India China Stand off : भारत ने शुक्रवार को पूर्वी लद्दाख में गतिरोध के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराया, इसके साथ द्विपक्षीय समझौतों का उल्लंघन करने के लिए एक बार फिर चीन की आलोचना की. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा. “पिछले 6 महीनों से हमने जो स्थिति देखी है, वह चीनी पक्ष के कार्यों का परिणाम है, जिसने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के साथ स्थिति में एकतरफा परिवर्तन को प्रभावित करने की मांग की है. ये कार्रवाई भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में LAC के साथ शांति सुनिश्चित करने पर द्विपक्षीय समझौतों और प्रोटोकॉल का उल्लंघन है."
उन्होंने कहा, "मुख्य मुद्दे, जैसा कि मैंने पिछले सप्ताह उल्लेख किया है कि दोनों पक्षों को पूरी तरह से विभिन्न द्विपक्षीय समझौतों और प्रोटोकॉल का पालन करने की आवश्यकता है, जिसमें 1993 और 1996 में सीमा क्षेत्रों में एलएसी के साथ शांति और धीरज बनाए रखने समझौता शामिल है, जिसके लिए यह आवश्यक है कि सैनिकों का एकत्रीकरण नहीं होना चाहिए, प्रत्येक पक्ष को एलएसी का सख्ती से पालन करना चाहिए और उसका सम्मान करना चाहिए और इसे बदलने के लिए कोई एकतरफा कार्रवाई नहीं करनी चाहिए, "
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उन्होंने आगे कहा, “हमने चीनी पक्ष के इस कथन पर ध्यान दिया है कि वह दोनों पक्षों के बीच किए गए समझौतों का कड़ाई से पालन करता है और सीमा क्षेत्रों में बातचीत और शांति और शांति की रक्षा के माध्यम से सीमा मुद्दे को हल करने के लिए प्रतिबद्ध है. हम उम्मीद करते हैं कि चीनी पक्ष कार्रवाई के साथ अपने शब्दों का मिलान करेगा."
बयान में आगे कहा गया है, "दोनों पक्षों ने राजनयिक और सैन्य चैनलों के माध्यम से संवाद बनाए रखना जारी रखा है. यह हमारी अपेक्षा है कि आगे की चर्चा दोनों पक्षों को पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान पर एक समझौते को प्राप्त करने में मदद करेगी, पश्चिमी क्षेत्र में एलएसी के साथ-साथ सभी टकराव वाले बिंदुओं के पूर्ण मुक्ति सुनिश्चित करने और जल्द से जल्द शांति और शांति की पूर्ण बहाली के लिए "
बता दें कि चीन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को कहा था कि बीजिंग और नई दिल्ली के बीच अच्छे संबंध बनाए रखने के लिए साझा प्रयासों की जरूरत है तथा उनका देश सीमा गतिरोध दूर करने के लिए कटिबद्ध है, लेकिन वह अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता की रक्षा करने के लिए भी प्रतिबद्ध है. चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने (भारतीय) विदेश मंत्री एस जयशंकर की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए यह बात कही. जयशंकर ने कहा था कि चीन ने भारत को वास्तविक नियंत्रण रेखा पर बड़ी तादाद में सैन्यबल की तैनाती के लिए ‘पांच भिन्न स्पष्टीकरण' दिए हैं और द्विपक्षीय समझौतों के उल्लंघन ने आपसी संबंधों को बड़ा नुकसान पहुंचाया है. उन्होंने बुधवार को ऑस्ट्रेलियाई थिंक टैंक लॉवी इंस्टिट्यूट द्वारा आयोजित ऑनलाइन संवाद सत्र में पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच सात महीने से जारी सैन्य गतिरोध के आलोक में यह बात कही थी.
(इनपुट एजेंसी भाषा से भी)
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