
शिलांग / कोहिमा:
उग्रवादियों द्वारा सात जिलों में बंद के आह्वान के बावजूद 60 सदस्यों वाली मेघालय विधानसभा के लिए हो रहे चुनाव में 15 लाख से अधिक मतदाताओं में से 51 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान के पहले पांच घंटे में अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
मुख्य चुनाव अधिकारी पी नाइक ने कहा कि प्रतिबंधित संगठन हिनेवट्रेप नेशनल लिबरेशन काउंसिल द्वारा सात जिलों में शुक्रवार शाम छह बजे से आहूत बंद के बावजूद खासी जैन्तिया हिल्स इलाके में मतदान अधिक तेज था। सुबह सात बजे मतदान शुरू होने से पहले बड़ी संख्या में मतदाताओं को पंक्तियों में खड़े देखा गया। इनमें अधिकतर महिलाएं शामिल थीं।
उग्रवाद प्रभावित गारो हिल्स और अंतरराष्ट्रीय एवं अंतरराज्यीय सीमाओं से लगे इलाकों में अति संवेदनशील के रूप में वगीकृत 900 मतदान केंद्रों में सुरक्षा बलों की कड़ी चौकसी के बीच मतदान शांतिपूर्ण रहा। बंद को देखते हुए सरकार ने राजधानी और पूर्वी खासी हिल्स जिले में मतदाताओं की सहूलियत के लिए लगभग 100 सार्वजनिक परिवहन वाहन तैनात किए।
नगालैंड में पहले तीन घंटे में करीब 30 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। त्वनेसांग सदर सीट से कांग्रेस उम्मीदवार पी चूबा चांग के निधन होने के कारण 59 सीटों पर ही चुनाव हो रहा है। चुनाव आयोग ने अगली तारीख तक के लिए वहां चुनाव टाल दिया है। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लोगों की लंबी कतारें देखी गईं।
मेघालय में चुनावी मैदान में जाने-पहचाने चेहरों में मुख्यमंत्री मुकुल संगमा, गृहमंत्री एचडी आर लिंगदोह, शिक्षा मंत्री आरसी लालू, राज्य कांग्रेस अध्यक्ष डीडी लपांग, यूडीपी अध्यक्ष डान कूपर राय, पीए संगमा के बेटे कोनराड के संगमा और उनके भाई जेम्स संगमा हैं।
कांग्रेस ने सभी 60 सीटों पर अपना उम्मीदवार उतारा है, वहीं यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी 50 सीटों पर अपना भाग्य आजमा रही है। पीए संगमा के नेतृत्व वाली नेशनल पीपुल्स पार्टी 32 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि एनसीपी 21 और बीजेपी ने 13 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं।
कुल उम्मीदवारों में 25 महिलाएं हैं। 2,845 मतदान केंद्रों में से 900 को अतिसंवेदनशील घोषित किया गया है। असम से लगी अंतरराज्यीय सीमा और अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब स्थित मतदान केंद्रों को भी अंतिसंवेदनशील माना गया है।
वहीं, नगालैंड विधानसभा की 60 सीटों के लिए चुनाव मैदान में कुल 188 उम्मीदवार हैं और 11.93 लाख मतदाता हैं। नामी गिरामी उम्मीदवारों में जिनके भाग्य का फैसला होना है, उसमें उत्तरी अंगामी द्वितीय से मुख्यमंत्री नेफ्यू रिओ, पश्चिमी अंगामी से विधानसभाध्यक्ष कियानीली पेसेयी, दीमापुर तृतीय से विपक्ष के नेता तोकेहो येप्तहोमी, दीमापुर द्वितीय से राज्य कांग्रेस अध्यक्ष एस आई जमीर और कोरिदांग से पूर्व गृहमंत्री इमकोंग एल इमचान हैं।
मैदान में कुल 39 निर्दलीय और दो महिलाएं हैं। सत्तारूढ़ नगा पीपुल्स फ्रंट एकमात्र ऐसी पार्टी है, जो सभी 60 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। विपक्षी कांग्रेस 57 सीटों पर और इसके बाद एनसीपी ने 15, बीजेपी ने 11 और जेडीयू ने तीन और आरजेडी ने दो सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। यूनाइटेड नगालैंड डेमोक्रेटिक पार्टी ने भी एक सीट पर अपना उम्मीदवार उतारा है। 2,023 मतदान केंद्रों में से 821 की पहचान संवेदनशील और 662 की पहचान अतिसंवेदनशील केंद्रों के तौर पर की गई है।
