढ़ावा देकर उनके लिए बेहतर अवसर और बेहतर आजीविका के द्वार खोलना है. सरकार की यह पहल दिल्ली के अंदर कार्यबल को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
इस कार्यक्रम के उद्देश्यों को सुनिश्चित करने के लिए सभी श्रमिक चौक और निर्माण स्थलों पर प्रशिक्षण शिविर स्थापित किए जाएंगे. ये शिविर कौशल विकास केंद्र के रूप में काम करेंगे, जिससे श्रमिकों को अपने संबंधित क्षेत्रों में उत्कृष्टता हासिल करने में मदद मिलेगी. इस पहल का उद्देश्य उनके कौशल को बढ़ाना, बेहतर अवसरों और आजीविका के द्वार खोलना है.
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श्रमिकों के कौशल उन्नयन के प्रति समर्पण को देखते हुए केजरीवाल सरकार प्रशिक्षण अवधि के दौरान होने वाले आर्थिक नुकसान की भरपाई भी करेगी. इस वित्तीय सहायता का उद्देश्य श्रमिकों को दिहाड़ी के एवज में होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाना है, ताकि वो ज्यादा से ज्यादा संख्या में इस ट्रेनिंग में अपनी भागीदारी दर्ज करा सकें. सरकार कौशल वृद्धि में लगे श्रमिकों के लिए उचित मुआवजा सुनिश्चित करने के लिए मान्यता प्राप्त पूर्व शिक्षण (आरपीएल) दिशानिर्देशों का पालन करेगी.
कौशल प्रशिक्षण सीएसएसडीसीआई, एनएसडीसी, बीईसीआईएल और नारेडको जैसी प्रमुख एजेंसियों के सहयोग से आयोजित किए जाएंगे. इन एजेंसियों को शामिल करने का उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाले प्रशिक्षण प्रदान करने और निर्माण श्रमिकों के बीच निरंतर सीखने की लालसा को बढ़ावा देने के लिए सरकार के सकारात्मक रवैया को दर्शाना है.
इन प्रशिक्षण शिविरों का प्राथमिक उद्देश्य श्रमिकों को उन्नत कौशल से लैस करना है, जिससे वे न केवल क्षेत्र के भीतर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बेहतर अवसर तलाश सकें. श्रम मंत्री राज कुमार आनंद निर्माण श्रमिकों के लिए एक ऐसे भविष्य का सपना देखते हैं जहां कुशल श्रमिक वैश्विक स्तर पर योगदान कर सकें, जिससे उन्हें विदेश में अवसर तलाशने और बेहतर सुविधाओं का लाभ उठाने का मौका मिले.
दिल्ली के श्रम मंत्री राज कुमार आनंद ने इस पहल के बारे में बताया कि हमारा लक्ष्य है कि दिल्ली के निर्माण श्रमिकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कौशल के साथ सशक्त बनाया जा सके. उनकी क्षमताओं में निवेश करके, हम न केवल उनकी व्यक्तिगत संभावनाओं को बढ़ावा दे रहे हैं बल्कि उनके बेहतर जीवन शैली में भी योगदान दे रहे हैं जो अर्थव्यवस्था के समग्र विकास के लिए जरूरी है. उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार कौशल विकास को बढ़ावा देकर निर्माण श्रमिकों और मज़दूरों के उज्जवल भविष्य देने के लिए प्रतिबद्ध है.
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