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आश्विन पूर्णिमा कब है? गंगा स्नान का सही समय और दान का मुहूर्त

आश्विन पूर्णिमा हर साल आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है. आश्विन पूर्णिमा के दिन श्रद्धालु व्रत रखकर सत्यनारायण भगवान, माता लक्ष्मी और चंद्रमा की पूजा की करते हैं.

आश्विन पूर्णिमा कब है? गंगा स्नान का सही समय और दान का मुहूर्त
आश्विन पूर्णिमा
file photo

हिंदू धर्म में पूर्णिमा का खास महत्व माना जाता है. आश्विन पूर्णिमा हर साल आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है. आश्विन पूर्णिमा के दिन श्रद्धालु व्रत रखकर सत्यनारायण भगवान, माता लक्ष्मी और चंद्रमा की पूजा करते हैं. इससे परिवार में सुख, शांति, धन, संपत्ति और वैभव की प्राप्ति होती है. अश्विन पूर्णिमा का स्नान और दान सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा. यहां जानिए आश्विन पूर्णिमा पर गंगा स्नान का सही समय और स्नान-दान का मुहूर्त.

आश्विन पूर्णिमा कब है?

पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि 25 अक्टूबर, रविवार को सुबह 11:55 बजे शुरू होगी और 26 अक्टूबर को सुबह 9:41 बजे समाप्त हो जाएगी. इस दिन सुबह में उठकर स्नान और दान करने से पाप मिटते हैं और पुण्य मिलता है.

अश्विन पूर्णिमा स्नान-दान मुहूर्त

  • पूर्णिमा व्रत- 25 अक्टूबर 2026, रविवार
  • पूर्णिमा तिथि प्रारंभ- 25 अक्टूबर 2026 को सुबह 11:55 बजे
  • पूर्णिमा तिथि समाप्त- 26 अक्टूबर 2026 को सुबह 9:41 बजे
  • स्नान-दान के लिए ब्रह्म मुहूर्त- 26 अक्टूबर 2026 को सुबह 4:46 बजे से 5:38 बजे तक

अश्विन पूर्णिमा पर गंगा स्नान का समय

पूर्णिमा के दिन गंगा और अन्य पवित्र नदियों में स्नान करने तथा दान-पुण्य करने की परंपरा है. अश्विन पूर्णिमा पर गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालु 26 अक्टूबर 2026, सोमवार की सुबह स्नान कर सकते हैं. अगर, आप इस गंगा जी तक नहीं पहुंच सकते हैं, तो वे घर पर स्नान करके मां गंगा का स्मरण करें. इसके अलावा श्रद्धा के अनुसार पूजा, दान और अन्य धार्मिक कार्य कर सकते हैं.

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चंद्रदेव को अर्घ्य देने का समय

पूर्णिमा पर शाम 4 बजकर 55 मिनट के बाद चंद्रदेव को अर्घ्य दिया जा सकता है. पूर्णिमा के दिन चंद्रोदय शाम 4 बजकर 46 मिनट पर होगा. हालांकि, अलग-अलग शहरों और स्थानों के अनुसार चंद्रमा दिखाई देने के समय में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चंद्रमा को अर्घ्य देने से मानसिक शांति और सुख-समृद्धि की कामना की जाती है. इसे चंद्र दोष की शांति के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है.

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