मुख्य चुनाव अधिकारी पी नाइक ने कहा कि प्रतिबंधित संगठन हिनेवट्रेप नेशनल लिबरेशन काउंसिल द्वारा सात जिलों में शुक्रवार शाम छह बजे से आहूत बंद के बावजूद खासी जैन्तिया हिल्स इलाके में मतदान अधिक तेज था। सुबह सात बजे मतदान शुरू होने से पहले बड़ी संख्या में मतदाताओं को पंक्तियों में खड़े देखा गया। इनमें अधिकतर महिलाएं शामिल थीं।
उग्रवाद प्रभावित गारो हिल्स और अंतरराष्ट्रीय एवं अंतरराज्यीय सीमाओं से लगे इलाकों में अति संवेदनशील के रूप में वगीकृत 900 मतदान केंद्रों में सुरक्षा बलों की कड़ी चौकसी के बीच मतदान शांतिपूर्ण रहा। बंद को देखते हुए सरकार ने राजधानी और पूर्वी खासी हिल्स जिले में मतदाताओं की सहूलियत के लिए लगभग 100 सार्वजनिक परिवहन वाहन तैनात किए।
नगालैंड में पहले तीन घंटे में करीब 30 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। त्वनेसांग सदर सीट से कांग्रेस उम्मीदवार पी चूबा चांग के निधन होने के कारण 59 सीटों पर ही चुनाव हो रहा है। चुनाव आयोग ने अगली तारीख तक के लिए वहां चुनाव टाल दिया है। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर लोगों की लंबी कतारें देखी गईं।
मेघालय में चुनावी मैदान में जाने-पहचाने चेहरों में मुख्यमंत्री मुकुल संगमा, गृहमंत्री एचडी आर लिंगदोह, शिक्षा मंत्री आरसी लालू, राज्य कांग्रेस अध्यक्ष डीडी लपांग, यूडीपी अध्यक्ष डान कूपर राय, पीए संगमा के बेटे कोनराड के संगमा और उनके भाई जेम्स संगमा हैं।
कांग्रेस ने सभी 60 सीटों पर अपना उम्मीदवार उतारा है, वहीं यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी 50 सीटों पर अपना भाग्य आजमा रही है। पीए संगमा के नेतृत्व वाली नेशनल पीपुल्स पार्टी 32 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि एनसीपी 21 और बीजेपी ने 13 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं।
कुल उम्मीदवारों में 25 महिलाएं हैं। 2,845 मतदान केंद्रों में से 900 को अतिसंवेदनशील घोषित किया गया है। असम से लगी अंतरराज्यीय सीमा और अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब स्थित मतदान केंद्रों को भी अंतिसंवेदनशील माना गया है।
वहीं, नगालैंड विधानसभा की 60 सीटों के लिए चुनाव मैदान में कुल 188 उम्मीदवार हैं और 11.93 लाख मतदाता हैं। नामी गिरामी उम्मीदवारों में जिनके भाग्य का फैसला होना है, उसमें उत्तरी अंगामी द्वितीय से मुख्यमंत्री नेफ्यू रिओ, पश्चिमी अंगामी से विधानसभाध्यक्ष कियानीली पेसेयी, दीमापुर तृतीय से विपक्ष के नेता तोकेहो येप्तहोमी, दीमापुर द्वितीय से राज्य कांग्रेस अध्यक्ष एस आई जमीर और कोरिदांग से पूर्व गृहमंत्री इमकोंग एल इमचान हैं।
मैदान में कुल 39 निर्दलीय और दो महिलाएं हैं। सत्तारूढ़ नगा पीपुल्स फ्रंट एकमात्र ऐसी पार्टी है, जो सभी 60 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। विपक्षी कांग्रेस 57 सीटों पर और इसके बाद एनसीपी ने 15, बीजेपी ने 11 और जेडीयू ने तीन और आरजेडी ने दो सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। यूनाइटेड नगालैंड डेमोक्रेटिक पार्टी ने भी एक सीट पर अपना उम्मीदवार उतारा है। 2,023 मतदान केंद्रों में से 821 की पहचान संवेदनशील और 662 की पहचान अतिसंवेदनशील केंद्रों के तौर पर की गई है।
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