
भारतीय जनता पार्टी के संसदीय बोर्ड की बैठक में नेता चुने जाने के बाद नरेंद्र मोदी ने पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी द्वारा कहे गए 'कृपा' शब्द का जैसे ही उद्धरण किया, वह भावुक हो गए और कुछ पलों के लिए बोलने में असमर्थ रहे, जिसके बाद उन्होंने आडवाणी से आग्रह किया कि वह 'कृपा' शब्द का प्रयोग न करें।
नरेंद्र मोदी उस वक्त भावुक हो गए जब उन्होंने वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की बात का जवाब दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने (मोदी) चुनाव में पार्टी का नेतृत्व कर कृपा की है।
मोदी ने कहा, कृपया कर 'कृपा' शब्द का इस्तेमाल न करें। एक बेटा अपनी मां पर कृपा नहीं करता है। बेटा समर्पण के साथ काम करता है। मैं भाजपा को अपनी मां मानता हूं।
इससे पूर्व बीजेपी संसदीय दल का नेता चुने जाने के बाद नरेंद्र मोदी ने वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने मुझे जो भी काम दिया, मैंने उसे पूरा करने की कोशिश की।
सेंट्रल हॉल में मोदी ने कहा, चुनाव नतीजों का अलग तरीके से मूल्यांकन हो रहा है। उन्होंने कहा कि अगर जनता ने त्रिशंकु का विभाजित जनादेश दिया होता तो कह सकते थे कि ऐसा उसने गुस्से के कारण या शासन विरोधी जनादेश दिया है। लेकिन भाजपा को पूर्ण बहुमत का मतलब है कि लोगों ने आशा और विश्वास के पक्ष में मतदान किया है। यह आशा का चुनाव था। चुनाव प्रचार के दौरान ‘सबका साथ, सबका विकास’ के अपने नारे के संदर्भ में उन्होंने कहा, हम सबका विकास चाहते हैं। लेकिन इसके लिए सबका साथ भी उतना ही अनिवार्य है। इस मंत्र को लेकर हम चल रहे हैं।
मोदी ने कहा, आम जनता के मन में एक नई उम्मीद जगी है । इस चुनाव परिणाम का यह सबसे बड़ा महत्व है। आखिर में यह सरकार किसके लिए है? यह गरीब के लिए है। उन्होंने कहा, नई सरकार गरीबों, युवाओं और माताओं एवं बहनों की सुरक्षा तथा शोषित एवं वंचितों के लिए अपने आप को समर्पित करेगी। मोदी ने कहा कि भाजपा को पूर्ण बहुमत प्रदान कर जनता ने उम्मीद और विश्वास के लिए वोट किया है। जनता ने आशा और विश्वास के लिए वोट किया है। और हम उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सब कुछ करेंगे।
मोदी ने कहा कि 2019 में रिपोर्ट कार्ड के साथ एक बार फिर सांसदों से मिलेंगे। मेरी सरकार सिर्फ मेरे खुद के लिए नहीं है बल्कि पूरे देश के लिए है। सरकार गरीबों के लिए है और हम उनके लिए कुछ करना चाहते हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री एवं भाजपा नेता अटल बिहारी वाजपेयी का स्मरण करते हुए मोदी ने कहा कि अटल जी अस्वस्थ होने के कारण बैठक में नहीं आ सके हैं और अगर वह उपस्थित रहते तो सोने में सुहागा होता। उनका आर्शीवाद सदा बना रहा है और बना रहेगा। भाजपा नेताओं की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी का एक युग शुरू हुआ है क्योंकि जनता की उनसे अत्यधिक अपेक्षाएं हैं।
मोदी ने कहा कि मैं आशावादी व्यक्ति हूं। गुजरात में भूकंप आया, वह तीन साल में उठ खड़ा हुआ। आरोपों के आधार पर निराश मन को लेकर चलने की आवश्यकता नहीं है। यह देश जागरूक लोकतंत्र है।
मैं कभी यह सोच नहीं रखता था कि पुरानी सरकार ने कुछ नहीं किया। देश जब से आजाद हुआ तब से बहुत काम अच्छे भी हुए। वह सभी सरकारें बधाई के पात्र हैं। मोदी ने कहा कि 2019 में जब मिलेंगे, मैं फिर अपना रिपोर्ट कार्ड दूंगा। मैं अपने लिए नहीं, देश के लिए जीऊंगा।
देश के लोगों ने पूरा बहुमत दिया है ताकि विश्व पटल पर देश का सम्मान ऊंचा हो। मोदी ने कहा कि पार्टी ने वरिष्ठ नेताओं ने जब मुझे कांधे पर उठाया तभी मैं यहां पर पहुंच पाया हूं।
मोदी ने कहा कि पार्टी आज यहां पर है, क्योंकि पांच पीढ़ियों ने इसके लिए काम किया है। यह विजय उन सभी लोगों की है, लाखों कार्यकर्ताओं की है।
(इनपुट्स भाषा से भी)
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