हिंदू धर्म में अहोई अष्टमी के व्रत का खास महत्व माना जाता है. ये व्रत माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और खुशहाल जीवन की कामना करते हुए रखती हैं. हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को अहोई अष्टमी का व्रत रखा जाता है. पंचांग के अनुसार, इस साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 1 नवंबर को दोपहर 2 बजकर 51 मिनट पर शुरू होगी. वहीं, इसका समापन 2 नवंबर 2026 को दोपहर 1 बजकर 10 मिनट पर होगा. उदयातिथि के अनुसार, अहोई अष्टमी का व्रत 1 नवंबर को रखा जाएगा. खास बात यह है कि इस दिन रवि पुष्य नक्षत्र का भी संयोग बन रहा है. ऐसे में एस्ट्रोलॉजर साक्षी ठाकुर ने माताओं को पूजा के साथ बच्चों की नजर उतारने का एक खास उपाय भी बताया है. आइए जानते हैं इसके बारे में-
अहोई अष्टमी के दिन जरूर करें ये उपाय
एस्ट्रोलॉजर साक्षी ठाकुर ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में वे बताती हैं, अहोई अष्टमी के दिन माताएं सुबह स्नान करके व्रत का संकल्प लेती हैं. इसके बाद अहोई माता की पूजा की जाती है. शाम के समय अहोई माता की कथा सुनी जाती है, इसके बाद तारों को अर्घ्य देकर व्रत खोला जाता है. मान्यता है कि इस तरह पूजा करने से संतान पर अहोई माता का आशीर्वाद बना रहता है.
एस्ट्रोलॉजर आगे कहती हैं, अहोई अष्टमी के दिन माताओं को व्रत रखने के साथ अपने बच्चों की नजर भी उतारनी चाहिए. इसके लिए-
- सबसे पहले रुई की एक बत्ती लें और उसे सरसों के तेल में अच्छी तरह भिगो दें.
- इसके बाद इस बत्ती को बच्चे के सिर के ऊपर से सात बार उल्टी दिशा यानी एंटी क्लॉकवाइज घुमाएं.
- ऐसा करने के बाद बत्ती को सुरक्षित जगह पर रखकर जला दें.
साक्षी ठाकुर बताती हैं, इस उपाय को करने से बच्चे की नजर उतर जाती है और उसे नकारात्मक प्रभावों से बचाने में मदद मिलती है. ऐसे में इस अहोई आप भी ये उपाय जरूर करें.
यहां देखें वीडियो-
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
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