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NDA की पढ़ाई पुणे में, लेकिन डिग्री JNU से क्यों मिलती है? जानिए पूरा सिस्टम

Why NDA Cadets Get JNU Degree : NDA में तीन साल की ट्रेनिंग और पढ़ाई करने वाले कैडेट्स को डिग्री JNU के नाम से मिलती है. आखिर ऐसा क्यों होता है और इसके पीछे क्या व्यवस्था है, यह सवाल अक्सर लोगों के मन में उठता है.

NDA की पढ़ाई पुणे में, लेकिन डिग्री JNU से क्यों मिलती है? जानिए पूरा सिस्टम
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Why NDA Cadets Get JNU Degree: जब भी NDA की बात होती है, लोगों के मन में परेड, फौजी ट्रेनिंग और सेना के अफसर बनने की तस्वीर उभरती है. लेकिन NDA से जुड़ा एक सवाल ऐसा भी है, जो अक्सर लोगों को हैरान कर देता है. बहुत से लोग यह सुनकर कन्फ्यूज हो जाते हैं कि NDA में पढ़ाई करने वाले कैडेट्स को डिग्री JNU देती है. आखिर जब ट्रेनिंग से लेकर पढ़ाई तक सब कुछ पुणे में होता है, तो फिर सर्टिफिकेट पर JNU का नाम कैसे आ जाता है? इसके पीछे की वजह भारत के यूनिवर्सिटी सिस्टम से जुड़ी हुई है. आइए इसे समझते हैं-

NDA खुद डिग्री क्यों नहीं देती?

NDA एक मिलिट्री ट्रेनिंग एकेडमी है, लेकिन यह यूनिवर्सिटी नहीं है. भारत में डिग्री देने का अधिकार केवल मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या ऐसे संस्थानों को होता है जिन्हें इसके लिए कानूनी मंजूरी मिली हो. इसी वजह से NDA की पढ़ाई को JNU से मान्यता मिली हुई है. यानी कैडेट्स पढ़ाई और ट्रेनिंग NDA में करते हैं, लेकिन डिग्री JNU के नाम से जारी की जाती है. NDA और JNU का ये रिश्ता 1973 में शुरू हुआ था. यानी 1974 में पहली बार NDA कैडेट्स को JNU की डिग्री दी गई. तभी से यह व्यवस्था लगातार जारी है.

NDA  का मतलब सिर्फ फौजी ट्रेनिंग नहीं

बहुत से लोग सोचते हैं कि NDA में सिर्फ हथियार चलाना, परेड करना और मिलिट्री ट्रेनिंग दी जाती है. लेकिन यहां ग्रेजुएशन लेवल की पढ़ाई भी होती है. NDA का कोर्स तीन साल का होता है और यह छह टर्म में पूरा किया जाता है. इस दौरान पढ़ाई और ट्रेनिंग दोनों साथ-साथ चलती हैं. NDA में आर्मी, नेवी और एयर फोर्स के कैडेट्स आर्ट्स, साइंस और कंप्यूटर साइंस जैसे कोर्स पढ़ते हैं. इसके बाद आर्मी कैडेट्स IMA में आगे की ट्रेनिंग के लिए जाते हैं, जबकि नेवी और एयर फोर्स के कई टेक्निकल कैडेट्स अपनी-अपनी अकादमियों में एडिशनल ट्रेनिंग पूरी करने के बाद बीटेक डिग्री हासिल कर सकते हैं. तीन साल का कोर्स पूरा होने के बाद NDA में कॉन्वोकेशन आयोजित किया जाता है. हर साल सैकड़ों कैडेट्स इस प्रक्रिया के तहत ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करते हैं. 

नेवी और एयर फोर्स कैडेट्स का मामला थोड़ा अलग क्यों है?

आर्मी कैडेट्स को NDA में पढ़ाई पूरी करने के बाद सीधे ग्रेजुएशन की डिग्री मिल जाती है. लेकिन नेवी और एयर फोर्स के कई टेक्निकल कैडेट्स को आगे की ट्रेनिंग के लिए इंडियन नेवल एकेडमी या एयर फोर्स एकेडमी भेजा जाता है. टेक्निकल ब्रांच के कैडेट्स आगे चलकर बीटेक डिग्री हासिल करते हैं. सीधे शब्दों में कहें तो NDA वह जगह है जहां कैडेट्स पढ़ाई और फौजी ट्रेनिंग करते हैं, जबकि JNU वह यूनिवर्सिटी है जो इस पढ़ाई को मान्यता देकर डिग्री जारी करती है. यही वजह है कि पुणे में ट्रेनिंग पूरी करने वाले कैडेट्स के सर्टिफिकेट पर JNU का नाम लिखा होता है.

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