विज्ञापन
This Article is From Dec 16, 2018

तीन राज्यों में बीजेपी की हार पर बोले पार्टी नेता- कुछ लोग पार्टी में तानाशाह हो गए थे, प्रभु सद्‌बुद्धि दें

राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों में बीजेपी की हार पर यूपी के वरिष्ठ नेता आईपी सिंह ने कुछ पार्टी नेताओं को तानाशाह बताते हुए कहा- प्रभु उन्हें सद्बुद्धि दें.

तीन राज्यों में बीजेपी की हार पर बोले पार्टी नेता- कुछ लोग पार्टी में तानाशाह हो गए थे, प्रभु सद्‌बुद्धि दें
बीजेपी के झंडे के साथ पार्टी समर्थक.(फाइल फोटो)
नई दिल्ली: विधानसभा चुनाव में हिंदी बेल्ट के तीन प्रमुख राज्यों में पार्टी की हार पर कई बीजेपी नेता मुखर हो चले हैं. वह खुलकर विरोध जता रहे हैं. पार्टी नेताओं, उनके फैसलों और नीतियों पर भड़ास निकालने के लिए सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं. बीजेपी के वरिष्ठ नेता और यूपी सरकार में पूर्व दर्जा राज्य मंत्री रहे आईपी सिंह ने पार्टी के नेताओं को तानाशाह करार दिया है.फेसबुक पर लिखा एक पोस्ट पार्टी के लोगों के बीच चर्चा का विषय बना है.आईपी सिंह ने जिस दिन विधानसभा चुनाव के नतीजे आए थे, उस दिन फेसबुक पोस्ट में लिखा-जिसका अंदेशा था आखिर में वही हुआ. कुछ लोग पार्टी में तानाशाह हो गए थे. प्रभु उन्हें सद्बुद्धि दे. अब आईपी सिंह ने बीजेपी के किन नेताओं को तानाशाह करार दिया है, इसको लेकर लोग अटकलें लगा रहे हैं. कोई राज्यों के नेतृत्व की तरफ संकेत मान रहा है तो कोई शीर्ष नेतृत्व की तरफ. यूपी में आईपी सिंह काफी मुखर नेताओं में माने जाते हैं. जो कई बार पार्टी के फैसलों पर सवाल उठाते रहे हैं.

इससे पहले जब एनआरएचएम घोटाले के आरोपी बाबू सिंह कुशवाहा को बीजेपी में लिए जाने पर उन्होंने जनवरी, 2012 में तीखा विरोध जताया था तो पार्टी ने उन्हें बीजेपी की राज्य कार्यकारिणी से कुछ समय के लिए निलंबित कर दिया था. यह कार्रवाई तत्कालीन यूपी बीजेपी अध्यक्ष सूर्यप्रताप शाही ने की थी. दरअसल, आईपी सिंह ने कहा था, ‘मायावती के पूर्व करीबी रहे बाबू सिंह कुशवाहा भ्रष्ट व्यक्ति हैं,  उन्होंने भ्रष्टाचार के कीर्तिमान बनाए .  कुशवाहा को पार्टी से फौरन निकाला जाना चाहिये. पार्टी कार्यकर्ता ऐसे किसी दागी को दल में कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे.' यहां तक कि उन्होंने भाजपा के तत्कालीन उत्तर प्रदेश अध्यक्ष सूर्य प्रताप शाही को भी पद से हटाने की मांग की थी. हालांकि बाद में आईपी सिंह की पार्टी में वापसी हुई थी. बीजेपी के कुछ नेता मानते हैं कि पार्टी के गलत फैसलों की वजह से ही 2012 में बीजेपी की करारी हार हुई थी. इस लिहाज से आईपी सिंह की नसीहतों पर उस वक्त गौर किया जाना चाहिए था. टीवी चैनलों पर भी आईपी सिंह बतौर प्रवक्ता कई बार पार्टी का पक्ष रखते हुए देखे जा सकते हैं. 
 
24u3vbeg

विधानसभा चुनावों में बीजेपी की हार पर यूपी के पार्टी नेता आईपी सिंह ने कुछ यूं फेसबुक पर लिखा.


किस राज्य में बीजेपी को कितनी सीटें
मध्य प्रदेश में कांग्रेस को 114, बीजेपी को 109, बीएसपी को दो और अन्य को पांच सीटें मिलीं. राजस्थान में कांग्रेस को 100, बीजेपी को 73, बीएसपी को छह और अन्य को 20 सीटें मिलीं. जबकि छत्तीसगढ़ में और करारी हार का सामना करना पड़ा. जब 90 में से कांग्रेस ने 68 सीटें झटक लीं, जबकि बीजेपी को सिर्फ 15 विधानसभा सीटों से संतोष करना पड़ा. बसपा व अजित  जोगी की पार्टी के गठबंधन  को सात सीटें मिलीं. आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देजनर बीजेपी के लिए हिंदी बेल्ट के इन तीन प्रमुख राज्यों में हार को झटका माना जा रहा है. इससे पहले भी एक बीजेपी नेता व सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्निनी उपाध्याय बीजेपी की हार पर खुलकर विचार व्यक्त कर चुके हैं. उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान का पार्टी का मेनिफेस्टो निकालकर पीएम मोदी को ट्वीट कर हार के पीछे इसका हाथ होने का संकेत किया था. कहा था कि बीजेपी पुराने वादों को ही पूरा कर देती तो ये हश्र न होता. 
पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
BJP, Bjp Latest News, BJP Defeat, Amit Shah, Narendra Modi
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com