बुलंदशहर में पुलिस अफसर सुबोध सिंह की हत्या का मामला : SC ने आरोपी की जमानत रद्द की

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में पुलिस अफसर सुबोध सिंह की पीट-पीट कर हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी योगेश राज की जमानत रद्द कर दी है. सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के जमानत के फैसले पर रोक लगा दी है और आरोपी को सात दिनों के भीतर सरेंडर करने के आदेश दिए हैं.

बुलंदशहर में पुलिस अफसर सुबोध सिंह की हत्या का मामला : SC ने आरोपी की जमानत रद्द की

अदालत ने कहा कि योगेश राज को सात दिनों की अवधि के भीतर आत्मसमर्पण करने के लिए कहा जाना चाहिए

नई दिल्‍ली:

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में पुलिस अफसर सुबोध सिंह की पीट-पीट कर हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी योगेश राज की जमानत रद्द कर दी है. सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के जमानत के फैसले पर रोक लगा दी है और आरोपी को सात दिनों के भीतर सरेंडर करने के आदेश दिए हैं. जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस एम एम सुंदरेश ने आदेश में कहा, 'मामला काफी गंभीर है, जहां गोहत्या के बहाने एक पुलिस अधिकारी की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई है. प्रथम दृष्टया यह उन लोगों का मामला है जो कानून अपने हाथ में ले रहे हैं.' अदालत ने कहा कि हमारा विचार है कि योगेशराज को आज से सात दिनों की अवधि के भीतर आत्मसमर्पण करने के लिए कहा जाना चाहिए और इस प्रकार उस सीमा तक जमानत देने वाले आदेश पर रोक लगाई जाती है.

सुप्रीम कोर्ट ने बुलंदशहर की ट्रायल कोर्ट से भी पूछा है कि उसको इस मामले में आरोप तय करने और स्वतंत्र गवाहों की गवाही रिकॉर्ड करने में कितना वक्त लगेगा. सुप्रीम कोर्ट मामले की सुनवाई तीन हफ्ते बाद करेगा. बजरंग दल स्याना इकाई के संयोजक योगेश राज और स्याना में भाजपा की युवा शाखा के पूर्व अध्यक्ष शिखर अग्रवाल को कई अन्य लोगों के साथ, दिसंबर 2021 में इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा जमानत दी गई थी.

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3 दिसंबर, 2018 को बुलंदशहर एसएचओ सुबोध सिंह पर हमला किया गया. महाव गांव के एक खेत में कथित गाय के शव पाए जाने पर पुलिस चौकी पर दक्षिणपंथी समूहों द्वारा हमला किया गया था. विरोध के बाद भीड़ द्वारा उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. सिंह की पत्नी ने दिसंबर में शीर्ष अदालत का रुख किया था. उनकी याचिका में कहा गया था कि पुलिस घटना में अपने पैर खींच रही है.