- सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पहली बार कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर बड़ा बयान दिया है.
- अखिलेश ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है हम फिर दोहराते हैं कि बात सीट की नहीं जीत की है.
- सपा और कांग्रेस गठबंधन को लेकर अखिलेश यादव की यह पोस्ट अहम मानी जा रही है.
अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन की अटकलों पर पहली बार खुलकर बयान दिया है. उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट की है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि यह बात फिर दोहराते है कि बात सीट की नहीं जीत की है. 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर अखिलेश यादव की यह पोस्ट अहम मानी जा रही है. क्योंकि इस पोस्ट यह दिख रहा है कि सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर आने वाले दिनों में नया अपडेट आ सकता है. क्योंकि हाल ही में दोनों पार्टियों के कई सीनियर नेताओं के बयान आ चुके हैं, लेकिन अखिलेश यादव की पोस्ट ने यूपी से लेकर दिल्ली तक सियासी हलचल बढ़ा दी है.
अखिलेश यादव बोले-बात जीतने की होनी चाहिए
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा 'मकसद जब साफ हो तो हाथ-में-हाथ होता है, निगाह मंजिल पर हो तो सफर आसान होता है!. बात बड़ी ये नहीं है कि गठबंधन में कितनी सीटें या कौन सी सीट किसके पास जा रही है बात बड़ी ये है कि हम सबको ये सुनिश्चित करना है कि जीत गठबंधन की हो. फिर दोहराते हैं बात सीट की नहीं जीत की है. ये जीत हमारे गठबंधन के दलों से बढ़कर हम सबकी उस संयुक्त कोशिश की जीत होगी जो इसलिए लगातार संघर्षरत है कि साम्प्रदायिकता फिर कभी सिर न उठा सके और लोकतंत्र-संविधान-आरक्षण पर भाजपाई आंच न आए और देश का सौहार्द फिर से खिलखिलाए, देश की तरक्की और ख़ुशहाली फिर से मुस्कुराए.'

अखिलेश यादव और राहुल-प्रियंका ही तय करेंगे गठबंधन
माना जा रहा है कि यूपी में अक्टूबर से दिसंबर के बीच में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन की सीटें तय हो सकती हैं. सूत्रों के मुताबिक दोनों ही पार्टियों के नेता भले ही सीटों और गठबंधन को लेकर बयानबाजी कर रहे हैं, लेकिन सीटों को लेकर आखिरी फैसला अखिलेश यादव, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की तरफ से ही तय किया जाएगा. लेकिन इस बीच अखिलेश की पोस्ट से यह संकेत मिल चुके हैं सीट जीतना सबसे ज्यादा अहम है. यानि दोनों दलों में सबसे ज्यादा मंथन इसी पर हो सकता है कि कौन सी सीट पर कांग्रेस मजबूत है और कहां सपा को जीत मिल सकती है.
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दरअसल, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन में लगातार उठापठक देखने को मिलती रही है. 2017 में दोनों दलों ने साथ चुनाव लड़ा था. तब सपा 300 सीटों पर लड़ी थी, जबकि कांग्रेस 100 सीटों पर लड़ी थी. कांग्रेस ने उस चुनाव में 7 सीटें जीती थी. वहीं 2022 में दोनों दल अलग-अलग लड़े थे, जहां नतीजों में कांग्रेस को केवल 2 ही सीटें मिली थी. 2019 का चुनाव भी दोनों दलों ने अलग-अलग लड़ा था. कांग्रेस केवल रायबरेली सीट पर जीती थी. लेकिन 2024 का लोकसभा चुनाव फिर से दोनों दलों ने साथ लड़ा था. जिसमें सपा 80 में से 37 सीटें जीती और कांग्रेस ने भी 7 सीटों पर जीत हासिल की थी. ऐसे में फिर से गठबंधन की अटकलें चल रही हैं, लेकिन सीट बंटवारें को लेकर पेंच फंसा हुआ है.
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