
पश्चिम बंगाल में निर्वाचन प्राधिकारियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच पुलिस अधीक्षकों और एक जिला मजिस्ट्रेट को उनके खिलाफ शिकायतें मिलने के बाद चुनाव ड्यूटी से हटा दिया, जिससे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नाराज हो गईं और आयोग के आदेश को मानने से इनकार कर दिया। उधर विपक्ष ने उनके इस रवैये की आलोचना की है।
नाराज ममता ने कहा कि जब तक वह मुख्यमंत्री हैं, तब तक किसी भी अधिकारी का तबादला नहीं होगा। उन्होंने चुनाव पैनल को अपने खिलाफ कार्रवाई की चुनौती देते हुए कहा कि वह गिरफ्तार होने और जेल जाने के लिए तैयार हैं।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सुनील गुप्ता ने बताया ‘चुनाव आयोग ने पांच पुलिस अधीक्षकों और एक जिला मजिस्ट्रेट को उनके खिलाफ शिकायतें मिलने के बाद चुनाव ड्यूटी से हटा दिया है’। गुप्ता ने कहा कि चुनाव ड्यूटी से हटाए गए पुलिस अधीक्षकों में आरके यादव (माल्दा), हुमायूं कबीर (मुर्शिदाबाद), एसएमएच मिर्जा (बर्दवान), भारती घोष (पश्चिम मिदनापुर और झाड़ग्राम) और उत्तर 24 परगना के डीएम संजय बंसल शामिल हैं।
चुनाव आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव संजय मित्रा से आदेश को तत्काल कार्यान्वित करने के लिए कहा है। आयोग ने यह भी आदेश दिया है कि राज्य सरकार उसे (आयोग को) आवश्यक सूचना दे कर, हटाए गए अधिकारियों को गैर चुनाव संबंधी पदों में नियुक्ति दे सकती है।
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