
दिल्ली विधानसभा चुनावों के लिए आज जारी बीजेपी के विजन डॉक्यूमेंट में राष्ट्रीय राजधानी में रहने वाले पूर्वोत्तर के लोगों को 'प्रवासी' (इमिग्रेंट्स) लिखे जाने से विवाद खड़ा हो गया है और कांग्रेस ने बीजेपी से माफी मांगने और शब्दों को हटाने की मांग की है।
बीजेपी की ओर से आज जारी 24 पन्नों के दस्तावेज में दिल्ली को विश्वस्तरीय शहर बनाने की दिशा में आगे बढ़ने का खाका और जनता के कल्याण के लिए उठाए जाने वाले कदमों का जिक्र किया गया है। इसमें एक स्थान पर लिखा है कि पूर्वोत्तर के प्रवासियों (इमिग्रेंट्स फ्रॉम नॉर्थ-ईस्ट) को संरक्षण प्रदान किया जाएगा। इसमें पूर्वोत्तर के 'प्रवासियों' के संरक्षण के लिए सभी थानों में विशेष प्रकोष्ठ और 24 घंटे का हेल्पलाइन नंबर देने की बात की गई है।
इस पर तुरत फुरत प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के नेता अजय माकन ने कहा, 'क्या भाजपा यह कहने का प्रयास कर रही है कि पूर्वोत्तर के लोग भारतीय नागरिक नहीं हैं।' उन्होंने कहा, 'भाजपा के विजन डॉक्यूमेंट में एक बिंदु है 'पूर्वोत्तर के प्रवासियों का संरक्षण किया जाएगा।' इमिग्रेंट (प्रवासी) शब्द का इस्तेमाल तब किया जाता है जब लोग एक देश से दूसरे देश में जाते हैं।
माकन ने कहा, 'हम मांग करते हैं कि वे इस पंक्ति को अपने घोषणापत्र से हटाएं और जनता से माफी मांगें।' उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के लोगों के लिए इस तरह के शब्द के साथ यह दस्तावेज ऐसे समय में जारी किया गया है जब विदेशमंत्री सुषमा स्वराज चीन यात्रा पर हैं।
माकन ने कहा, 'अगर सत्तारूढ़ पार्टी अपने घोषणापत्र में इस तरह की चीजें कह रही है तो सुषमा स्वराज किस आधार पर चीन से इस बारे में बात कर रहीं हैं कि किस तरह उसके बल अरुणाचल प्रदेश और अन्य क्षेत्रों में घुसते हैं। हमें यह समझने की जरूरत है।'
वहीं अरुणाचल से केंद्रीय मंत्री किरण रिजूजू ने कहा, 'यह कर्लकियल गलती थी और हम इस गलती को सुधारेंगे।'
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