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JEE Main में फेल होने वाले छात्रों का क्या होगा? जानें किसे मिलेगा दूसरा मौका

क्या आप JEE Main परीक्षा में सफल नहीं हो पाए? घबराएं नहीं! जानें आपके पास साल के दूसरे सेशन, अन्य बड़ी इंजीनियरिंग परीक्षाओं (जैसे BITSAT, VITEEE) देकर अपने इंजीनियर बनने के सपने को पूरा कर सकते हैं.

JEE Main में फेल होने वाले छात्रों का क्या होगा? जानें किसे मिलेगा दूसरा मौका
अगर आपको लगता है कि इस बार तैयारी में थोड़ी कमी रह गई थी और आप बेहतर कर सकते हैं, तो आप एक साल का गैप (ड्रॉप) लेकर पूरी लगन से दोबारा तैयारी कर सकते हैं.

What to do if fail JEE Main : हर साल लाखों छात्र देश के सबसे बड़े इंजीनियरिंग कॉलेजों लेने के लिए JEE Main जैसी बड़ी परीक्षा देते हैं. लेकिन कड़े मुकाबले की वजह से कई छात्रों को इसमें सफलता नहीं मिल पाती. अगर आप भी उनमें से हैं, तो निराश होने जरूरत नहीं. इस परीक्षा में फेल होने का मतलब यह कतई नहीं है कि आपका इंजीनियर बनने या एक सफल करियर बनाने का सपना टूट गया है. आपके पास आगे बढ़ने और दूसरा मौका पाने के कई रास्ते खुले हैं. आइए जानते हैं कैसे.

किसे और कैसे मिलता है दूसरा मौका?

परीक्षा कराने वाली संस्था एनटीए (NTA) और सरकार ने छात्रों की सहूलियत के लिए कुछ बेहद खास नियम बनाए हैं:

एक ही साल में दो मौके

JEE Main परीक्षा साल में दो बार आयोजित की जाती है. अगर आपका पहला अटैंप्ट खराब हो जाता है या आप कटऑफ क्लियर नहीं कर पाते, तो आपके पास उसी साल अप्रैल में तुरंत दूसरा मौका होता है. सबसे अच्छी बात यह है कि एनटीए आपके दोनों पेपरों में से जिसमें ज्यादा नंबर होंगे, उसी को फाइनल मानेगी.

तीन साल का समय

आप 12वीं पास करने के बाद लगातार तीन साल तक यह परीक्षा दे सकते हैं. इस तरह आपको कुल 6 बार परीक्षा में बैठने का मौका मिलता है.

एडवांस्ड के लिए ध्यान दें

हां, यह सच है कि अगर आप JEE Main क्लियर नहीं कर पाते, तो आप IIT के लिए होने वाली JEE Advanced परीक्षा में नहीं बैठ सकते. एडवांस परीक्षा के लिए सिर्फ दो साल में दो ही मौके मिलते हैं.

अगर सफलता न मिले, तो आगे क्या करें?

अगर सारे प्रयासों के बाद भी JEE Main नहीं निकलता है, तो भी आपके पास ये बेहतरीन रास्ते खुले हैं. दूसरे कॉलेज की प्रवेश परीक्षाएं दें. देश में केवल IIT या NIT ही अच्छे कॉलेज नहीं हैं. आप प्राइवेट और राज्यों की बेहतरीन यूनिवर्सिटीज की परीक्षाएं दे सकते हैं, जैसे-

  1. BITSAT (बिट्स पिलानी के लिए)
  2. VITEEE (वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के लिए)
  3. SRMJEEE (एसआरएम यूनिवर्सिटी के लिए)
  4. राज्यों के सीईटी (CETs) (जैसे कर्नाटक का KCET आदि)

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