
सुशील कुमार मोदी (फाइल फोटो)
पटना:
बिहार में प्रमुख विपक्षी पार्टी बीजेपी ने राज्य की नौकरियों में तथा व्यवसायिक महाविद्यालयों में 80 प्रतिशत का आरक्षण संबंधी आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद का समर्थन किया और कहा कि हालांकि इस दिशा में 'बयानबाजी' के अलावा कोई ठोस कार्य नहीं किया जा रहा है.
बिहार विधान परिषद स्थित अपने कक्ष में सोमवार को पटना में पत्रकारों से नेता प्रतिपक्ष सुशील कुमार मोदी ने कहा कि आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद की मांग कि राज्य के व्यावसायिक संस्थानों में तथा प्रदेश की नौकरियों में 80 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया जाए, जिसका मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा सैद्धांतिक तौर पर समर्थन किया गया है. बीजेपी भी इसका समर्थन करती है पर ऐसा प्रतीत होता है कि नीतीश कुमार और लालू प्रसाद राजनीतिक लाभ के लिए केवल 'बयानबाजी' करते हैं. इस दिशा में कोई ठोस कार्य नहीं किया जा रहा है.
बिहार विधान परिषद में सोमवार को इस मामले को बीजेपी सदस्य रजनीश कुमार द्वारा लाए गए एक कार्यस्थगन प्रस्ताव पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मंगल पाण्डेय ने भी इसे उठाया. इस मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हस्तक्षेप करने की बात पर सुशील मोदी ने कहा कि देश के अन्य राज्यों में भी लागू इस मामले में केंद्र सकार का कोई सरोकार नहीं, इसलिए उसके द्वारा हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं.
सुशील के यह आरोप लगाया कि यूजीसी के दिर्शानिर्देशों को बिहार में लागू नहीं किए जाने के कारण यहां के 2009 के पूर्व 34 हजार पीएचडी डिग्री पाने वालों को सहायक व्याख्याता की बहाली में अवसर प्राप्त नहीं हो पाएगा.
उन्होंने कहा कि राज्य के शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने गत मार्च महीने में ही यूजीसी के दिशा-निर्देशों को लागू किए जाने का आश्वासन दिया था, पर सरकार की उदासीनता के कारण आज बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा इसको लेकर इंटरव्यू लिया जा रहा है, जिसमें 80 प्रतिशत उम्मीदवार अन्य प्रदेशों के हैं.
सुशील मोदी ने बीपीएससी द्वारा लिए जा रहे इंटरव्यू को रोके जाने तथा बिहार के अभ्यर्थियों को इसका लाभ पहुंचाने के लिए यूजीसी के दिशानिर्देशों को लागू किए जाने की मांग की.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बिहार विधान परिषद स्थित अपने कक्ष में सोमवार को पटना में पत्रकारों से नेता प्रतिपक्ष सुशील कुमार मोदी ने कहा कि आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद की मांग कि राज्य के व्यावसायिक संस्थानों में तथा प्रदेश की नौकरियों में 80 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया जाए, जिसका मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा सैद्धांतिक तौर पर समर्थन किया गया है. बीजेपी भी इसका समर्थन करती है पर ऐसा प्रतीत होता है कि नीतीश कुमार और लालू प्रसाद राजनीतिक लाभ के लिए केवल 'बयानबाजी' करते हैं. इस दिशा में कोई ठोस कार्य नहीं किया जा रहा है.
बिहार विधान परिषद में सोमवार को इस मामले को बीजेपी सदस्य रजनीश कुमार द्वारा लाए गए एक कार्यस्थगन प्रस्ताव पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मंगल पाण्डेय ने भी इसे उठाया. इस मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हस्तक्षेप करने की बात पर सुशील मोदी ने कहा कि देश के अन्य राज्यों में भी लागू इस मामले में केंद्र सकार का कोई सरोकार नहीं, इसलिए उसके द्वारा हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं.
सुशील के यह आरोप लगाया कि यूजीसी के दिर्शानिर्देशों को बिहार में लागू नहीं किए जाने के कारण यहां के 2009 के पूर्व 34 हजार पीएचडी डिग्री पाने वालों को सहायक व्याख्याता की बहाली में अवसर प्राप्त नहीं हो पाएगा.
उन्होंने कहा कि राज्य के शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने गत मार्च महीने में ही यूजीसी के दिशा-निर्देशों को लागू किए जाने का आश्वासन दिया था, पर सरकार की उदासीनता के कारण आज बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा इसको लेकर इंटरव्यू लिया जा रहा है, जिसमें 80 प्रतिशत उम्मीदवार अन्य प्रदेशों के हैं.
सुशील मोदी ने बीपीएससी द्वारा लिए जा रहे इंटरव्यू को रोके जाने तथा बिहार के अभ्यर्थियों को इसका लाभ पहुंचाने के लिए यूजीसी के दिशानिर्देशों को लागू किए जाने की मांग की.
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