- लोकेश ने बताया कि उनके पिता राजनीति में व्यस्त रहते थे और घर पर देर रात आते और सुबह जल्दी निकल जाते थे
- लोकेश ने कहा कि उनकी मां ने उन्हें सख्ती से पढ़ाई के लिए प्रेरित किया और कम नंबर आने पर सजा भी दी
- एक किस्से में उन्होंने बताया कि उन्होंने मां के नकली साइन करने की कोशिश की थी, जिससे उन्हें सजा मिली थी
आंध्र प्रदेश के शिक्षा मंत्री का एक बड़ा रोचक किस्सा सामने आया है. शिक्षा मंत्री नारा लोकेश विशाखापत्तनम के चंद्रपालम में ZP हाई स्कूल पहुंचे. वहां के स्टूडेंट्स से बातचीत करने लगे. तभी एक छात्र ने ऐसा सवाल पूछ दिया कि शिक्षा मंत्री भी एक पल को चौंक गए, मगर फिर छात्र के सवाल का जवाब बेहद ईमानदारी से दिया. इस दौरान उन्होंने ये भी कहा कि आज वो जो कुछ भी हैं, उसमें उनकी मां का बड़ा योगदान है.
एक छात्र ने लोकेश से पूछा, "लोकेश अन्ना, मेरा आपसे एक सवाल है. जब आप छोटे थे और आपके कम नंबर आते थे, तो आपके पिता क्या करते थे?"
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इस सवाल का जवाब देते हुए लोकेश ने कहा कि आज वे जिस मुकाम पर हैं, वह उनकी मां की वजह से ही है. उन्होंने बताया कि उनके पिता हमेशा राजनीति में व्यस्त रहते थे, एक जगह से दूसरी जगह यात्रा करते रहते थे और देर रात घर लौटते थे. लोकेश ने कहा, "भले ही मेरे पिता रात को 11:30 या 12 बजे घर आते थे, फिर भी वे सुबह 5:30 या 6 बजे तक तैयार होकर निकल जाते थे. वे मेरे सो जाने के बाद आते थे और मेरे जागने से पहले ही चले जाते थे."
लोकेश ने बताया कि उनकी मां ने ही उनकी परवरिश की और उन्हें जिंदगी में इस मुकाम तक पहुंचाया. अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए लोकेश ने कहा कि अगर उन्हें कम नंबर मिलते थे, तो उनकी मां उन्हें सजा देती थीं और जरा भी नरमी नहीं बरतती थीं. उन्होंने कहा, "अगर मेरे कम नंबर आते थे, तो मां मुझे सजा देती थीं, कोई रियायत नहीं!"
बचपन का एक किस्सा सुनाते हुए लोकेश ने बताया कि उन्होंने भी शरारतें की थीं. उन्होंने याद करते हुए कहा, "एक बार मैंने अपने रिपोर्ट कार्ड पर मां के नकली साइन करने की कोशिश की थी, लेकिन मैं पकड़ा गया. इसके लिए मुझे सजा भी मिली थी."
लोकेश ने कहा कि मां जो कुछ भी करती हैं, वह प्यार और बच्चे की भलाई के लिए ही होता हैं. उन्होंने कहा, "मां जो कुछ भी करती हैं, वह प्यार से ही करती हैं, है ना? वह हमारी भलाई के लिए ही होता है, है ना? इसलिए आज मैं जिस मुकाम पर पहुंचा हूं, वह सब मेरी मां की वजह से ही है. मैं आज यहां अपनी मां की वजह से ही खड़ा हूं."आपको बता दें कि नारा लोकेश के पिता एन चंद्रबाबू नायडू हैं. वही अभी आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत हैं.
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